तेलंगाना

रेवंत रेड्डी सरकार पर KTR का बड़ा हमला ठेकों में कमीशनखोरी का आरोप

Ratna Netam
15 Oct 2026 9:26 PM IST
रेवंत रेड्डी सरकार पर KTR का बड़ा हमला  ठेकों में कमीशनखोरी का आरोप
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हैदराबाद। तेलंगाना में सरकारी परियोजनाओं के ठेकों को लेकर नया राजनीतिक विवाद सामने आया है। भारत राष्ट्र समिति (BRS) के कार्यकारी अध्यक्ष केटी रामा राव (KTR) ने गुरुवार, 15 अक्टूबर 2026 को मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी और राज्य की कांग्रेस सरकार पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि सरकारी परियोजनाओं के आवंटन में 15 प्रतिशत कमीशन की मांग की जा रही है। KTR ने आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार केवल सरकारी कर्मचारियों तक सीमित नहीं है, बल्कि मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) तक पहुंच चुका है।केटी रामा राव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के माध्यम से यह मुद्दा उठाया। उन्होंने एक निर्माण कंपनी के प्रबंध निदेशक की ओर से लिखे गए पत्र का हवाला देते हुए दावा किया कि सरकारी परियोजनाओं के ठेकों में अनियमितताएं हो रही हैं और कुछ करीबी लोगों को फायदा पहुंचाया जा रहा है।
'मुख्यमंत्री कार्यालय मांग रहा 15 प्रतिशत कमीशन'
KTR ने आरोप लगाया कि तेलंगाना की कांग्रेस सरकार में भ्रष्टाचार की शुरुआत छोटे कर्मचारियों से नहीं, बल्कि शीर्ष स्तर से हो रही है।उन्होंने कहा कि जब किसी कंपनी का प्रबंध निदेशक लिखित रूप से मुख्यमंत्री कार्यालय पर 15 प्रतिशत कमीशन मांगने का आरोप लगाता है, तो यह गंभीर चिंता का विषय है।KTR ने दावा किया कि मुख्यमंत्री स्वयं अपने करीबी लोगों को परियोजनाओं का आवंटन कर रहे हैं।उन्होंने इस मामले को सरकारी ठेकों की पारदर्शिता और प्रशासनिक जवाबदेही से जुड़ा मुद्दा बताया।हालांकि, मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा कमीशन मांगे जाने का आरोप अभी स्वतंत्र जांच में प्रमाणित नहीं हुआ है।
निर्माण कंपनी के एमडी ने लिखा पत्र
यह विवाद आरवीएम कंस्ट्रक्शंस इंडिया लिमिटेड के प्रबंध निदेशक नामा रमेश की ओर से लिखे गए पत्र के बाद सामने आया।रिपोर्टों के अनुसार, नामा रमेश ने बिल्डर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (BAI) को पत्र लिखकर हैदराबाद की रेडियल रोड-2 परियोजना की निविदा प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं की शिकायत की।पत्र में आरोप लगाया गया कि सरकारी परियोजनाओं का ठेका देने के लिए 15 प्रतिशत कमीशन मांगे जाने की चर्चा है।कंपनी के प्रबंध निदेशक ने निविदा प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों का उल्लेख करते हुए एसोसिएशन से हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया।यह परियोजना हैदराबाद ग्रोथ कॉरिडोर लिमिटेड (HGCL) से संबंधित बताई गई है।
रेडियल रोड-2 परियोजना को लेकर विवाद
हैदराबाद की रेडियल रोड-2 परियोजना के ठेकों को लेकर उठे आरोपों ने सरकारी निर्माण कार्यों की निविदा प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए हैं।निर्माण कंपनी का आरोप है कि टेंडर मूल्यांकन में अनियमितताएं हुई हैं। कंपनी ने इसकी समीक्षा कराने की मांग उठाई है।सरकारी परियोजनाओं में निविदा प्रक्रिया का उद्देश्य निर्धारित नियमों के अनुसार योग्य कंपनियों का चयन करना होता है।ऐसे में किसी कंपनी द्वारा कमीशन या पक्षपात का आरोप लगाए जाने पर उसकी तथ्यात्मक जांच महत्वपूर्ण हो जाती है।हालांकि, संबंधित परियोजना में भ्रष्टाचार होने या किसी विशेष कंपनी को अनुचित लाभ पहुंचाए जाने का अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है।
राहुल गांधी की चुप्पी पर भी उठाए सवाल
केटी रामा राव ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी निशाना साधा।उन्होंने आरोप लगाया कि तेलंगाना में कथित भ्रष्टाचार के मुद्दे पर कांग्रेस का केंद्रीय नेतृत्व चुप्पी साधे हुए है।KTR ने अपने बयान में राहुल गांधी को लेकर राजनीतिक टिप्पणी करते हुए मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी से जुड़े आरोपों पर उनकी प्रतिक्रिया मांगी।उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी उल्लेख किया और सवाल किया कि केंद्र सरकार इस मामले में कार्रवाई क्यों नहीं कर रही है।KTR ने तेलंगाना की कांग्रेस सरकार पर जनकल्याण की उपेक्षा करने का आरोप भी लगाया।x20;
सरकारी परियोजनाओं में पारदर्शिता पर सवाल
BRS के कार्यकारी अध्यक्ष ने दावा किया कि राज्य सरकार की प्राथमिकता जनहित की योजनाओं के बजाय राजनीतिक और निजी हितों को बढ़ावा देना बन गई है।उन्होंने सरकारी ठेकों के आवंटन की प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल उठाए।KTR का कहना है कि किसी निर्माण कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी द्वारा लिखित शिकायत किया जाना महत्वपूर्ण है और उसके आरोपों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।हालांकि, विपक्षी दल द्वारा लगाए गए राजनीतिक आरोपों और कंपनी की शिकायत को भ्रष्टाचार का स्थापित प्रमाण नहीं माना जा सकता।
कांग्रेस सरकार की प्रतिक्रिया पर निगाहें
रेडियल रोड-2 परियोजना में कथित कमीशन की मांग को लेकर सामने आए आरोपों पर मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी या मुख्यमंत्री कार्यालय का विस्तृत आधिकारिक जवाब उपलब्ध नहीं हुआ है।इसलिए अभी यह स्पष्ट नहीं है कि राज्य सरकार इन आरोपों की जांच कराने के लिए कोई विशेष कदम उठाएगी या नहीं।मामले में कंपनी की शिकायत, टेंडर प्रक्रिया से जुड़े दस्तावेज और संबंधित अधिकारियों का पक्ष महत्वपूर्ण होगा।
तेलंगाना की राजनीति में बढ़ी हलचल
तेलंगाना में सत्तारूढ़ कांग्रेस और विपक्षी भारत राष्ट्र समिति के बीच पहले से विभिन्न मुद्दों पर राजनीतिक टकराव चल रहा है।अब रेडियल रोड-2 परियोजना में कथित 15 प्रतिशत कमीशन की मांग का आरोप सामने आने के बाद सरकारी ठेकों की पारदर्शिता और मुख्यमंत्री कार्यालय की भूमिका को लेकर नया विवाद शुरू हो गया है।फिलहाल KTR ने निर्माण कंपनी के पत्र का हवाला देकर सरकार से जवाबदेही की मांग की है। आरोपों की वास्तविकता का निर्धारण संबंधित दस्तावेजों और निष्पक्ष जांच के आधार पर ही हो सकेगा।
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