तेलंगाना

हैदराबाद पुलिस की अपील: पशु क्रूरता के बिना मनाएं दशहरा

Tara Tandi
20 Oct 2026 2:30 PM IST
हैदराबाद पुलिस की अपील: पशु क्रूरता के बिना मनाएं दशहरा
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हैदराबाद: पुलिस कमिश्नर वी. सी. सज्जनार ने मंगलवार को लोगों से अपील की कि वे दशहरा के दौरान 'इंडियन रोलर' (पलापिट्टा) पक्षी को पिंजरे में बंद न करें और न ही उसके पंख काटें, क्योंकि ऐसा करना क्रूरता है।
कमिश्नर ने सोशल मीडिया के जरिए लोगों से 'इंडियन रोलर' (पलापिट्टा) को बचाने और दशहरा को क्रूरता-मुक्त मनाने की अपील की।
उन्होंने कहा, "त्योहार का मतलब है खुशी, आज़ादी और दूसरे जीवों के प्रति करुणा। लेकिन, दशहरा के शुभ अवसर पर कुछ लोग तेलंगाना के राजकीय पक्षी 'इंडियन रोलर' के पंख काट देते हैं और उन्हें व्यापार के लिए पिंजरों में बंद कर देते हैं।"
कमिश्नर ने सवाल किया, "सोचिए... एक बेज़ुबान जीव को उसकी आज़ादी से वंचित रखना और उसे बिना खाने-पीने के तड़पाना, इससे किसी का क्या भला हो सकता है? उस पक्षी की पीड़ा में किसी को क्या अच्छा लग सकता है?"
लोगों का मानना ​​है कि दशहरा के दिन 'इंडियन रोलर' को देखने से सौभाग्य आता है।
सज्जनार ने बताया कि 'इंडियन रोलर' हमारे पर्यावरण का रक्षक और किसानों का सच्चा दोस्त है। जब यह नीले आसमान में आज़ादी से उड़ता है, तो यह प्रकृति की सुंदरता और हमारे समाज के लिए सम्मान की बात होती है।
उन्होंने कहा, "वन्यजीव संरक्षण अधिनियम-1972 के तहत 'इंडियन रोलर' को पकड़ना, बेचना या प्रदर्शन करना एक अपराध है। आइए, इस त्योहार पर इन बेज़ुबान जीवों को आज़ादी दें। किसी भी हाल में पक्षियों को कैद करके दिखाए जाने वाले शो को बढ़ावा न दें।"
उन्होंने लोगों से एक ज़िम्मेदार नागरिक की तरह व्यवहार करने की अपील की। ​​अगर उन्हें कहीं भी 'इंडियन रोलर' पिंजरे में बंद दिखे, तो वे तुरंत टोल-फ्री नंबर 18004255364, 9803338666 पर कॉल करें या 112 डायल करके इसकी सूचना दें।
सज्जनार और अन्य अधिकारियों ने 'अभी कदम उठाएं! पलापिट्टा को बचाएं!' (Act Now! Save Palapitta) के नारे वाले पोस्टर जारी किए।
तेलंगाना वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे तेलंगाना के राजकीय पक्षी को बचाकर दशहरा को क्रूरता-मुक्त मनाएं। विभाग ने लोगों से कहा है कि अगर कहीं 'इंडियन रोलर' को कैद करके रखा गया हो या उसका प्रदर्शन किया जा रहा हो, तो उनके हेल्पलाइन नंबरों पर इसकी जानकारी दें।
रिपोर्ट्स के अनुसार, देश में इस प्रजाति को कई खतरों का सामना करना पड़ रहा है और इसके कम दिखाई देने को लेकर चिंता बढ़ रही है। हाल ही में आई एक रिपोर्ट में बताया गया है कि प्राकृतिक आवास का नुकसान, कीटनाशकों का इस्तेमाल और अवैध रूप से पकड़ना, इस पक्षी के अस्तित्व के लिए मुख्य खतरे हैं।
'पालापिट्टा' (नीलकंठ) को अक्सर क्रूरता का सामना करना पड़ता है, क्योंकि लोगों का मानना ​​है कि दशहरा के दिन इस पक्षी को देखने से सौभाग्य आता है। दुर्भाग्य से, लोग इसे देख सकें, इसके लिए इन पक्षियों को जंगल से बेरहमी से पकड़ लिया जाता है। इन्हें उड़ने से रोकने के लिए इनके पंखों को गोंद से चिपका दिया जाता है या इनके पैरों को कहीं चिपका दिया जाता है। रिपोर्टों के अनुसार, इस अमानवीय बर्ताव के कारण ये पक्षी बहुत कष्ट सहते हैं और जल्द ही इनकी मौत हो जाती है।
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