तेलंगाना

लोअर मनैर डैम में घटता जलस्तर, Karimnagar में पानी संकट की आशंका

Harrison
23 April 2026 7:58 PM IST
लोअर मनैर डैम में घटता जलस्तर, Karimnagar में पानी संकट की आशंका
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Karimnagar करीमनगर: तेलंगाना के करीमनगर और आसपास के क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति के प्रमुख स्रोत लोअर मनैर डैम (LMD) में जलस्तर तेजी से घटने से गर्मियों में पानी की कमी की आशंका बढ़ गई है। स्थिति को देखते हुए अधिकारी अब वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर मिड मनैर डैम (MMD) से पानी उपलब्ध कराने के विकल्प पर विचार कर रहे हैं।
अधिकारियों के अनुसार, लोअर मनैर डैम की कुल भंडारण क्षमता लगभग 24 टीएमसी फीट है, लेकिन वर्तमान में इसमें केवल करीब 6 टीएमसी फीट पानी ही उपलब्ध है। इस मात्रा में से लगभग 2 टीएमसी फीट पानी ‘डेड स्टोरेज’ की श्रेणी में आता है, जिसे सामान्य परिस्थितियों में उपयोग में नहीं लाया जा सकता। इस प्रकार वास्तविक रूप से उपयोग के लिए केवल लगभग 4 टीएमसी फीट पानी ही शेष है।
विशेषज्ञों का कहना है कि जैसे-जैसे गर्मी बढ़ेगी, पानी की मांग में तेजी आएगी और उपलब्ध संसाधनों पर दबाव और बढ़ेगा। ऐसे में यदि जलस्तर में गिरावट जारी रहती है, तो पेयजल आपूर्ति प्रभावित हो सकती है। प्रशासन पहले से ही स्थिति पर नजर बनाए हुए है और आपूर्ति बनाए रखने के लिए जरूरी कदमों पर विचार कर रहा है।
अधिकारियों ने संकेत दिया है कि यदि जलस्तर और नीचे जाता है, तो पानी निकालने के लिए बूस्टर पंप का सहारा लेना पड़ सकता है। यह प्रक्रिया तकनीकी रूप से जटिल और खर्चीली होती है, लेकिन आपात स्थिति में इसे लागू किया जा सकता है ताकि लोगों को पानी की आपूर्ति जारी रखी जा सके।
करीमनगर और आसपास के क्षेत्रों में बड़ी आबादी इस डैम पर निर्भर है। इसके अलावा, औद्योगिक और कृषि उपयोग के लिए भी इसी जल स्रोत का इस्तेमाल किया जाता है। ऐसे में जलस्तर में गिरावट का असर कई स्तरों पर देखने को मिल सकता है।
प्रशासन द्वारा मिड मनैर डैम से पानी लाने की संभावना पर भी काम किया जा रहा है। यदि यह योजना लागू होती है, तो इससे कुछ हद तक जल संकट को कम करने में मदद मिल सकती है। हालांकि, इसके लिए आवश्यक इंफ्रास्ट्रक्चर और संसाधनों की उपलब्धता भी एक महत्वपूर्ण कारक है।
स्थानीय अधिकारियों ने लोगों से पानी के उपयोग में सावधानी बरतने की अपील की है। अनावश्यक पानी की बर्बादी से बचने और उपलब्ध संसाधनों का संतुलित उपयोग करने की सलाह दी गई है।
जल संसाधन विभाग के अनुसार, वर्तमान स्थिति को देखते हुए आने वाले कुछ सप्ताह काफी महत्वपूर्ण होंगे। यदि इस दौरान पर्याप्त बारिश नहीं होती या वैकल्पिक स्रोत सक्रिय नहीं किए जाते, तो पानी की कमी गंभीर रूप ले सकती है।
इस बीच, प्रशासन ने संभावित संकट से निपटने के लिए योजना बनानी शुरू कर दी है, जिसमें पानी के वितरण की निगरानी, टैंकरों के जरिए सप्लाई और अन्य आपात उपाय शामिल हैं।
कुल मिलाकर, लोअर मनैर डैम में गिरता जलस्तर करीमनगर क्षेत्र के लिए एक चिंता का विषय बन गया है। अधिकारियों द्वारा वैकल्पिक उपायों पर विचार और लोगों से सहयोग की अपील इस बात का संकेत है कि स्थिति को संभालने के लिए सभी स्तरों पर तैयारी की जा रही है।
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