
हैदराबाद। Microsoft ने गुरुवार को तेलंगाना में अपने नए ‘इंडिया साउथ सेंट्रल’ डेटा सेंटर रीजन की शुरुआत की। रंगारेड्डी जिले में शुरू हुए इस नए रीजन के साथ कंपनी ने भारत में अपने क्लाउड और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार किया है। यह भारत में Microsoft का चौथा क्लाउड रीजन है और इसे एशिया तथा ग्लोबल साउथ के लिए एक रणनीतिक हब के रूप में विकसित किया जा रहा है।
तेलंगाना के सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री डी. श्रीधर बाबू ने नए डेटा सेंटर रीजन का उद्घाटन किया। इस दौरान Microsoft इंडिया और दक्षिण एशिया के अध्यक्ष पुनीत चंडोक और Microsoft इंडिया डेवलपमेंट सेंटर के प्रबंध निदेशक एवं अध्यक्ष राजीव कुमार भी मौजूद रहे।
उद्घाटन के मौके पर श्रीधर बाबू ने कहा कि तेलंगाना सरकार ने वर्ष 2029 तक राज्य में डेटा सेंटर की कुल क्षमता को 5 गीगावाट तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। इसके साथ ही व्यापक AI और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर इकोसिस्टम में करीब 30 अरब अमेरिकी डॉलर के संभावित निवेश का लक्ष्य है।
AI और क्लाउड की बढ़ती मांग को मिलेगी ताकत
Microsoft का नया ‘इंडिया साउथ सेंट्रल’ रीजन देश में तेजी से बढ़ रही क्लाउड और AI सेवाओं की मांग को पूरा करने में मदद करेगा। कंपनी के मुताबिक नया इंफ्रास्ट्रक्चर भारतीय ग्राहकों के साथ व्यापक क्षेत्र की जरूरतों को भी पूरा करेगा।
Microsoft लंबे समय से हैदराबाद में इंजीनियरिंग, तकनीकी विकास और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ा हुआ है। कंपनी का इंडिया डेवलपमेंट सेंटर भी हैदराबाद में मौजूद है और यह उसके रेडमंड मुख्यालय के बाहर बड़े अनुसंधान एवं विकास केंद्रों में शामिल है।
नया क्लाउड रीजन तीन अवेलेबिलिटी जोन के साथ तैयार किया गया है। इसे शुरुआत से ही बड़े AI वर्कलोड को संभालने के अनुकूल बनाया गया है। Microsoft के भारत में इससे पहले पुणे, चेन्नई और मुंबई में क्लाउड रीजन मौजूद हैं।
2.5 GW से अधिक क्षमता संचालन या निर्माण के चरण में
तेलंगाना में डेटा सेंटर और AI इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में पहले से बड़े स्तर पर निवेश हो रहा है। राज्य में 2.5 गीगावाट से अधिक डेटा सेंटर क्षमता या तो परिचालन में है या विकास के विभिन्न चरणों में है। सरकार अब इस क्षमता को 2029 तक दोगुना करते हुए 5 गीगावाट तक पहुंचाने की योजना पर काम कर रही है।
नई परियोजनाओं का स्वरूप भी बदल रहा है। पारंपरिक एंटरप्राइज डेटा सेंटर के बजाय अब AI स्तर की कंप्यूटिंग, हाई-डेंसिटी GPU, हाइपरस्केल क्लाउड और आधुनिक कूलिंग टेक्नोलॉजी की जरूरतों को ध्यान में रखकर इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जा रहा है।
राज्य में Microsoft के अलावा AWS, Iron Mountain, CtrlS, Sify, NTT DATA और CapitaLand जैसे कई वैश्विक और भारतीय ऑपरेटर डेटा सेंटर तथा कंप्यूट इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी परियोजनाओं में निवेश कर रहे हैं।
30 अरब डॉलर निवेश का लक्ष्य
