तेलंगाना
BRS नेता की गिरफ्तारी पर भड़के KTR कांग्रेस से मांगा जवाब
Ratna Netam
6 Oct 2026 8:39 PM IST

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हैदराबाद। भारत राष्ट्र समिति (BRS) के कार्यकारी अध्यक्ष केटी रामा राव ने मंगलवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला करते हुए तेलंगाना की राजनीतिक स्थिति और BRS नेता मन्ने कृष्णंक की गिरफ्तारी को लेकर गंभीर सवाल उठाए। KTR ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी राष्ट्रीय स्तर पर संविधान और लोकतंत्र की बात करते हैं, लेकिन तेलंगाना में कांग्रेस सरकार की कथित कार्रवाई पर चुप हैं। उन्होंने यहां तक कहा कि ऐसे हालात में राहुल गांधी की प्रधानमंत्री पद की दावेदारी पर भी सवाल उठते हैं।KTR ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर राहुल गांधी को लेकर बेहद तीखे शब्दों का इस्तेमाल किया। उन्होंने उन्हें “कायर”, “दबंग” और “अलोकतांत्रिक” बताते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता एक तरफ संविधान की रक्षा की बात करते हैं, जबकि दूसरी तरफ तेलंगाना में मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी को विपक्ष की आवाज दबाने की छूट दे रहे हैं। ये टिप्पणियां KTR के राजनीतिक आरोप हैं और कांग्रेस की ओर से इन दावों को स्वीकार नहीं किया गया है।
इस पूरे विवाद का केंद्र BRS नेता और प्रवक्ता मन्ने कृष्णंक की गिरफ्तारी है। पुलिस ने मंगलवार को उन्हें मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के परिवार से जुड़े कथित कारोबारी और वित्तीय मामलों पर किए गए बयानों को लेकर दर्ज एक मामले में गिरफ्तार किया। रिपोर्टों के मुताबिक, हैदराबाद की गोपालपुरम पुलिस ने उन्हें उनके आवास से हिरासत में लिया और बाद में मेडिकल जांच के लिए गांधी अस्पताल ले जाया गया।मन्ने कृष्णंक ने हाल में मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी और उनके परिवार से जुड़े कथित कारोबारी हितों और निवेश को लेकर कई आरोप लगाए थे। उन्होंने कुछ कंपनियों और वित्तीय लेनदेन का उल्लेख करते हुए जांच की मांग की थी। न्यू इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, कृष्णंक ने इन मामलों में प्रवर्तन निदेशालय से स्वतंत्र जांच की मांग भी की थी। हालांकि उनके द्वारा लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है और संबंधित पक्षों ने इन्हें स्वीकार नहीं किया है।
KTR ने इसी गिरफ्तारी को आधार बनाकर राहुल गांधी और कांग्रेस पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि राहुल गांधी दूसरे नेताओं और सरकारों के खिलाफ बिना ठोस आधार के आरोप लगा सकते हैं, लेकिन तेलंगाना में जब उनकी पार्टी के नेता कथित भ्रष्टाचार को लेकर सवाल उठाते हैं तो उनके खिलाफ पुलिस कार्रवाई की जाती है।उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि तेलंगाना में कांग्रेस सरकार पुलिस मामलों का इस्तेमाल विपक्ष की आवाज दबाने के लिए कर रही है। KTR ने कहा कि BRS ऐसे मामलों से पीछे नहीं हटेगी और सरकार तथा मुख्यमंत्री से जुड़े कथित भ्रष्टाचार के मुद्दों को उठाती रहेगी।
दूसरी ओर, पुलिस कार्रवाई का आधार एक कांग्रेस नेता की शिकायत बताई गई है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, मन्ने कृष्णंक और अन्य के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। शिकायत में उनके बयानों और प्रकाशित सामग्री को लेकर आपत्ति जताई गई थी।राहुल गांधी के खिलाफ KTR का यह हमला ऐसे समय आया है जब कांग्रेस नेता दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ विरोध प्रदर्शन में शामिल थे। राहुल गांधी ने विपक्षी सांसदों के साथ चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों पर प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्हें और प्रियंका गांधी समेत कई विपक्षी नेताओं को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया।
KTR ने इसी विरोध प्रदर्शन को लेकर राहुल गांधी पर राजनीतिक हमला तेज किया। उनका तर्क था कि दिल्ली में राहुल गांधी लोकतंत्र और संवैधानिक संस्थाओं की बात कर रहे हैं, लेकिन तेलंगाना में उनकी ही पार्टी की सरकार के खिलाफ उठ रहे सवालों पर चुप्पी साधे हुए हैं।BRS और कांग्रेस के बीच तेलंगाना में पहले से ही तीखी राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता चल रही है। रेवंत रेड्डी सरकार और BRS नेतृत्व के बीच भ्रष्टाचार, चुनावी वादों, प्रशासनिक फैसलों और विपक्ष के खिलाफ कथित कार्रवाई को लेकर लगातार बयानबाजी होती रही है। मन्ने कृष्णंक की गिरफ्तारी ने इस राजनीतिक टकराव को और बढ़ा दिया है।
रिपोर्टों के मुताबिक, कृष्णंक को बाद में जमानत भी मिल गई। उनकी गिरफ्तारी के कुछ ही घंटों बाद अदालत से राहत मिलने की जानकारी सामने आई। इसके बाद BRS नेताओं ने इसे अपनी राजनीतिक लड़ाई से जोड़ते हुए कहा कि वे सरकार के खिलाफ सवाल उठाना जारी रखेंगे।इस पूरे मामले में कांग्रेस की ओर से KTR के आरोपों पर तत्काल विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वहीं BRS ने इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताया है। दूसरी तरफ पुलिस की कार्रवाई दर्ज शिकायतों और जांच के आधार पर की गई बताई जा रही है।
KTR ने राहुल गांधी पर हमला करते हुए कहा कि यदि कांग्रेस लोकतंत्र और संविधान की बात करती है, तो उसे तेलंगाना में विपक्षी नेताओं के खिलाफ हो रही कार्रवाइयों पर भी जवाब देना चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी पर भी निशाना साधा और आरोप लगाया कि राज्य सरकार विपक्ष की आवाज को दबाने की कोशिश कर रही है।फिलहाल मन्ने कृष्णंक की गिरफ्तारी और जमानत के बाद भी विवाद खत्म होता नहीं दिख रहा। BRS इस मुद्दे को कांग्रेस सरकार के खिलाफ बड़े राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रही है, जबकि आने वाले दिनों में कांग्रेस की प्रतिक्रिया और पुलिस जांच की दिशा पर भी नजर रहेगी।
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