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Telangana तेलंगाना: तेलंगाना के नलगोंडा जिले में धान खरीद प्रक्रिया में अनियमितताओं को लेकर प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। सूर्यापेट जिला कलेक्टर तेजस नंदलाल पवार ने तिरुमलगिरि कृषि बाजार यार्ड में सामने आई गड़बड़ियों के बाद एक आईकेपी समुदाय समन्वयक को निलंबित कर दिया है, जबकि छह अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं।
जानकारी के अनुसार, गोट्टीपर्थी आईकेपी समुदाय समन्वयक के. रमैया पर धान खरीद प्रक्रिया में बिचौलियों को सहायता देने का आरोप है। आरोप है कि इस अनियमितता के कारण किसानों को नुकसान उठाना पड़ा और उन्हें उचित मूल्य तथा पारदर्शी खरीद प्रक्रिया का लाभ नहीं मिल सका। प्रारंभिक जांच में इन आरोपों को गंभीर मानते हुए जिला प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से निलंबन की कार्रवाई की है।
जिला कलेक्टर के निर्देश पर की गई इस कार्रवाई का उद्देश्य धान खरीद प्रणाली में पारदर्शिता बनाए रखना और किसानों के हितों की रक्षा सुनिश्चित करना बताया जा रहा है। प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि किसी भी स्तर पर लापरवाही या भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
इस मामले में केवल निलंबन ही नहीं, बल्कि उच्च स्तर पर जवाबदेही तय करने की प्रक्रिया भी शुरू की गई है। थुंगथुरथी तहसीलदार टी. दयानंदम, तिरुमलगिरि तहसीलदार बी. हरि प्रसाद, थुंगथुरथी एमपीडीओ के. शेषु कुमार, थुंगथुरथी कृषि अधिकारी डी. रमेश, गोट्टीपर्थी आईकेपी केंद्र प्रभारी जे. स्वेता और थुंगथुरथी सहायक परियोजना प्रबंधक एम. यदम्मा को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं।
इन सभी अधिकारियों से पूछा गया है कि धान खरीद प्रक्रिया में अनियमितताओं के मामले में उनकी भूमिका क्या रही और उन्होंने अपने कर्तव्यों का पालन किस हद तक किया। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि संतोषजनक जवाब न मिलने पर आगे और सख्त कार्रवाई की जा सकती है।
धान खरीद प्रक्रिया किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण व्यवस्था होती है, जिसके माध्यम से वे अपनी उपज को न्यूनतम समर्थन मूल्य पर बेच सकते हैं। ऐसे में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या बिचौलियों की भूमिका सीधे तौर पर किसानों की आय और उनके अधिकारों को प्रभावित करती है।
स्थानीय किसानों ने भी इस कार्रवाई का स्वागत किया है और उम्मीद जताई है कि भविष्य में खरीद प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और निष्पक्ष होगी। किसानों का कहना है कि यदि समय पर ऐसी अनियमितताओं पर रोक नहीं लगाई जाती, तो इसका सीधा असर उनकी आर्थिक स्थिति पर पड़ता है।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, इस मामले की विस्तृत जांच जारी है और यदि आगे किसी अन्य व्यक्ति या अधिकारी की भूमिका सामने आती है, तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
कुल मिलाकर, नलगोंडा जिले में धान खरीद व्यवस्था में गड़बड़ी को लेकर की गई यह कार्रवाई प्रशासन की सख्ती और किसानों के हितों की रक्षा के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
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