
Hyderabad हैदराबाद : भारतीय क्रिकेटर युजवेंद्र चहल ने स्पोर्ट्स और टेक्नोलॉजी की दुनिया में एक नई पहल करते हुए ‘SprintX Playmaker Accelerator’ लॉन्च किया है। यह भारत में स्पोर्ट्स-टेक, गेमिंग, ई-स्पोर्ट्स और नए जमाने के मीडिया स्टार्टअप्स के लिए अपनी तरह का पहला ‘फुल-स्टैक’ एक्सेलेरेटर प्रोग्राम बताया जा रहा है।
इस लॉन्च का मुख्य उद्देश्य ऐसे स्टार्टअप्स को बढ़ावा देना है जो खेलों और तकनीक के मेल से नए इनोवेशन पर काम कर रहे हैं। इस कार्यक्रम के जरिए शुरुआती चरण के उद्यमियों को मार्गदर्शन, संसाधन और नेटवर्किंग के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे, ताकि वे अपने विचारों को एक मजबूत बिज़नेस मॉडल में बदल सकें।
इवेंट के दौरान युजवेंद्र चहल ने खेल जगत में तकनीक की बढ़ती भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में टेक्नोलॉजी ने खेलों की दुनिया को पूरी तरह बदल दिया है और इसका प्रभाव लगातार बढ़ता जा रहा है।
चहल ने कहा कि आज के समय में खेल केवल मैदान तक सीमित नहीं हैं, बल्कि डेटा, एनालिटिक्स और डिजिटल टूल्स के जरिए पूरी रणनीति तय की जाती है। उन्होंने बताया कि टीम की योजना बनाने से लेकर खिलाड़ी की फिटनेस, वेलनेस, रिकवरी और प्रदर्शन सुधार तक हर चरण में टेक्नोलॉजी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
उन्होंने यह भी कहा कि बीते सात से आठ वर्षों में खेल और तकनीक का जुड़ाव तेजी से बढ़ा है और अब यह किसी भी एथलीट के सफर का जरूरी हिस्सा बन चुका है।
इस कार्यक्रम को खेल और स्टार्टअप इकोसिस्टम के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में देखा जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की पहल भारत में स्पोर्ट्स-टेक सेक्टर को नई दिशा दे सकती है और युवाओं को नवाचार के लिए प्रेरित कर सकती है।
स्टार्टअप्स को इस एक्सेलेरेटर के माध्यम से न केवल तकनीकी सहायता मिलेगी, बल्कि उन्हें मेंटरशिप और निवेशकों से जुड़ने का अवसर भी प्राप्त होगा। इससे देश में ई-स्पोर्ट्स और गेमिंग इंडस्ट्री के विकास को भी गति मिलने की उम्मीद है।
युजवेंद्र चहल की यह पहल खेल और तकनीक के बीच बढ़ते तालमेल को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।





