तेलंगाना
दक्षिण कोरियाई प्रतिनिधिमंडल से मिले KTR टेक्नोलॉजी सहयोग पर चर्चा
Ratna Netam
1 Oct 2026 9:43 PM IST

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हैदराबाद। भारत राष्ट्र समिति (BRS) के कार्यकारी अध्यक्ष केटी रामा राव (KTR) ने गुरुवार को तेलंगाना भवन में दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति के सलाहकार प्रोफेसर यंगटे चो और सियोल नेशनल यूनिवर्सिटी के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की। बैठक में तेलंगाना और दक्षिण कोरिया के बीच टेक्नोलॉजी, उद्योग और इनोवेशन के क्षेत्र में सहयोग को और मजबूत करने की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई।
KTR ने बातचीत के दौरान दक्षिण कोरिया की आर्थिक और तकनीकी प्रगति का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि एक वैश्विक नॉलेज और टेक्नोलॉजी पावरहाउस के रूप में दक्षिण कोरिया का बदलाव उन्हें लंबे समय से प्रेरित करता रहा है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि तेलंगाना और दक्षिण कोरिया के बीच टेक्नोलॉजी, मैन्युफैक्चरिंग, इनोवेशन और निवेश जैसे क्षेत्रों में आपसी सहयोग की व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं।
बैठक के दौरान KTR ने तेलंगाना में उपलब्ध प्रतिभाशाली मानव संसाधन, औद्योगिक माहौल और कारोबारी अवसरों की जानकारी भी प्रतिनिधिमंडल के सामने रखी। उनका कहना था कि राज्य में कुशल युवाओं की बड़ी संख्या मौजूद है और टेक्नोलॉजी आधारित उद्योगों के लिए एक मजबूत इकोसिस्टम विकसित हुआ है। ऐसे में दक्षिण कोरियाई कंपनियों के लिए तेलंगाना में निवेश और विस्तार की संभावनाएं बन सकती हैं।
KTR ने दक्षिण कोरिया के विकास मॉडल की चर्चा करते हुए कहा कि ज्ञान, अनुसंधान, तकनीक और औद्योगिक विकास को एक साथ आगे बढ़ाने की उसकी क्षमता दुनिया के लिए उदाहरण है। उन्होंने संकेत दिया कि तेलंगाना भी तकनीक और इनोवेशन आधारित विकास को आगे बढ़ाने की क्षमता रखता है और दोनों पक्षों के बीच साझेदारी से नए अवसर तैयार किए जा सकते हैं।
बैठक में औद्योगिक निवेश के साथ-साथ तकनीकी ज्ञान के आदान-प्रदान पर भी चर्चा हुई। सियोल नेशनल यूनिवर्सिटी के प्रतिनिधियों की मौजूदगी के कारण शिक्षा, रिसर्च और इनोवेशन से जुड़ी संभावनाओं पर भी विचार किया गया। प्रोफेसर यंगटे चो सियोल नेशनल यूनिवर्सिटी में डेमोग्राफी के प्रोफेसर और विश्वविद्यालय के पॉपुलेशन पॉलिसी रिसर्च सेंटर के निदेशक हैं।
KTR ने कहा कि दक्षिण कोरिया की कंपनियां वैश्विक स्तर पर इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोबाइल, टेक्नोलॉजी और मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में मजबूत उपस्थिति रखती हैं। उनका कहना था कि तेलंगाना की कुशल प्रतिभा और कारोबारी वातावरण इन कंपनियों के लिए नए अवसर उपलब्ध करा सकता है। उन्होंने राज्य और दक्षिण कोरिया के बीच भविष्य में अधिक सक्रिय सहयोग की आवश्यकता पर बल दिया।
बैठक के दौरान KTR ने पूर्ववर्ती BRS सरकार के कार्यकाल में दक्षिण कोरियाई कंपनियों से हुए संपर्क का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उस दौरान यंगवन कॉरपोरेशन और हुंडई जैसी कंपनियों का तेलंगाना में स्वागत किया गया था। उन्होंने इसे तेलंगाना और दक्षिण कोरिया के आर्थिक तथा औद्योगिक संबंधों को आगे बढ़ाने की दिशा में किए गए प्रयासों के उदाहरण के रूप में रखा।
KTR ने भारत की युवा आबादी को भी वैश्विक कंपनियों के लिए महत्वपूर्ण अवसर बताया। उन्होंने कहा कि भारत की डेमोग्राफिक क्षमता दुनिया की कंपनियों को बड़े बाजार तक पहुंच प्रदान करने के साथ ही वैश्विक जरूरतों के लिए उत्पाद और तकनीक विकसित करने का अवसर देती है। तेलंगाना जैसी जगहों पर मौजूद तकनीकी प्रतिभा इस अवसर को और मजबूत कर सकती है।
भारत और दक्षिण कोरिया के बीच तकनीकी और शैक्षणिक सहयोग पहले से भी बढ़ रहा है। अप्रैल 2026 में दोनों देशों की ओर से जारी संयुक्त रणनीतिक दस्तावेज में वैज्ञानिक और तकनीकी संस्थानों के बीच संपर्क मजबूत करने, संयुक्त अनुसंधान को बढ़ावा देने तथा विश्वविद्यालय स्तर पर सहयोग का विस्तार करने पर सहमति जताई गई थी। इसमें छात्रों और शोधकर्ताओं के आदान-प्रदान जैसे क्षेत्रों को भी महत्व दिया गया था।
इसी व्यापक पृष्ठभूमि में KTR और दक्षिण कोरियाई प्रतिनिधिमंडल की मुलाकात को तेलंगाना और दक्षिण कोरिया के बीच संभावित सहयोग के एक और अवसर के रूप में देखा जा रहा है। बातचीत का मुख्य फोकस इस बात पर रहा कि दोनों पक्ष अपनी-अपनी ताकत का उपयोग करते हुए टेक्नोलॉजी, औद्योगिक विकास और इनोवेशन के क्षेत्र में आगे कैसे बढ़ सकते हैं।
KTR ने प्रतिनिधिमंडल के सामने तेलंगाना को ऐसे राज्य के रूप में पेश किया जहां टेक्नोलॉजी क्षेत्र के लिए कुशल पेशेवरों के साथ-साथ उद्योगों के विस्तार की भी संभावनाएं हैं। उन्होंने दक्षिण कोरियाई कंपनियों और संस्थानों के साथ लंबी अवधि की साझेदारी विकसित करने पर जोर दिया।
दक्षिण कोरियाई प्रतिनिधिमंडल की यह मुलाकात ऐसे समय हुई है जब भारत और दक्षिण कोरिया के बीच सांस्कृतिक और संस्थागत संपर्क भी बढ़ रहे हैं। दोनों देशों ने अप्रैल 2026 में विज्ञान, प्रौद्योगिकी, शिक्षा और लोगों के बीच संपर्क को मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई थी।
तेलंगाना भवन में हुई बैठक के बाद KTR ने कहा कि तेलंगाना और दक्षिण कोरिया के बीच मौजूद संभावनाओं को वास्तविक साझेदारी में बदलने के लिए लगातार संवाद महत्वपूर्ण होगा। बैठक में टेक्नोलॉजी, उद्योग और इनोवेशन को मुख्य आधार बनाकर सहयोग बढ़ाने की बात सामने आई। आने वाले समय में दोनों पक्षों के बीच ऐसे संवाद नए निवेश, अनुसंधान और तकनीकी साझेदारी के रास्ते खोल सकते हैं।
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