तेलंगाना

हैदराबाद होगा जाम और गंदगी से मुक्त! CM रेवंत रेड्डी का बड़ा एक्शन प्लान

Ratna Netam
2 Nov 2026 7:38 PM IST
हैदराबाद होगा जाम और गंदगी से मुक्त! CM रेवंत रेड्डी का बड़ा एक्शन प्लान
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हैदराबाद। तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने हैदराबाद को स्वच्छ, सुंदर और ट्रैफिक जाम से मुक्त शहर बनाने के लिए अधिकारियों को व्यापक कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने सोमवार, 2 नवंबर को जुबली हिल्स स्थित अपने आवास पर नगर प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। इस दौरान उन्होंने शहर की सफाई व्यवस्था, कचरा प्रबंधन, जल संरक्षण और यातायात की समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि शहर में कहीं भी कचरे का ढेर दिखाई नहीं देना चाहिए और सफाई व्यवस्था में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों तथा कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि हैदराबाद को अंतरराष्ट्रीय स्तर का आधुनिक और सुविधाजनक शहर बनाने के लिए सभी विभाग आपसी समन्वय से काम करें। उन्होंने कहा कि बढ़ती आबादी और शहरी विस्तार को देखते हुए सफाई तथा यातायात प्रबंधन को बेहतर बनाना जरूरी है। इसके लिए नियमित निगरानी के साथ आधुनिक तकनीक और बेहतर बुनियादी ढांचे पर ध्यान देने की आवश्यकता है।
शहर में कहीं भी नहीं दिखना चाहिए कचरा
समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने सफाई व्यवस्था को लेकर अधिकारियों को विशेष निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शहर के किसी भी इलाके में कचरे का जमाव नहीं होना चाहिए। इसके लिए प्रतिदिन घर-घर जाकर कचरा संग्रहण सुनिश्चित किया जाए।मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि कचरा संग्रहण व्यवस्था की लगातार निगरानी की जाए। जिन इलाकों में सफाई व्यवस्था कमजोर है, वहां विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने साफ किया कि सफाई के मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।बैठक में अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि शहर में घर-घर कचरा संग्रहण व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए निगरानी की जा रही है। लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कार्रवाई भी की जा रही है।मुख्यमंत्री ने निर्माण कार्यों से निकलने वाले मलबे के निस्तारण के लिए अलग व्यवस्था बनाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि निर्माण सामग्री और मलबा सड़कों या सार्वजनिक स्थानों पर जमा नहीं होना चाहिए। इससे शहर की सुंदरता प्रभावित होती है और यातायात में भी बाधा उत्पन्न हो सकती है।
औद्योगिक क्षेत्रों में भी सफाई पर विशेष ध्यान
रेवंत रेड्डी ने हैदराबाद के औद्योगिक क्षेत्रों में कचरा प्रबंधन को बेहतर बनाने पर भी जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को औद्योगिक क्षेत्र संघों के साथ समन्वय स्थापित करने का निर्देश दिया, ताकि इन इलाकों से निकलने वाले कचरे का नियमित संग्रहण और उचित निस्तारण किया जा सके।मुख्यमंत्री ने कहा कि शहर की स्वच्छता केवल आवासीय कॉलोनियों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। औद्योगिक क्षेत्रों, व्यावसायिक इलाकों और सार्वजनिक स्थानों पर भी सफाई की प्रभावी व्यवस्था होनी चाहिए।
पेयजल बचाने के लिए ग्रीन टैंकरों का इस्तेमाल
