
हैदराबाद: जवाहरलाल नेहरू टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी हैदराबाद (JNTUH) के टीचिंग और नॉन-टीचिंग स्टाफ़ ने शुक्रवार को कैंपस में वाइस चांसलर प्रो. टी. किशन कुमार रेड्डी के समर्थन में मार्च निकाला। प्रो. रेड्डी पर अपमानजनक, जेंडर-डिस्क्रिमिनेटरी (लिंग-भेदभाव वाली) और धमकी भरी बातें कहने का आरोप लगा है और उनके ख़िलाफ़ केस दर्ज किया गया है। स्टाफ़ ने इन आरोपों को झूठा बताते हुए इनकी निंदा की।
विरोध जताने के लिए स्टाफ़ सदस्यों ने काले बैज पहने। लंच ब्रेक के दौरान, उन्होंने डॉ. बी.आर. अंबेडकर की मूर्ति से यूनिवर्सिटी की एडमिनिस्ट्रेटिव बिल्डिंग तक मार्च किया। उनके हाथों में ऐसे प्लेकार्ड थे जिनमें वाइस चांसलर और यूनिवर्सिटी की छवि खराब करने की कोशिशों की निंदा की गई थी। इस मार्च में डायरेक्टर, प्रिंसिपल, एडमिनिस्ट्रेटिव स्टाफ़ और टीचिंग व नॉन-टीचिंग स्टाफ़ एसोसिएशन के प्रतिनिधि शामिल हुए। हिस्सा लेने वालों ने डायरेक्टर डॉ. ए. दामोदरम की मौजूदगी में JNTUH की रजिस्ट्रार डॉ. ए. जया लक्ष्मी को एक ज्ञापन सौंपा और वाइस चांसलर के प्रति अपना समर्थन जताया।
यह विरोध प्रदर्शन तब हुआ जब विद्या ज्योति इंस्टीट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी (VJIT) के प्रिंसिपल और कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग (CSE) डिपार्टमेंट के हेड ने प्रो. किशन कुमार रेड्डी पर 6 अक्टूबर को एक मीटिंग के दौरान अपमानजनक, जेंडर-डिस्क्रिमिनेटरी और धमकी भरी बातें कहने का आरोप लगाया। उन्होंने इन कथित बातों को लेकर कुकटपल्ली पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।





