तेलंगाना

खैरताबाद विधानसभा सीट रिक्त, जल्द हो सकता है उपचुनाव

Tara Tandi
29 Sept 2026 2:52 PM IST
खैरताबाद विधानसभा सीट रिक्त, जल्द हो सकता है उपचुनाव
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हैदराबाद: तेलंगाना विधानसभा के सदस्य के तौर पर दानम नागेंद्र को अयोग्य घोषित किए जाने के बाद खैराताबाद विधानसभा सीट को आधिकारिक तौर पर खाली घोषित कर दिया गया है। विधानसभा ने एक गजट नोटिफिकेशन जारी कर बताया कि संविधान के अनुच्छेद 191(2) के साथ पढ़े जाने वाले दसवीं अनुसूची के पैरा 2(1)(a) के तहत नागेंद्र 23 अप्रैल, 2024 से अयोग्य हो गए थे। इसलिए, यह सीट खाली हो गई है।
विधानमंडल के सचिव रेंडला तिरुपति ने 18 सितंबर को आए तेलंगाना हाई कोर्ट के फैसले के आधार पर 26 सितंबर को यह नोटिफिकेशन जारी किया।
नागेंद्र 2023 के विधानसभा चुनावों में भारत राष्ट्र समिति (BRS) के उम्मीदवार के तौर पर खैराताबाद से चुने गए थे। बाद में उन्होंने सत्ताधारी कांग्रेस का दामन थाम लिया और कांग्रेस के टिकट पर सिकंदराबाद निर्वाचन क्षेत्र से लोकसभा चुनाव लड़ा।
विधानसभा अध्यक्ष गड्डम प्रसाद कुमार ने BRS विधायकों और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के एक विधायक द्वारा नागेंद्र को अयोग्य ठहराने के लिए दायर याचिकाओं को खारिज कर दिया था। याचिकाकर्ताओं ने अध्यक्ष के फैसले को हाई कोर्ट में चुनौती दी थी।
18 सितंबर को, चीफ जस्टिस अपारेश कुमार सिंह और जस्टिस जी.एम. मोहिउद्दीन की डिवीजन बेंच ने फैसला सुनाया कि BRS विधायक के तौर पर चुने जाने के बावजूद कांग्रेस उम्मीदवार के तौर पर 2024 का लोकसभा चुनाव लड़ने के कारण नागेंद्र संविधान के अनुच्छेद 191(2) के साथ पढ़े जाने वाले दसवीं अनुसूची के पैरा 2(1)(a) के तहत अयोग्य हो गए थे।
हाई कोर्ट ने खैराताबाद सीट को खाली घोषित कर दिया। कोर्ट ने निर्देश दिया कि उसके आदेश की एक कॉपी तेलंगाना विधानसभा के सचिव और भारत निर्वाचन आयोग को भेजी जाए।
यह फैसला BJP विधायक दल के नेता एलेटी महेश्वर रेड्डी और BRS विधायक पाडी कौशिक रेड्डी द्वारा दायर याचिकाओं पर आया, जिसमें अयोग्यता याचिकाओं को खारिज करने के अध्यक्ष के 11 मार्च, 2026 के फैसले को चुनौती दी गई थी। हाई कोर्ट ने नोट किया कि नागेंद्र दिसंबर 2023 में BRS विधायक चुने गए थे और बाद में 23 अप्रैल 2024 को सिकंदराबाद से कांग्रेस उम्मीदवार के तौर पर अपना नामांकन दाखिल किया, जहाँ उन्होंने BRS उम्मीदवार के खिलाफ प्रचार किया।
नागेंद्र ने हाई कोर्ट के आदेश को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया, लेकिन शीर्ष अदालत ने हस्तक्षेप का कोई आधार न पाते हुए उनकी याचिका खारिज कर दी।
इस बीच, नागेंद्र ने कहा कि उन्हें भरोसा है कि वे खैरताबाद उपचुनाव जीतेंगे। उन्होंने मीडिया से कहा कि उपचुनाव के नतीजे उनके राजनीतिक विरोधियों को चौंका देंगे। उन्होंने यह भी कहा कि स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) का निर्वाचन क्षेत्र पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
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