तेलंगाना
साइबर ठगों पर पुलिस का बड़ा एक्शन 9 राज्यों से 35 आरोपी गिरफ्तार
Ratna Netam
10 Oct 2026 4:56 PM IST

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हैदराबाद। साइबर अपराध के खिलाफ हैदराबाद शहर की साइबर क्राइम पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सितंबर 2026 के दौरान नौ राज्यों से कुल 35 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ये गिरफ्तारियां साइबर अपराध से जुड़े 23 मामलों के सिलसिले में की गई हैं। पुलिस ने कार्रवाई के साथ ही साइबर ठगी के शिकार लोगों को 88.48 लाख रुपये की राशि भी वापस दिलाई है। इस संबंध में क्राइम और विशेष जांच दल (SIT) के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त एम. श्रीनिवासुलु ने एक प्रेस नोट जारी कर जानकारी दी है। पुलिस की इस कार्रवाई में सोशल मीडिया धोखाधड़ी, निवेश के नाम पर ठगी, डिजिटल अरेस्ट, ऑनलाइन ट्रेडिंग फ्रॉड, पहचान की चोरी और नौकरी के नाम पर धोखाधड़ी जैसे मामले शामिल हैं।
हैदराबाद साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन को सितंबर महीने में राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) के माध्यम से बड़ी संख्या में शिकायतें प्राप्त हुई थीं। इन शिकायतों के आधार पर पुलिस ने कुल 83 एफआईआर दर्ज कीं। शिकायतों में ऑनलाइन धोखाधड़ी के अलग-अलग तरीके सामने आए। इसके बाद पुलिस ने संबंधित मामलों में जांच और कार्रवाई करते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी की।
पुलिस की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, सितंबर में दर्ज मामलों में से 23 मामलों के सिलसिले में 35 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। ये गिरफ्तारियां नौ अलग-अलग राज्यों से की गईं। इससे स्पष्ट होता है कि पुलिस को इन मामलों में कार्रवाई के लिए कई राज्यों तक पहुंचना पड़ा। हालांकि, प्रेस नोट में उपलब्ध विवरण के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों के नाम और संबंधित राज्यों की पूरी सूची सामने नहीं आई है।
साइबर अपराध के मामलों में सोशल मीडिया के जरिए धोखाधड़ी की घटनाएं प्रमुख रूप से सामने आई हैं। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों से जुड़े मामलों में सोशल मीडिया धोखाधड़ी के नौ मामले शामिल थे। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर लोगों को ठगी का शिकार बनाने की शिकायतों पर पुलिस ने कार्रवाई की। हालांकि, इन नौ मामलों में धोखाधड़ी के लिए किन विशेष तरीकों का इस्तेमाल किया गया, इसकी विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई है।
इसके अलावा निवेश के नाम पर धोखाधड़ी के सात मामले सामने आए। ऑनलाइन निवेश से जुड़े ऐसे मामलों में पीड़ितों की शिकायतों के आधार पर पुलिस ने जांच की। निवेश संबंधी धोखाधड़ी साइबर अपराध की एक महत्वपूर्ण श्रेणी के रूप में सामने आई है। पुलिस की कार्रवाई में इस तरह के मामलों से जुड़े आरोपियों को भी शामिल किया गया है।
डिजिटल अरेस्ट से जुड़े छह मामलों में भी पुलिस ने कार्रवाई की है। डिजिटल अरेस्ट साइबर धोखाधड़ी का ऐसा तरीका है, जिसमें अपराधी स्वयं को पुलिस या अन्य सरकारी एजेंसी का अधिकारी बताकर लोगों को डराने और उनसे पैसे वसूलने की कोशिश करते हैं। कई बार वीडियो कॉल या अन्य डिजिटल माध्यमों से लोगों पर दबाव बनाया जाता है। हैदराबाद पुलिस की सितंबर की कार्रवाई में इस श्रेणी के छह मामले शामिल रहे।
ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर धोखाधड़ी के पांच मामलों में भी कार्रवाई की गई। ट्रेडिंग से जुड़े साइबर अपराधों में निवेश और वित्तीय लेनदेन के नाम पर लोगों को निशाना बनाया जाता है। हैदराबाद साइबर क्राइम पुलिस ने ऐसी शिकायतों को भी जांच के दायरे में रखा। पुलिस द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, ट्रेडिंग धोखाधड़ी के मामले भी गिरफ्तार आरोपियों से जुड़े अपराधों में शामिल थे।
पहचान की चोरी यानी आइडेंटिटी थेफ्ट से संबंधित दो मामले भी सामने आए हैं। इस प्रकार के साइबर अपराध में किसी व्यक्ति की निजी जानकारी या पहचान का दुरुपयोग किया जा सकता है। पुलिस ने ऐसे मामलों में भी कार्रवाई की। डिजिटल माध्यमों पर व्यक्तिगत जानकारी की सुरक्षा को लेकर इस तरह की घटनाएं महत्वपूर्ण मानी जाती हैं।
इसके साथ ही जबरन वसूली, नौकरी दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी और कस्टमर केयर से संबंधित धोखाधड़ी का एक-एक मामला भी पुलिस की कार्रवाई में शामिल था। नौकरी के नाम पर ठगी और फर्जी कस्टमर केयर से जुड़े अपराध ऑनलाइन धोखाधड़ी के अलग-अलग रूप हैं। इन मामलों में लोगों की शिकायतों के आधार पर जांच की गई।
विज्ञापन से संबंधित धोखाधड़ी के तीन मामले भी सामने आए। इस प्रकार पुलिस द्वारा उपलब्ध कराए गए श्रेणीवार विवरण में साइबर अपराध के कई अलग-अलग स्वरूप शामिल हैं। हालांकि, श्रेणीवार बताई गई संख्याओं का कुल योग 35 बनता है, जबकि पुलिस ने गिरफ्तारियों से संबंधित कुल 23 मामलों की जानकारी दी है। उपलब्ध प्रेस नोट में इस अंतर का अलग से स्पष्टीकरण नहीं दिया गया है।
सितंबर महीने की कार्रवाई का एक महत्वपूर्ण पहलू पीड़ितों को उनकी रकम वापस दिलाना भी रहा। पुलिस के अनुसार, साइबर धोखाधड़ी के शिकार लोगों को कुल 88.48 लाख रुपये लौटाए गए हैं। यह राशि उन लोगों के लिए राहत है, जिन्होंने साइबर अपराध के कारण आर्थिक नुकसान उठाया था। हालांकि, कितने पीड़ितों को यह राशि वापस मिली और अलग-अलग मामलों में कितनी रकम लौटाई गई, इसका विवरण उपलब्ध जानकारी में नहीं दिया गया है।
हैदराबाद साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन की ओर से दर्ज 83 एफआईआर यह दर्शाती हैं कि सितंबर के दौरान विभिन्न प्रकार के साइबर अपराधों की शिकायतें पुलिस तक पहुंचीं। राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल के माध्यम से प्राप्त शिकायतों ने इन मामलों को दर्ज करने और आगे की कार्रवाई करने में भूमिका निभाई।
साइबर अपराध से बचाव के लिए नागरिकों को अनजान लिंक, संदिग्ध निवेश प्रस्ताव, फर्जी नौकरी के ऑफर और पहचान संबंधी जानकारी मांगने वाले संदेशों से सावधान रहने की जरूरत है। किसी भी संदिग्ध वित्तीय लेनदेन या ऑनलाइन धोखाधड़ी की स्थिति में राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत की जा सकती है। इसके अलावा आधिकारिक पोर्टल cybercrime.gov.in के माध्यम से भी शिकायत दर्ज कराने की सुविधा उपलब्ध है।
सितंबर 2026 के दौरान हैदराबाद साइबर क्राइम पुलिस की कार्रवाई में 35 आरोपियों की गिरफ्तारी और 88.48 लाख रुपये की वापसी प्रमुख उपलब्धियां रहीं। पुलिस की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, साइबर अपराध के 23 मामलों में नौ राज्यों तक कार्रवाई की गई। वहीं, कुल 83 एफआईआर दर्ज होने से यह भी सामने आया कि ऑनलाइन धोखाधड़ी से संबंधित शिकायतें विभिन्न श्रेणियों में प्राप्त हुई थीं।
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