तेलंगाना

हैदराबाद का व्यक्ति रूसी युद्धक्षेत्र में धोखे से पहुंचा; परिवार ने बचाव की अपील की

SHIDDHANT
17 Oct 2025 11:54 PM IST
हैदराबाद का व्यक्ति रूसी युद्धक्षेत्र में धोखे से पहुंचा; परिवार ने बचाव की अपील की
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Hyderabad हैदराबाद। एक 37 वर्षीय हैदराबाद निवासी मोहम्मद अहमद रूस में फंसा हुआ है और रूस-यूक्रेन युद्ध में जबरन लड़ने के लिए मजबूर किया जा रहा है। अहमद को मुंबई की एक एजेंसी ने कंस्ट्रक्शन कंपनी में नौकरी का झांसा देकर रूस भेजा था, जहां पहुंचने के बाद उसे और अन्य भारतीयों को हथियार थमाकर युद्ध में भेजने की धमकी दी गई। मामला उस समय उजागर हुआ जब अहमद की पत्नी अफ्शा बेगम ने विदेश मंत्री एस. जयशंकर को पत्र लिखकर अपने पति की रिहाई और भारत वापसी की गुहार लगाई। अफ्शा ने बताया कि उनके पति अप्रैल 2025 में नौकरी के प्रस्ताव पर रूस गए थे। शुरुआती एक महीने तक कोई काम नहीं मिला और इसके बाद करीब 30 लोगों को एक दूरस्थ क्षेत्र में ले जाकर जबरन हथियार प्रशिक्षण दिया गया।
“हमें कहा गया कि यूक्रेनी सेना से लड़ो, नहीं तो गोली मार दी जाएगी”
एक वीडियो संदेश में मोहम्मद अहमद ने कहा, “जहां मैं हूं वहां युद्ध चल रहा है। हम चार भारतीयों ने युद्ध में जाने से मना किया, तो उन्होंने हम पर बंदूक तान दी। मेरे पैर में प्लास्टर है। उस एजेंट को मत छोड़ना, उसने हमें फंसाया है।”
अहमद की पत्नी ने बताया कि जब उनके पति को सीमा क्षेत्र में भेजा जा रहा था, तब उन्होंने सेना के वाहन से कूदकर भागने की कोशिश की, जिससे उनके पैर में फ्रैक्चर हो गया। लेकिन अब भी उन्हें धमकी दी जा रही है कि या तो युद्ध में हिस्सा लो या मारे जाओ। ओवैसी ने लिखा विदेश मंत्रालय को पत्र
परिवार ने मदद के लिए एआईएमआईएम अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी से मुलाकात की। ओवैसी ने विदेश मंत्रालय (MEA) को पत्र लिखकर अहमद की सुरक्षित वापसी की मांग की। इस पर भारत के मॉस्को स्थित दूतावास ने जवाब दिया कि अहमद का विवरण रूसी अधिकारियों को भेज दिया गया है और उनके शीघ्र रिहाई व भारत वापसी के लिए अनुरोध किया गया है।
परिवार से टूटा संपर्क, बढ़ी चिंता
अफ्शा बेगम ने बताया कि शुक्रवार सुबह से अहमद का संपर्क पूरी तरह टूट गया है। उन्होंने पिछले कुछ दिनों से वॉयस नोट और वीडियो संदेश भेजे थे, लेकिन अब कोई जवाब नहीं मिल रहा। “उसने बताया था कि उनका दल यूक्रेन के अंदर की ओर बढ़ने वाला है और अगले पांच दिनों तक भारी गोलीबारी की संभावना है,” उन्होंने कहा।
परिवार का कहना है कि अब तक न राज्य सरकार और न केंद्र सरकार से कोई संपर्क या जानकारी मिली है। अफ्शा ने कहा, “वह परिवार का एकमात्र कमाने वाला सदस्य है। उसकी बीमार मां और दो छोटे बच्चे हैं। मैं सरकार से विनती करती हूं कि उसे जल्द से जल्द भारत वापस लाया जाए।”
यह घटना रूस में भारतीय नागरिकों के साथ हो रहे कथित ‘जॉब फ्रॉड’ और मजबूरी में युद्ध में झोंकने की बढ़ती घटनाओं पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
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