तेलंगाना

हैदराबाद में मेडिकल दुकानें बेखौफ होकर नियमों की धज्जियां उड़ा रही

Subhi
2 Nov 2026 8:53 AM IST
हैदराबाद में मेडिकल दुकानें बेखौफ होकर नियमों की धज्जियां उड़ा रही
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हैदराबाद: कई छापों के बाद अब यह बात आधिकारिक हो गई है! शहर में कई मेडिकल दुकानें बिना किसी योग्य फार्मासिस्ट के चल रही हैं। कुछ कारोबारी लाइसेंस खरीद लेते हैं और 'ड्रग्स (कंट्रोल) एक्ट, 1950' तथा इसके तहत बने नियमों का खुलेआम उल्लंघन करते हुए दुकानें चलाते हैं। कुछ दुकानों पर तो कर्मचारी बिना डॉक्टर के पर्चे (प्रिस्क्रिप्शन) के दवाएं बेच रहे थे, यहाँ तक कि प्रतिबंधित दवाएं भी बेची जा रही थीं।

TG SAFE कमिश्नर अविनाश मोहंती ने बताया कि वे नियमों और कानूनों का उल्लंघन करने वाली मेडिकल दुकानों पर कड़ी नज़र रख रहे हैं। उन्होंने मेडिकल दुकानों के सैकड़ों लाइसेंस निलंबित कर दिए हैं और कुछ दुकानों को दवा बेचने के दौरान सुरक्षा के तरीकों में सुधार करने का निर्देश दिया है।

अविनाश मोहंती ने कहा, "हमारा विशेष जोर 'ड्रग्स रूल्स, 1945' के तहत 'शेड्यूल H1' और 'शेड्यूल X' में आने वाली नशा पैदा करने वाली दवाओं की अंधाधुंध बिक्री को रोकने पर था। इसके लिए हमने 'डिकॉय ऑपरेशन' (नकली ग्राहक भेजकर जांच) और 'टेस्ट परचेज' (दवा खरीदकर जांच) का सहारा लिया। दुकान प्रबंधन बिना किसी डॉक्टर के पर्चे के ग्राहकों को कई दवाएं बेच रहे थे, जिनमें अल्प्राजोलम, ब्यूप्रेनॉर्फिन, क्लोर्डियाजेपॉक्साइड, कोडीन, डायजेपाम, नाइट्राजेपाम, पेंटाजोसिन, ट्रामाडोल, ज़ोलपिडेम, टैपेंटाडोल, प्रीगाबालिन, एमोबार्बिटल, ग्लूटेथिमाइड, पेंटोबार्बिटल, केटामाइन हाइड्रोक्लोराइड, एम्फेटामाइन, मेप्रोबामेट, फेनसाइक्लिडिन, बार्बिटल, मेथाम्फेटामाइन, फेनमेट्राज़िन, साइक्लोबार्बिटल, डेक्साम्फेटामाइन, मिथाइलफेनिडेट, सेकोबार्बिटल, एथक्लोर्विनोल और मिथाइलफेनोबार्बिटल जैसी दवाएं शामिल हैं।"

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