
Telangana तेलंगाना: तेलंगाना में रविवार को आयोजित एक विकास कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्य में कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी ने भी हिस्सा लिया और राज्य के विकास से जुड़े मुद्दों पर केंद्र सरकार से सहयोग की मांग रखी।
मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी ने अपने संबोधन में कहा कि राज्य सरकार चाहती है कि केंद्र की ओर से विकास परियोजनाओं को तेजी से मंजूरी दी जाए, ताकि राज्य की विकास गति और तेज हो सके। उन्होंने अपने भाषण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राजनीतिक सफर का भी उल्लेख किया और कहा कि जब वे गुजरात के मुख्यमंत्री थे और डॉ. मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री थे, तब “गुजरात मॉडल” के जरिए विकास की एक अलग पहचान बनी थी।
इसी संदर्भ में रेवंत रेड्डी ने कहा कि अब तेलंगाना के लोग भी उम्मीद करते हैं कि राज्य “तेलंगाना मॉडल” के तहत विकास की नई कहानी लिखेगा। उन्होंने कहा कि राज्य का लक्ष्य 2034 तक 1 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर की अर्थव्यवस्था बनना है और 2047 तक इसे बढ़ाकर 3 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचाना है।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री से आग्रह करते हुए कहा कि इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए केंद्र सरकार का सहयोग बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि जैसे पहले केंद्र की सहायता से अन्य राज्यों ने विकास के नए मॉडल विकसित किए, वैसे ही तेलंगाना को भी समर्थन मिलना चाहिए।
रेवंत रेड्डी ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि “आपको तेलंगाना को अपना आशीर्वाद देना चाहिए, जैसे मनमोहन सिंह जी ने आपको समर्थन दिया था। तभी हम मिलकर राज्य की तरक्की को आगे बढ़ा सकते हैं।” उनके इस बयान को कार्यक्रम में एक महत्वपूर्ण राजनीतिक संदेश के रूप में देखा गया।
कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया, जो राज्य में बुनियादी ढांचे, उद्योग और कनेक्टिविटी से जुड़ी हैं। इन परियोजनाओं को तेलंगाना के आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, इस कार्यक्रम ने केंद्र और राज्य के बीच सहयोग और विकास के मुद्दों पर संवाद को उजागर किया है। साथ ही, “तेलंगाना मॉडल” और ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी के लक्ष्य को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है।
इस पूरे कार्यक्रम को राज्य के भविष्य के आर्थिक रोडमैप और केंद्र-राज्य संबंधों के लिहाज से अहम माना जा रहा है, जहां विकास और निवेश दोनों पर फोकस बढ़ाने की बात सामने आई है।





