तेलंगाना

Jangaon: सिंगराजुपल्ली के कैदी का जेल में आत्महत्या प्रयास, MGM अस्पताल में इलाज के दौरान मौत

SHIDDHANT
13 Oct 2025 12:22 AM IST
Jangaon: सिंगराजुपल्ली के कैदी का जेल में आत्महत्या प्रयास, MGM अस्पताल में इलाज के दौरान मौत
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Telangana तेलंगाना : Jangaon जिले से एक दुखद और चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ एक अंडर-ट्रायल कैदी ने आत्महत्या का प्रयास किया और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मृतक की पहचान सिंगराजुपल्ली, देव रूपुला मंडल के 35 वर्षीय वराला मलेश के रूप में हुई है। वह एक हत्या के प्रयास के मामले में Jangaon सब-जेल में बंद था।जानकारी के अनुसार, वराला मलेश ने शनिवार की रात bleaching powder का सेवन कर लिया। इसके बाद जेल अधिकारियों ने तुरंत उसे MGM अस्पताल, Warangal में भर्ती कराया। अस्पताल में इलाज के दौरान उन्होंने पूरी कोशिश की, लेकिन रविवार की सुबह इलाज के दौरान मलेश की मौत हो गई।

इस घटना के बाद पुलिस ने तुरंत मामला दर्ज किया और जांच शुरू कर दी। स्थानीय पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आत्महत्या के कारणों का पता लगाने के लिए जेल रिकॉर्ड, कैदी का मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य, और जेल प्रशासन की कार्रवाई की समीक्षा की जा रही है। फिलहाल, पुलिस जेल प्रशासन और अन्य कैदियों से पूछताछ कर रही है। Jangaon सब-जेल में यह घटना सुरक्षा और निगरानी के सवाल खड़े करती है। जेल अधिकारियों ने बताया कि सभी कैदियों की नियमित निगरानी की जाती है, लेकिन आत्महत्या के ऐसे प्रयास को पूरी तरह रोक पाना मुश्किल होता है। जेल प्रशासन और पुलिस अब इस मामले में पूरी तरह से जांच में जुटी हुई है और जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की भी समीक्षा की जा रही है।

वराला मलेश हत्या के प्रयास के एक मामले में जेल में बंद था। पुलिस ने बताया कि इस मामले में वह न्यायिक प्रक्रिया का सामना कर रहा था और उसकी गिरफ्तारी के समय से ही उसे अंडर-ट्रायल कैदी के रूप में रखा गया था। घटना के बाद जेल प्रशासन ने कैदियों और स्टाफ के मानसिक स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने की बात कही है। स्थानीय लोगों और परिवार वालों में इस घटना को लेकर शोक और चिंता का माहौल है। परिवार ने पुलिस से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि भविष्य में ऐसे हादसे दोबारा न हों।

पुलिस अधिकारी इस मामले में स्पष्ट कर चुके हैं कि आत्महत्या की घटना की पूरी तरह से जांच की जाएगी। अस्पताल के रिकॉर्ड, जेल CCTV फुटेज और कैदी के व्यवहार का विश्लेषण किया जा रहा है। इस तरह की घटनाओं ने जेलों में मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देने की जरूरत को और भी बढ़ा दिया है। यह दुखद घटना न केवल जेल प्रशासन के लिए चुनौती है, बल्कि पूरे न्यायिक और सुधारात्मक सिस्टम के लिए एक चेतावनी भी है कि कैदियों की सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
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