
कोलकाता/हैदराबाद: केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी किशन रेड्डी ने भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (जीएसआई) के 175वें स्थापना दिवस समारोह में भाग लिया, जो मंगलवार को कोलकाता में जीएसआई मुख्यालय में आयोजित किया गया। अपने भाषण के दौरान, उन्होंने देश के प्राकृतिक खनिज संसाधनों की पहचान करने और जलवायु परिवर्तन और प्राकृतिक आपदाओं को कम करने में जीएसआई के महत्वपूर्ण योगदान पर प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा कि जीएसआई ने कई नवीन परियोजनाएं शुरू की हैं, जिनमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा परिकल्पित विकसित भारत के विजन को साकार करने के लिए आवश्यक आधुनिक तकनीकों का विकास और महत्वपूर्ण खनिजों की खोज शामिल है।
केंद्रीय मंत्री किशन रेड्डी ने जीएसआई की 175 साल की विशेषज्ञता, आधुनिक तकनीक और प्रगतिशील रणनीतियों और कार्यक्रमों की प्रशंसा की, जो आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्यों का समर्थन करते हैं। इससे पहले, उन्होंने कोलकाता में भारत चैंबर ऑफ कॉमर्स की 125वीं वर्षगांठ समारोह में भी भाग लिया। किशन रेड्डी ने कहा, "पिछले दस सालों में भारत दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में उभरा है। जिस तरह से वंदे भारत ट्रेनें पूरे देश में चल रही हैं, उसी तरह हमारी अर्थव्यवस्था भी गति पकड़ रही है।





