
Hyderabad हैदराबाद : सिटी साइबरक्राइम पुलिस ने एक बड़े ऑनलाइन धोखाधड़ी मामले का खुलासा करते हुए 1.46 करोड़ रुपये के मैट्रिमोनी साइट-बेस्ड इन्वेस्टमेंट फ्रॉड में शामिल चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस मामले में साइबर अपराधियों ने नकली मैट्रिमोनियल प्रोफाइल और म्यूल बैंक खातों का इस्तेमाल कर पीड़ितों को ठगी का शिकार बनाया।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सिद्दीपेट निवासी सीएच संपत, हेचू नरेश, एंडला सुरेश और वी महेश के रूप में हुई है, जो सभी सिकंदराबाद के रहने वाले हैं। इन सभी पर आरोप है कि इन्होंने साइबर ठगों के नेटवर्क को वित्तीय लेनदेन में मदद पहुंचाई और अवैध धन को आगे ट्रांसफर करने में भूमिका निभाई।
जांच में सामने आया है कि यह पूरा नेटवर्क बेहद संगठित तरीके से काम कर रहा था। आरोपी म्यूल बैंक अकाउंट खोलकर उन्हें मैनेज करते थे और फ्रॉड से प्राप्त धनराशि को अलग-अलग खातों में घुमाकर उसे हवाला चैनलों के जरिए सिंगापुर स्थित साइबर अपराधियों तक पहुंचाते थे।
पुलिस के मुताबिक, यह मामला तब सामने आया जब फरवरी में एक पीड़ित ने शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में बताया गया कि ठगों ने एक मैट्रिमोनी प्लेटफॉर्म पर महिला बनकर पीड़ित से संपर्क किया और शादी का वादा करके उसका भरोसा जीता। इसके बाद उसे एक ऑनलाइन निवेश योजना में मोटे रिटर्न का लालच देकर पैसे निवेश करने के लिए प्रेरित किया गया।
शिकायतकर्ता को नकली निवेश प्लेटफॉर्म पर लगातार झूठे मुनाफे दिखाए गए, जिससे उसे विश्वास हो गया कि उसका पैसा बढ़ रहा है। इसी भरोसे में आकर पीड़ित ने विभिन्न बैंक खातों में कुल 46.65 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। हालांकि, जब उसने अपने पैसे निकालने की कोशिश की, तो उसे किसी भी प्रकार की निकासी की अनुमति नहीं दी गई।
साइबरक्राइम अधिकारियों ने बताया कि यह पूरा फ्रॉड बेहद योजनाबद्ध तरीके से चलाया जा रहा था, जिसमें पीड़ितों को लंबे समय तक भ्रमित रखा जाता था। जांच के दौरान यह भी पता चला कि तेलंगाना और महाराष्ट्र में फैले कई म्यूल बैंक खातों के जरिए इस पैसे को घुमाया गया।
अधिकारियों के अनुसार, ठगी गई रकम में से लगभग 35 लाख रुपये इन बैंक खातों के माध्यम से ट्रांसफर किए गए थे, जिससे यह साफ होता है कि यह एक बड़े साइबर नेटवर्क का हिस्सा है।
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और उनके मोबाइल फोन, बैंक लेनदेन और डिजिटल रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। इसके अलावा इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने के लिए भी तकनीकी विश्लेषण किया जा रहा है।
अधिकारियों का कहना है कि यह गिरोह सोशल मीडिया और मैट्रिमोनी प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर लोगों को भावनात्मक रूप से जोड़ता था और फिर उन्हें निवेश के नाम पर ठगी का शिकार बनाता था।
साइबर पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर निवेश करने से पहले पूरी तरह जांच-पड़ताल करें और किसी भी तरह के आकर्षक रिटर्न के झांसे में न आएं।
फिलहाल चारों आरोपी पुलिस हिरासत में हैं और पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने के लिए जांच जारी है। आने वाले दिनों में इस मामले में और भी खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।





