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Delhi दिल्ली। भारत सरकार के दूरसंचार विभाग ने मोबाइल हैंडसेट की असलियत जांचने के लिए फोन में संचार साथी ऐप पहले से इंस्टॉल करने को लेकर निर्देश जारी किया है। इस पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सांसद केसी वेणुगोपाल ने कहा कि दूरसंचार विभाग का यह निर्देश असंवैधानिक से भी परे है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर दूरसंचार विभाग के निर्देश को शेयर करते हुए लिखा कि निजता का अधिकार संविधान के अनुच्छेद 21 में निहित जीवन और स्वतंत्रता के मौलिक अधिकार का एक अभिन्न अंग है।
उन्होंने लिखा कि एक प्री-लोडेड सरकारी ऐप, जिसे हटाया नहीं जा सकता, हर भारतीय पर नजर रखने का एक उपकरण है। यह प्रत्येक नागरिक की हर गतिविधि, बातचीत और निर्णय पर नजर रखने का एक जरिया है। उन्होंने कहा कि यह भारतीय नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों पर लगातार हमलों की एक लंबी श्रृंखला का हिस्सा है और इसे जारी नहीं रहने दिया जाएगा। हम इस निर्देश को अस्वीकार करते हैं और इसे तत्काल वापस लेने की मांग करते हैं।
भारत सरकार द्वारा 29 नवंबर को एक महत्वपूर्ण नियम लागू किया गया है। इसके अनुसार व्हाट्सएप, टेलीग्राम, अरट्टाई जैसे सभी मैसेजिंग ऐप्स अब हमेशा यूजर के डिवाइस में सक्रिय सिम कार्ड से लगातार लिंक रहेंगे। नियम के मुताबिक, ऐप केवल उसी समय काम करेगा जब वह एक चालू सिम कार्ड से लिंक हो और सिम मोबाइल में लगा हो। इसके साथ ही, इन सभी प्लेटफॉर्म का वेब वर्जन हर 6 घंटे में ऑटो-लॉगआउट होगा। क्यूआर कोड स्कैन करके इसे दोबारा लॉग-इन किया जा सकेगा। निर्देश के मुताबिक, सभी प्लेटफॉर्म्स को 90 दिनों में इन नियमों का अनुपालन करना होगा और 120 दिनों में विस्तृत अनुपालन रिपोर्ट जमा करनी होगी।
निर्देश में बताया गया कि केंद्र सरकार को टेलीकॉम साइबर सिक्योरिटी को खतरे में डालने वाले कामों की पहचान करने और रिपोर्ट करने के लिए जरूरी डिजिटल या दूसरे तरीके बनाने का अधिकार है, इसलिए दूरसंचार विभाग ने संचार साथी ऐप शुरू किया है, जो स्टेकहोल्डर्स को आईएमईआई से जुड़े संदिग्ध गलत इस्तेमाल की रिपोर्ट करने और मोबाइल डिवाइस में इस्तेमाल होने वाले आईएमईआई की असलियत वेरिफाई करने में मदद करता है।
निर्देश में कहा गया कि डुप्लीकेट या नकली आईएमईआई वाले मोबाइल हैंडसेट टेलीकॉम साइबर सिक्योरिटी के लिए गंभीर खतरा पैदा करते हैं, इसलिए केंद्र सरकार भारत में इस्तेमाल के लिए बनाए गए या इम्पोर्ट किए गए मोबाइल हैंडसेट के हर निर्माता और इम्पोर्टर को यह निर्देश देती है कि 90 दिनों के भीतर यह पक्का करें कि संचार साथी मोबाइल एप्लीकेशन, भारत में इस्तेमाल के लिए बनाए गए या इम्पोर्ट किए गए सभी मोबाइल हैंडसेट पर पहले से इंस्टॉल हो।
इसके साथ ही यह भी पक्का करें कि पहले से इंस्टॉल किया गया संचार साथी एप्लीकेशन पहली बार इस्तेमाल करने या डिवाइस सेटअप करने के समय यूजर्स को आसानी से दिखे और इसे बंद या अनइंस्टॉल नहीं किया जा सके।
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