तेलंगाना

Hyderabad: केंद्र का उद्देश्य उन्नत औद्योगिक और इंजीनियरिंग समाधानों में नवाचार

Ratna Netam
21 April 2026 8:52 PM IST
Hyderabad: केंद्र का उद्देश्य उन्नत औद्योगिक और इंजीनियरिंग समाधानों में नवाचार
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Hyderabad.हैदराबाद: यूनीवर्सिटी ऑफ हैदराबाद (यूओएच) और हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) ने मिलकर डिजिटल ट्विन टेक्नोलॉजी में एक उत्कृष्टता केंद्र की स्थापना की है। यह केंद्र उद्योग और अकादमिक क्षेत्रों के बीच सहयोग को मजबूत करने और डिजिटल एडवांसमेंट में नवाचार को बढ़ावा देने के लिए स्थापित किया गया है।
डिजिटल ट्विन टेक्नोलॉजी, जो भौतिक और डिजिटल दुनिया के बीच सटीक सिमुलेशन और मॉडलिंग की सुविधा प्रदान करती है, आधुनिक इंजीनियरिंग और उत्पादन प्रक्रियाओं में क्रांतिकारी बदलाव ला रही है। इस केंद्र के माध्यम से छात्र, शोधकर्ता और उद्योग विशेषज्ञ हवाई और रक्षा उपकरणों के लिए डिजिटल मॉडल तैयार करने, परीक्षण और ऑप्टिमाइजेशन करने का अनुभव प्राप्त करेंगे।
केंद्र का उद्घाटन करते हुए यूओएच के रजिस्ट्रार और एचएएल के वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि यह पहल शैक्षणिक और औद्योगिक नवाचार को एक नई दिशा देगी। उन्होंने यह भी बताया कि केंद्र में हाई-टेक लैब्स, सॉफ्टवेयर और प्रशिक्षण सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, जिससे छात्रों और शोधकर्ताओं को वास्तविक समय के डेटा और सिमुलेशन प्रोजेक्ट्स पर काम करने का अवसर मिलेगा।
एचएएल के इंजीनियरिंग प्रमुख ने बताया कि डिजिटल ट्विन तकनीक का उपयोग कर उपकरणों की दक्षता, जीवनकाल और प्रदर्शन को वास्तविक समय में मॉनिटर और ऑप्टिमाइज़ किया जा सकेगा। यह पहल न केवल रक्षा और एयरोस्पेस क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देगी, बल्कि देश में उच्च तकनीक शोध और स्टार्टअप इकोसिस्टम को भी प्रोत्साहित करेगी।
यूओएच के प्रोफेसर ने कहा कि यह केंद्र छात्रों के लिए प्रशिक्षण और रिसर्च के अवसर पैदा करेगा और उन्हें आधुनिक तकनीक के व्यावहारिक अनुप्रयोगों से परिचित कराएगा। इसके अलावा, केंद्र में चल रहे प्रोजेक्ट्स में सिंथेटिक डेटा जनरेशन, predictive maintenance और ऑप्टिमाइजेशन मॉडलिंग शामिल हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल भारत में डिजिटल ट्विन टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में वैश्विक प्रतिस्पर्धा को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इसके अलावा, छात्रों, शोधकर्ताओं और उद्योग विशेषज्ञों के लिए नेटवर्किंग और सहयोग के नए अवसर भी खुलेंगे।
केंद्र के शुभारंभ के साथ ही यूओएच और एचएएल ने घोषणा की कि यह पहल भविष्य में रक्षा उत्पादन, स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग और उन्नत अनुसंधान परियोजनाओं में और विस्तार करेगी।
यह सहयोग भारत में विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता और नवाचार को बढ़ावा देने का एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
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