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हैदराबाद : खड़ी कारों के अतिरिक्त पहिए यानी स्टेपनी और रिम चोरी करने के आरोप में पुलिस ने एमबीए के एक छात्र को गिरफ्तार किया है। गुडीमलकापुर पुलिस के अनुसार आरोपी खासतौर पर महिंद्रा थार गाड़ियों को निशाना बनाता था। उसके पास से रिम सहित 15 पहिए बरामद किए गए हैं। इनमें 12 पहिए महिंद्रा थार के हैं, जबकि दो फोर्ड एंडेवर और एक फोर्ड ईकोस्पोर्ट का है। पुलिस अब चोरी की अन्य घटनाओं और पहियों की खरीद-बिक्री से जुड़े लोगों के बारे में जानकारी जुटा रही है।
आरोपी की पहचान 23 वर्षीय सोबान अली खान के रूप में हुई है। वह मसाब टैंक के ओवैसीपुरा इलाके का रहने वाला है और एमबीए की पढ़ाई कर रहा है। पुलिस ने उसे 31 अक्टूबर को गुडीमलकापुर की नवोदय कॉलोनी से पकड़ा। पुलिस का आरोप है कि उस समय वह एक और चोरी के इरादे से इलाके में घूम रहा था। गिरफ्तारी के बाद उसे न्यायिक रिमांड के लिए नामपल्ली की अदालत में पेश किया गया। मामले की जांच 20 अक्टूबर को सामने आई एक शिकायत से शुरू हुई थी। रेतीबौली स्थित गैलेक्सी एन्क्लेव अपार्टमेंट के बाहर खड़ी महिंद्रा थार का अतिरिक्त पहिया और रिम चोरी हो गया था। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग देखी। फुटेज में एक व्यक्ति स्कूटर पर पहुंचता और वाहन के पास जाता दिखाई दिया। इसके बाद वह स्टेपनी निकालकर वहां से चला गया। पुलिस के अनुसार जांच के दौरान इस व्यक्ति की पहचान सोबान अली खान के रूप में की गई।
सीसीटीवी फुटेज में संदिग्ध की गतिविधियां भी दर्ज हुई हैं। रिपोर्ट के मुताबिक वह पहले स्कूटर पर बैठकर मोबाइल फोन इस्तेमाल करता दिखाई देता है। फिर उतरकर काले रंग की थार के पीछे लगे अतिरिक्त पहिए के पास जाता है। किसी के आने की आहट या आवाजाही दिखने पर वह दोबारा अपने स्कूटर की तरफ लौट आता है। कुछ समय तक गली में इधर-उधर देखने के बाद वह फिर वाहन के पास पहुंचता है। आखिरकार पहिया निकालकर स्कूटर से निकल जाता है। इस रिकॉर्डिंग ने पुलिस को घटना का क्रम समझने और संदिग्ध तक पहुंचने में मदद की।
पुलिस ने आरोपी के औजार जुटाने के तरीके के बारे में भी जानकारी दी है। आरोप है कि वह आसपास की पंचर मरम्मत की दुकानों पर जाता था और अपना वाहन पंचर होने की बात कहकर औजार मांगता था। इसके लिए वह दुकानदार के पास 200 से 300 रुपये की वापसी योग्य जमानत राशि रखता था। पुलिस के मुताबिक चोरी के बाद वह औजार वापस करके अपनी जमा रकम भी ले लेता था। जांच में सामने आया यह विवरण आरोपी के कथित तरीके का हिस्सा है। उपलब्ध जानकारी में संबंधित दुकानदारों के चोरी में शामिल होने का आरोप नहीं बताया गया है।
पूछताछ के आधार पर पुलिस ने शहर के कई थाना क्षेत्रों में हुई इसी तरह की घटनाओं से आरोपी का संबंध होने का दावा किया है। इनमें फिल्म नगर, लंगर हाउस, गुडीमलकापुर, सैफाबाद, चंद्रायनगुट्टा, चादरघाट, छत्रीनाका, मीरपेट, नारायणगुडा और अत्तापुर शामिल हैं। हालांकि, अलग-अलग रिपोर्टों में संबंधित मामलों की कुल संख्या का विवरण एक जैसा नहीं है। इसलिए सभी घटनाओं में उसकी भूमिका और प्रत्येक बरामद पहिए का संबंधित शिकायत से मिलान आगे की जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा होगा।
पुलिस अब यह पता लगाना चाहती है कि चोरी का सिलसिला कब शुरू हुआ और क्या अन्य शिकायतें भी इसी आरोपी से जुड़ी हैं। इसके साथ ही कथित खरीदारों तथा चोरी के पहिए बेचने के संभावित नेटवर्क की पड़ताल की जा रही है। जांचकर्ताओं ने आगे पूछताछ के लिए आरोपी की पुलिस हिरासत मांगने की बात कही है। अभी यह स्पष्ट नहीं है कि कितने पहिए पहले बेचे जा चुके थे, उनसे कितनी रकम मिली या किसी अन्य व्यक्ति ने आरोपी की मदद की। इन सवालों के उत्तर जांच पूरी होने पर सामने आ सकेंगे। इस मामले में कार चोरी होने के बजाय उसका अतिरिक्त पहिया निशाना बनाया गया। स्टेपनी गायब होने का पता वाहन मालिक को तत्काल भी चल सकता है और जरूरत पड़ने पर भी। ऐसे में वाहन की नियमित जांच के दौरान अतिरिक्त पहिए और उसकी फिटिंग पर ध्यान देना उपयोगी है। सुरक्षित तथा रोशनी वाली पार्किंग और वाहन के अनुकूल सुरक्षा उपकरण अतिरिक्त सावधानी हो सकते हैं। किसी संदिग्ध गतिविधि की स्थिति में संबंधित समय की सीसीटीवी रिकॉर्डिंग सुरक्षित रखना भी शिकायत की जांच में मदद कर सकता है।
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