तेलंगाना

Hyderabad: आंखों के पैथोजन्स में बढ़ी एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस

Ratna Netam
7 April 2026 7:45 PM IST
Hyderabad: आंखों के पैथोजन्स में बढ़ी एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस
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Hyderabad.हैदराबाद: हैदराबाद के वैज्ञानिकों और रिसर्चर्स ने हाल ही में आंखों में होने वाले पैथोजन्स (संक्रमक सूक्ष्मजीव) में उच्च स्तर की एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस (AMR) का पता लगाया है। यह अध्ययन स्थानीय और राष्ट्रीय स्वास्थ्य समुदाय के लिए चिंता का विषय बन गया है क्योंकि आंखों के संक्रमण के इलाज में इस्तेमाल होने वाली दवाओं की प्रभावशीलता घट रही है।
रिसर्च टीम ने बताया कि कई आम और गंभीर आंखों के रोगों में रोगजनक बैक्टीरिया और फंगस में एंटीबायोटिक दवाओं के प्रति रेजिस्टेंस बढ़ रहा है। इसका मतलब है कि सामान्य संक्रमण भी इलाज में कठिनाई पैदा कर सकते हैं और लंबे समय तक उपचार की आवश्यकता पड़ सकती है।
अध्ययन में पाया गया कि कुछ पैथोजन्स ने सबसे सामान्य और अक्सर इस्तेमाल की जाने वाली एंटीबायोटिक दवाओं के खिलाफ प्रतिरोध विकसित कर लिया है। वैज्ञानिकों ने कहा कि यदि इस रुझान को जल्द ही नियंत्रित नहीं किया गया, तो आंखों के संक्रमण गंभीर स्वास्थ्य संकट का रूप ले सकते हैं।
डॉक्टर्स ने जनता और चिकित्सकीय पेशेवरों से सतर्क रहने और दवाओं का अनुचित या जरूरत से अधिक इस्तेमाल न करने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि एंटीबायोटिक रेजिस्टेंस केवल आंखों तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे शरीर में संक्रमण के इलाज को प्रभावित कर सकता है।
विशेषज्ञों ने आगे कहा कि नई एंटीबायोटिक रणनीतियों, जांच उपकरणों और जागरूकता कार्यक्रमों की आवश्यकता है। मरीजों को दवा का पूरा कोर्स पूरा करने, स्व-इलाज से बचने और नियमित आंखों की जांच कराने की सलाह दी जा रही है।
रिसर्चर्स ने चेतावनी दी है कि हाई AMR वाले पैथोजन्स आम आंखों के संक्रमणों को भी गंभीर बना सकते हैं। उन्होंने सरकार और स्वास्थ्य संगठनों से सख्त नीतियों और अनुसंधान निवेश बढ़ाने की अपील की है।
संक्षेप में, हैदराबाद के रिसर्चर्स ने आंखों में होने वाले पैथोजन्स में उच्च एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस का पता लगाया है। यह खोज स्वास्थ्य पेशेवरों और जनता दोनों के लिए चेतावनी है, ताकि दवाओं का जिम्मेदारी से उपयोग, नई रणनीतियों और जागरूकता बढ़ाई जा सके।
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