आईटी मंत्री डी. श्रीधर बाबू ने कहा कि राज्य का लक्ष्य केवल डेटा सेंटर की क्षमता बढ़ाना नहीं है, बल्कि इसके आसपास एक बड़ा AI और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर इकोसिस्टम तैयार करना भी है।
सरकार के अनुसार, 2029 तक 5 GW क्षमता हासिल करने की योजना के साथ लगभग 30 अरब डॉलर के संभावित निवेश का अवसर बन सकता है। Microsoft का निवेश इस दिशा में महत्वपूर्ण परियोजनाओं में शामिल है।
श्रीधर बाबू के मुताबिक इस तरह के निवेश से हैदराबाद की अगली पीढ़ी के AI, क्लाउड और डिजिटल इनोवेशन को समर्थन देने की क्षमता और मजबूत होगी।
भारत में Microsoft का चौथा क्लाउड रीजन
‘इंडिया साउथ सेंट्रल’ भारत में Microsoft का चौथा क्लाउड रीजन है। इसके जरिए कंपनी अपनी सेवाओं की क्षमता बढ़ाने के साथ भारतीय कारोबारों और संस्थानों को स्थानीय स्तर पर आधुनिक क्लाउड तथा AI इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध कराने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
नए रीजन का महत्व AI के तेजी से बढ़ते इस्तेमाल के कारण और बढ़ जाता है। कंपनियां और सरकारी संस्थान बड़े AI मॉडल, डेटा प्रोसेसिंग और डिजिटल सेवाओं के लिए अधिक कंप्यूटिंग क्षमता की मांग कर रहे हैं। ऐसे में हाई-डेंसिटी कंप्यूटिंग और GPU आधारित इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरत लगातार बढ़ रही है।
Microsoft ने अपने भारतीय क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर में AI-रेडी क्षमताओं को बढ़ाने और हैदराबाद स्थित इंडिया साउथ सेंट्रल रीजन को एशिया और ग्लोबल साउथ के रणनीतिक हब के रूप में स्थापित करने की योजना बताई है।
हैदराबाद की भूमिका होगी मजबूत
हैदराबाद पहले से देश के प्रमुख आईटी और टेक्नोलॉजी केंद्रों में शामिल है। नए डेटा सेंटर रीजन के संचालन में आने से शहर की भूमिका क्लाउड और AI इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में और मजबूत होने की उम्मीद है।
बड़े डेटा सेंटर केवल डिजिटल सेवाओं के संचालन के लिए ही महत्वपूर्ण नहीं होते, बल्कि इनके आसपास नेटवर्किंग, बिजली, कूलिंग, साइबर सुरक्षा, हार्डवेयर रखरखाव और तकनीकी सेवाओं का व्यापक इकोसिस्टम भी विकसित होता है।
Microsoft ने हैदराबाद में 1998 में अपना इंडिया डेवलपमेंट सेंटर स्थापित किया था। कंपनी की शहर में दो दशक से अधिक समय से मौजूदगी है।
डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर में बड़े विस्तार की तैयारी
तेलंगाना सरकार डेटा सेंटर क्षमता को भविष्य की डिजिटल अर्थव्यवस्था के महत्वपूर्ण आधार के रूप में देख रही है। AI के बढ़ते इस्तेमाल के साथ कंप्यूटिंग और डेटा स्टोरेज की मांग भी तेजी से बढ़ रही है। इसी कारण राज्य सरकार बड़े वैश्विक और घरेलू निवेशकों को आकर्षित करने पर जोर दे रही है।
Microsoft के ‘इंडिया साउथ सेंट्रल’ रीजन के शुरू होने से तेलंगाना की इस रणनीति को नया आधार मिला है। राज्य के पास फिलहाल 2.5 GW से अधिक डेटा सेंटर क्षमता परिचालन या विकास के चरण में है और अगले तीन वर्षों में इसे 5 GW तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।
इस विस्तार के साथ तेलंगाना सरकार हैदराबाद और आसपास के क्षेत्र को बड़े AI, क्लाउड और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में आगे बढ़ रही है।





