
Telangana तेलंगाना: ट्रैफिक चालान से बचने के लिए फर्जी वाहन पंजीकरण नंबर प्लेट का इस्तेमाल करने का मामला सामने आया है। इस मामले में गोलकोंडा निवासी एक व्यक्ति पर पुलिस ने मामला दर्ज किया है। आरोपी की पहचान शेख अली (37) के रूप में हुई है।
जानकारी के अनुसार, शेख अली ने अपने स्कूटर पर एक अन्य होंडा एक्टिवा का पंजीकरण नंबर चिपका दिया था, ताकि ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन की जिम्मेदारी उसके वास्तविक वाहन पर न आए और चालान से बचा जा सके। इस तरीके से गलत वाहन मालिक पर ट्रैफिक उल्लंघन का आरोप लग रहा था।
यह पूरा मामला हाल ही में हैदराबाद ट्रैफिक पुलिस द्वारा चलाए गए सत्यापन अभियान के दौरान उजागर हुआ। जांच के दौरान पुलिस को संदेह हुआ कि वाहन का नंबर और वास्तविक रिकॉर्ड मेल नहीं खा रहे हैं। इसके बाद विस्तृत जांच शुरू की गई।
पुलिस ने तकनीकी और रिकॉर्ड जांच के जरिए स्कूटर के असली पंजीकरण नंबर का पता लगाया और पाया कि नंबर प्लेट में हेरफेर किया गया है। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ने जानबूझकर दूसरे वाहन का नंबर इस्तेमाल किया था।
इस मामले के सामने आने के बाद लंगर हौज़ पुलिस स्टेशन में आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। अधिकारियों ने कहा कि यह एक गंभीर अपराध है, क्योंकि इससे न केवल ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन होता है, बल्कि निर्दोष वाहन मालिकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
पुलिस ने बताया कि ऐसे मामलों पर रोक लगाने के लिए शहर में लगातार जांच अभियान चलाए जा रहे हैं। ट्रैफिक पुलिस ने चेतावनी दी है कि फर्जी नंबर प्लेट या किसी भी प्रकार की पहचान में हेरफेर करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि डिजिटल ट्रैकिंग और सीसीटीवी निगरानी के माध्यम से अब ट्रैफिक नियम उल्लंघन को आसानी से ट्रैक किया जा सकता है, इसलिए इस तरह की धोखाधड़ी ज्यादा समय तक छिपी नहीं रह सकती।
इस घटना के बाद ट्रैफिक पुलिस ने वाहन मालिकों से अपील की है कि वे अपने वाहनों की नंबर प्लेट सही और वैध रखें तथा किसी भी तरह की गलत गतिविधि से बचें, अन्यथा कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।





