तेलंगाना

Hyderabad: हाई कोर्ट के निर्देश के बाद हैदराबाद में क्या बदल सकते हैं नियम?

nidhi
23 July 2026 2:14 PM IST
Hyderabad: हाई कोर्ट के निर्देश के बाद हैदराबाद में क्या बदल सकते हैं नियम?
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हाई कोर्ट ने सरकार और संबंधित एजेंसियों से क्या जानकारी मांगी?
Hyderabad: तेलंगाना हाई कोर्ट ने राज्य सरकार और नागरिक अधिकारियों से कहा है कि वे हैदराबाद और सिकंदराबाद में कबूतरों को दाना खिलाने को नियंत्रित करने के लिए उठाए गए कदमों के बारे में एक हलफनामा (affidavit) जमा करें।
यह निर्देश इन जुड़वां शहरों में बेरोकटोक कबूतरों को दाना खिलाने के खिलाफ दायर एक जनहित याचिका (PIL) की सुनवाई के दौरान दिया गया।
हाई कोर्ट ने मांगी जानकारी
चीफ जस्टिस अपारेश कुमार सिंह और जस्टिस जी.एम. मोहिउद्दीन की डिवीजन बेंच ने कई सरकारी विभागों को निर्देश दिया कि वे कबूतरों को दाना खिलाने पर नियंत्रण के लिए उठाए गए कदमों का ब्योरा रिकॉर्ड पर रखें।
स्वास्थ्य और चिकित्सा विभाग, पशुपालन विभाग, हैदराबाद शहर के पुलिस कमिश्नर और ग्रेटर हैदराबाद नगर निगम (GHMC) से जवाब मांगे गए थे।
इस मामले की अगली सुनवाई 25 अगस्त को होगी।
हैदराबाद में कबूतरों को दाना खिलाने से जुड़ी जन-स्वास्थ्य संबंधी चिंताएं (PIL में उठाए गए मुद्दे)
यह जनहित याचिका हैदराबाद के मुशीराबाद के रहने वाले डॉ. राधेश्याम तापड़िया ने दायर की थी।
याचिका के अनुसार, रिहायशी इलाकों, अस्पतालों, सार्वजनिक स्थानों और ऐतिहासिक इमारतों में बेरोकटोक कबूतरों को दाना खिलाने से साफ-सफाई की समस्याएं, पर्यावरणीय मुद्दे और जन-स्वास्थ्य को खतरा पैदा हुआ है।
याचिकाकर्ता के वकील ने हाई कोर्ट को बताया कि 7 जनवरी, 2026 के आदेश के अनुसार, GHMC कमिश्नर, स्वास्थ्य, चिकित्सा और परिवार कल्याण विभाग, सार्वजनिक स्वास्थ्य निदेशालय और पशुपालन विभाग को एक विस्तृत प्रतिवेदन (representation) सौंपा गया था।
हालांकि, याचिकाकर्ता का दावा है कि प्रतिवेदन सौंपने के बावजूद अधिकारियों ने अब तक कोई कार्रवाई नहीं की है।
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