
MDS (मास्टर ऑफ़ डेंटल सर्जरी) की एक उम्मीदवार ने तेलंगाना हाई कोर्ट में याचिका दायर की है। उन्होंने 2026-27 के लिए 'कंपीटेंट अथॉरिटी कोटा' के तहत एडमिशन के लिए अयोग्य उम्मीदवारों की लिस्ट में अपना नाम शामिल किए जाने को चुनौती दी है।
चीफ़ जस्टिस अपारेश कुमार सिंह और जस्टिस वाकिटी रामकृष्ण रेड्डी की डिवीज़न बेंच ने राज्य सरकार और कालोजी नारायण राव यूनिवर्सिटी ऑफ़ हेल्थ साइंसेज को दो हफ़्ते के अंदर अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया।
याचिकाकर्ता ने यूनिवर्सिटी की 7 सितंबर की लिस्ट को चुनौती दी और NEET-MDS 2026 के आधार पर MDS एडमिशन के लिए 'लोकल कैंडिडेट' (स्थानीय उम्मीदवार) के तौर पर माने जाने की मांग की। सुनवाई के दौरान, सरकारी वकील ने कहा कि याचिकाकर्ता ने 2019-20 से 2022-23 तक KIMS डेंटल कॉलेज, अमलापुरम (आंध्र प्रदेश) में BDS की पढ़ाई के दौरान तेलंगाना पोस्ट-मैट्रिक स्कॉलरशिप ली थी।
एडवोकेट जनरल ने तर्क दिया कि केवल वे उम्मीदवार ही स्थानीय उम्मीदवारों के लिए आरक्षित सीटों के लिए पात्र हैं जिन्होंने अपना क्वालिफाइंग मेडिकल कोर्स स्थानीय क्षेत्र में पूरा किया हो। याचिकाकर्ता के वकील ने तर्क दिया कि 27 जुलाई 2024 को जारी GO Ms नंबर 62 विशेष रूप से तेलंगाना में डेंटल कॉलेजों (MDS कोर्स सहित) में एडमिशन को नियंत्रित करता है, और राज्य द्वारा जिस पिछले फैसले का हवाला दिया गया था, उसमें इस आदेश पर विचार नहीं किया गया था।





