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हैदराबाद: BRS के कार्यकारी अध्यक्ष K.T. रामा राव ने शुक्रवार को मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफ़े की मांग की और कहा कि भारत के संविधान से बड़ा कुछ भी नहीं है। भारत राष्ट्र समिति (BRS) नेता ने 'X' पर 'स्पेशल इंटेंसिव रिविज़न' (SIR) में कथित अनियमितताओं को लेकर CEC के इस्तीफ़े की मांग की।
उन्होंने अपनी मांग दोहराई कि सुप्रीम कोर्ट को SIR प्रक्रिया में हुई अनियमितताओं का स्वतः संज्ञान लेना चाहिए और मौजूदा जज की अध्यक्षता में स्वतंत्र जांच का आदेश देना चाहिए।
रामा राव ने पूछा, "भारत के संविधान से बड़ा कुछ भी नहीं है। और किसी भी भारतीय नागरिक को वोट देने के अधिकार से वंचित नहीं किया जा सकता। ज्ञानेश कुमार को जाना ही होगा! कोई भी व्यक्ति संस्था से ऊपर नहीं है। इस देश ने कई लोगों को आते-जाते देखा है - और यह मज़बूत बना रहा है, यह शानदार ढंग से टिका रहा है। तो फिर एक व्यक्ति को बचाने की इतनी बेताबी क्यों? एक व्यक्ति 1.4 अरब भारतीयों के अधिकारों से बड़ा कैसे हो सकता है?"
उन्होंने आगे कहा, "ज्ञानेश कुमार और उन सभी लोगों का समय खत्म हो गया है जो एक ऐसी व्यवस्था बनाने की कोशिश कर रहे हैं जो इस महान देश की आत्मा को नष्ट कर दे।"
तेलंगाना विधानसभा में BRS के उप-नेता T. हरीश राव ने भी ज्ञानेश कुमार के इस्तीफ़े की मांग की।
हरीश राव ने 'X' पर एक पोस्ट में कहा, "चुनाव आयोग भारतीय लोकतंत्र की रीढ़ है, न कि सत्ता में बैठे लोगों के लिए ढाल। इसकी नियुक्तियों, स्वतंत्रता और कामकाज पर कोई भी सवाल हमारी संवैधानिक लोकतंत्र की नींव पर चोट करता है। संविधान के अनुच्छेद 324, 325 और 326, साथ ही जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 और 1951, एक विश्वसनीय, निष्पक्ष और समावेशी चुनावी प्रणाली की मांग करते हैं। किसी भी योग्य मतदाता को मनमाने ढंग से वोट देने के अधिकार से वंचित नहीं किया जा सकता। ज्ञानेश कुमार को ज़िम्मेदारी लेनी चाहिए। अगर चुनाव आयोग जनता का भरोसा नहीं जीत सकता, तो CEC को इस्तीफ़ा दे देना चाहिए। लोकतंत्र किसी भी व्यक्ति या सरकार से बड़ा है।"
इस बीच, BRS ने CEC के इस्तीफ़े की मांग को लेकर शनिवार को हैदराबाद में तेलंगाना के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) के कार्यालय के सामने विरोध प्रदर्शन करने का फ़ैसला किया है। पार्टी ने BRS विधायकों वाले निर्वाचन क्षेत्रों में SIR प्रक्रिया के तहत बड़े पैमाने पर मतदाताओं के नाम हटाए जाने को लेकर चिंता जताई है।
इसने मतदाता सूची संशोधन प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं की व्यापक और स्वतंत्र जांच की मांग की है।
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