
Gangadhara गंगाधारा: पूर्व विधायक और बीआरएस नेता सुनके रविशंकर ने बुधवार को कहा कि कालेश्वरम परियोजना तेलंगाना राज्य की जीवनरेखा और हृदय है। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि कालेश्वरम परियोजना के संबंध में झूठा प्रचार बंद किया जाए।
सुनके रविशंकर ने हाईकोर्ट के फैसले का स्वागत किया, जिसमें न्यायमूर्ति पीसी घोष आयोग की कालेश्वरम परियोजना पर दी गई रिपोर्ट पर रोक लगाई गई है। उन्होंने कहा कि यह फैसला कांग्रेस सरकार के लिए कोई अपमानजनक नहीं है, बल्कि परियोजना के उद्देश्य की रक्षा के लिए न्यायालय ने सही कदम उठाया है।
इस अवसर पर रविशंकर ने बीआरएस पार्टी के अन्य नेताओं के साथ मिलकर गंगाधारा मंडल के वेंकटायपल्ली में पटाखे जलाए और मिठाइयां बांटी। उन्होंने कहा कि पीसी घोष आयोग की पूरी रिपोर्ट झूठी और भ्रामक थी और इसे रद्द कर दिया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार की योजना कालेश्वरम परियोजना को बदनाम करने की थी, लेकिन हाईकोर्ट ने इस साजिश को नाकाम कर दिया।
पूर्व विधायक रविशंकर ने कहा, “कालेश्वरम परियोजना सिर्फ एक योजना नहीं है, यह तेलंगाना के लोगों के लिए जीवनदायिनी है। इसके महत्व को कम करके दिखाना गलत है। हम हाईकोर्ट के फैसले का स्वागत करते हैं और जनता को विश्वास दिलाते हैं कि परियोजना पूरी तरह सुरक्षित और पारदर्शी है।”
कार्यक्रम में पूर्व ZPTC पोनुगोटी कृष्णा राव, पूर्व मार्केट कमेटी अध्यक्ष नरेंद्र रेड्डी, पूर्व को-ऑप्शन सदस्य अज्जू और पूर्व सरपंच शिवप्रसाद रेड्डी समेत कई स्थानीय नेता उपस्थित रहे। उन्होंने भी उच्च न्यायालय के फैसले का समर्थन किया और कहा कि कालेश्वरम परियोजना के प्रति जनता का भरोसा बनाए रखना आवश्यक है।
रविशंकर ने कहा कि आयोग की रिपोर्ट में परियोजना के कई पहलुओं को गलत तरीके से पेश किया गया था, जिससे लोगों के बीच भ्रम फैलाया गया। उन्होंने कहा कि उच्च न्यायालय ने इस रिपोर्ट पर रोक लगाकर स्पष्ट कर दिया है कि परियोजना के उद्देश्य को किसी भी तरह से नुकसान नहीं पहुंचाया जा सकता।
उन्होंने जनता से अपील की कि वे कालेश्वरम परियोजना के महत्व को समझें और किसी भी तरह की भ्रांतियों में न फंसें। उन्होंने जोर देकर कहा कि बीआरएस पार्टी और स्थानीय नेता हमेशा परियोजना की सुरक्षा और जनता के हित के लिए काम करेंगे।
कार्यक्रम में उपस्थित नेताओं ने कहा कि परियोजना का उद्देश्य तेलंगाना में पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करना और कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाना है। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी राजनीतिक दल को परियोजना के महत्व को कम करके दिखाने का अधिकार नहीं है।
सुनके रविशंकर और अन्य नेताओं ने कहा कि अब जनता और सरकार को मिलकर कालेश्वरम परियोजना को आगे बढ़ाना चाहिए। उन्होंने आश्वासन दिया कि भविष्य में भी परियोजना के प्रति किसी भी तरह की झूठी रिपोर्ट या प्रचार को नहीं होने दिया जाएगा।





