तेलंगाना

Hyderabad: माता-पिता की देखभाल न करने पर सैलरी में 15% कटौती

Admindelhi1
13 Jan 2026 3:14 PM IST
Hyderabad: माता-पिता की देखभाल न करने पर सैलरी में 15% कटौती
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हैदराबाद: माता-पिता की देखभाल को लेकर तेलंगाना सरकार ने एक सख्त और दूरगामी फैसला लेने की तैयारी कर ली है। मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने घोषणा की है कि राज्य सरकार आगामी बजट सत्र में एक अहम विधेयक पेश करेगी, जिसके तहत अपने माता-पिता की देखभाल न करने वाले सरकारी कर्मचारियों के वेतन से 10 से 15 फीसदी तक की कटौती की जाएगी। कटौती की गई यह राशि सीधे संबंधित माता-पिता के बैंक खातों में भेजी जाएगी।

मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने कहा कि राज्य में ऐसे कई मामले सामने आ रहे हैं, जहां बुजुर्ग माता-पिता को उनके बच्चे अकेला छोड़ देते हैं और उनका कोई ख्याल नहीं रखते। आर्थिक रूप से सक्षम होने के बावजूद वृद्ध माता-पिता उपेक्षा और अभाव में जीवन जीने को मजबूर हैं। इसी सामाजिक समस्या को ध्यान में रखते हुए सरकार यह कड़ा कदम उठाने जा रही है।

सरकार का मानना है कि यह विधेयक न केवल बुजुर्गों को आर्थिक सुरक्षा देगा, बल्कि बच्चों में माता-पिता के प्रति जिम्मेदारी की भावना भी विकसित करेगा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि माता-पिता की सेवा केवल नैतिक कर्तव्य नहीं, बल्कि सामाजिक दायित्व भी है और इसे नजरअंदाज करने वालों पर सख्त कार्रवाई जरूरी है।

इसके साथ ही तेलंगाना सरकार ने वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण के लिए ‘प्रणाम’ डे केयर सेंटर स्थापित करने की भी योजना बनाई है। इन केंद्रों में बुजुर्गों को दिन के समय देखभाल, स्वास्थ्य सुविधाएं, मनोरंजन और सामाजिक गतिविधियों का लाभ मिलेगा। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि वृद्ध नागरिक अकेलापन महसूस न करें और उन्हें सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर मिले।

सरकारी सूत्रों के अनुसार, प्रस्तावित विधेयक लागू होने के बाद विभागीय स्तर पर निगरानी की व्यवस्था की जाएगी, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि माता-पिता की उपेक्षा करने वाले कर्मचारियों की पहचान सही तरीके से हो और कटौती की राशि समय पर उनके माता-पिता तक पहुंचे।

तेलंगाना सरकार के इस फैसले को सामाजिक जिम्मेदारी और बुजुर्गों के अधिकारों की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। माना जा रहा है कि यदि यह प्रयोग सफल होता है, तो अन्य राज्य भी इसी तरह के कानून पर विचार कर सकते है।

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