
Hyderabad हैदराबाद : गांधी हॉस्पिटल के सुपरिटेंडेंट डॉ. वाणी ने शनिवार को पुष्टि की कि सूडान से आए हवाई यात्री, जिसे गुरुवार को इबोला के शक में गांधी हॉस्पिटल के इबोला आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कराया गया था, का टेस्ट नेगेटिव आया है। इस खबर से स्वास्थ्य अधिकारियों और आम लोगों दोनों को राहत मिली है।
सूचना के अनुसार, गुरुवार को RGIA (राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा) पहुंचे सूडानी यात्री को हल्का बुखार था। एयरपोर्ट पर लगे थर्मल स्कैनर ने उनकी स्थिति का पता लगाया, जिसके बाद उन्हें तुरंत कोरोना और अन्य संक्रामक रोगों के लिए जांच के लिए गांधी हॉस्पिटल भेजा गया। मरीज़ को इबोला की संभावना के मद्देनजर आइसोलेशन वार्ड में रखा गया।
हॉस्पिटल प्रशासन ने बताया कि मरीज का स्वास्थ्य स्थिर था और उन्हें तुरंत इबोला टेस्ट के लिए हैदराबाद के CCMB (सेंट्रल कॉउन्सिल फॉर बायोलॉजिकल रिसर्च) भेजा गया। शनिवार सुबह तक टेस्ट के नतीजे आ गए, जिनमें मरीज का इबोला वायरस के लिए नेगेटिव पाया गया।
डॉ. वाणी ने बताया कि मरीज को घुटने की सर्जरी के लिए हैदराबाद के एक प्राइवेट हॉस्पिटल में एडमिट होना है। उन्होंने कहा, “मरीज की स्थिति स्थिर है और इबोला टेस्ट नेगेटिव आने के बाद उन्हें जल्द ही गांधी हॉस्पिटल से छुट्टी दे दी जाएगी ताकि वह अपनी सर्जरी के लिए प्राइवेट हॉस्पिटल में जा सकें। हम पूरे स्वास्थ्य प्रोटोकॉल के तहत उनकी सुरक्षा सुनिश्चित कर रहे हैं।”
स्वास्थ्य विभाग ने भी इस पूरे मामले की निगरानी की। अधिकारियों ने बताया कि RGIA पर सभी अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए थर्मल स्कैनिंग और स्वास्थ्य चेकिंग के सख्त प्रोटोकॉल लागू हैं। यही प्रक्रिया समय रहते किसी भी संक्रामक रोग के फैलाव को रोकने में मदद करती है।
सूत्रों के अनुसार, यह मामला पहली बार सामने आया जब नागरिकों और सोशल मीडिया पर इबोला को लेकर अफवाहें फैलने लगीं। हॉस्पिटल और स्वास्थ्य अधिकारियों ने तुरंत स्पष्ट किया कि मरीज की स्थिति स्थिर है और सभी आवश्यक सावधानियां बरती जा रही हैं।
इस घटना से स्वास्थ्य अधिकारियों ने यह संदेश भी दिया कि अंतरराष्ट्रीय यात्रियों की जांच के लिए लागू किए गए नियम और प्रोटोकॉल प्रभावी हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें और स्वास्थ्य विभाग की आधिकारिक घोषणाओं पर भरोसा करें।
गांधी हॉस्पिटल ने बताया कि आइसोलेशन वार्ड में मरीज को रखने और टेस्टिंग प्रक्रिया में कोई भी लापरवाही नहीं हुई। मरीज को पूरी तरह से निगरानी में रखा गया और डॉक्टरों की टीम ने हर संभव सावधानी बरती।
इस घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग ने RGIA पर थर्मल स्कैनिंग और आइसोलेशन प्रोटोकॉल को और मजबूत करने का फैसला किया है। अधिकारियों ने यह भी कहा कि किसी भी अंतरराष्ट्रीय यात्री में हल्के बुखार या अन्य संक्रामक रोग के लक्षण पाए जाने पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
इस प्रकार, इस मामले का नतीजा यह हुआ कि सूडानी यात्री सुरक्षित हैं और इबोला जैसी गंभीर बीमारी से संबंधित कोई खतरा नहीं है। प्रशासन ने लोगों को आश्वस्त किया कि स्वास्थ्य सुरक्षा के सभी मानक सख्ती से पालन किए जा रहे हैं।