बैठक में जल संरक्षण को लेकर भी महत्वपूर्ण चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि निर्माण कार्यों, पार्कों के रखरखाव, बागवानी और हरियाली विकसित करने जैसे कार्यों में पीने योग्य पानी का उपयोग कम किया जाना चाहिए।उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इन कार्यों के लिए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट यानी एसटीपी में शुद्ध किए गए पानी का इस्तेमाल बढ़ाया जाए। इससे पेयजल की बचत होगी और जल संसाधनों का बेहतर प्रबंधन संभव हो सकेगा।मुख्यमंत्री ने बताया कि जल बोर्ड ने पहले चरण में 19 सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट से शुद्ध किए गए पानी की आपूर्ति के लिए 28 ग्रीन वाटर टैंकरों की सेवा शुरू की है।उन्होंने अधिकारियों को इस व्यवस्था का विस्तार ग्रेटर हैदराबाद नगर निगम (GHMC), साइबराबाद नगर निगम (CMC) और मलकाजगिरी नगर निगम (MMC) के क्षेत्रों में करने के निर्देश दिए। साथ ही लोगों को शुद्ध किए गए पानी के उपयोग के बारे में जागरूक करने पर भी जोर दिया।
ट्रैफिक जाम खत्म करने के लिए बनेगी व्यापक योजना
हैदराबाद की बढ़ती यातायात समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को विशेष कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि शहर में वाहनों की आवाजाही को सुचारु बनाने के लिए यातायात व्यवस्था में सुधार किया जाना जरूरी है।मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिन स्थानों पर ट्रैफिक जाम की समस्या अधिक रहती है, वहां अंडरपास और एलिवेटेड कॉरिडोर बनाने की संभावनाओं का अध्ययन किया जाए।उन्होंने शहर में सिग्नल-फ्री यातायात व्यवस्था विकसित करने पर भी जोर दिया। इसका उद्देश्य प्रमुख मार्गों पर वाहनों की आवाजाही को बिना अनावश्यक रुकावट के जारी रखना है।रेवंत रेड्डी ने कहा कि ऐसी व्यवस्था तैयार की जानी चाहिए, जिससे वाहन चालकों को ट्रैफिक सिग्नलों पर लंबे समय तक इंतजार न करना पड़े। इसके लिए सड़क निर्माण और यातायात नियंत्रण से जुड़े विभागों को मिलकर योजना बनानी होगी।
आधुनिक बुनियादी ढांचे से बदलेगी शहर की तस्वीर
हैदराबाद देश के प्रमुख सूचना प्रौद्योगिकी और औद्योगिक केंद्रों में शामिल है। यहां बड़ी संख्या में आईटी कंपनियां, व्यावसायिक प्रतिष्ठान और शिक्षण संस्थान स्थित हैं। ऐसे में शहर में बढ़ती आबादी और वाहनों की संख्या के साथ यातायात प्रबंधन एक महत्वपूर्ण चुनौती बनता जा रहा है।मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुसार, शहर में बेहतर सड़क नेटवर्क, अंडरपास और एलिवेटेड कॉरिडोर जैसी सुविधाओं के विकास की संभावनाओं पर काम किया जाएगा।इन उपायों से प्रमुख सड़कों पर यातायात दबाव कम करने में मदद मिल सकती है। हालांकि, इन परियोजनाओं के निर्माण और क्रियान्वयन के लिए विस्तृत योजना तथा आवश्यक स्वीकृतियां जरूरी होंगी।
लापरवाही करने वाले अधिकारियों पर होगी कार्रवाई
मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने बैठक में प्रशासनिक जवाबदेही पर विशेष जोर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि सफाई और नागरिक सुविधाओं से संबंधित कार्यों में लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।बैठक में सांसद वेम नरेंद्र रेड्डी, मुख्यमंत्री के सचिव माणिक राज, हैदराबाद महानगर विकास प्राधिकरण के आयुक्त सरफराज अहमद, नगर आयुक्त जी. सृजना सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को शहर की सफाई, जल संरक्षण और यातायात प्रबंधन से जुड़ी योजनाओं को प्रभावी तरीके से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए।तेलंगाना सरकार की इस पहल का उद्देश्य हैदराबाद को एक ऐसे आधुनिक महानगर के रूप में विकसित करना है, जहां नागरिकों को स्वच्छ वातावरण, बेहतर यातायात और आवश्यक शहरी सुविधाएं मिल सकें। अब इन निर्देशों के बाद संबंधित विभागों की कार्ययोजना और उसके जमीनी क्रियान्वयन पर नजर रहेगी।
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