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Hyderabad हैदराबाद: आंध्र प्रदेश राज्य में पहली बार गरीब परिवारों के लिए 3D कंक्रीट-प्रिंटिंग टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके घर बनाए जाएंगे। मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू और केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रविवार को गुंटूर जिले के बुर्रिपालेम गांव में इस प्रोजेक्ट की आधारशिला रखी। लोगों को संबोधित करते हुए नायडू ने कहा कि शुरुआत में केंद्र ने तेलुगु राज्य के लिए 75,000 घरों को मंज़ूरी दी थी, लेकिन बाद में राज्य सरकार के विशेष अनुरोध पर विचार करते हुए गरीब परिवारों के लिए अतिरिक्त तीन लाख घरों को मंज़ूरी दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बेघर लोगों को आश्रय देने के लिए राज्य को कुल नौ लाख घरों की ज़रूरत है और NDA के नेतृत्व वाली सरकार गरीब परिवारों के लिए पक्के घर सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व पर भरोसा जताते हुए नायडू ने कहा कि केंद्र के लगातार सहयोग से आंध्र प्रदेश इंफ्रास्ट्रक्चर और ग्रामीण विकास के मामले में देश का अग्रणी राज्य बनेगा।
यह प्रोजेक्ट प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) 2.0 स्कीम के तहत लागू किया जा रहा है। इस स्कीम के तहत राज्य सरकार लाभार्थियों के लिए तीन लाख घर बनाएगी। नेशनल लेवल के पायलट प्रोजेक्ट के लिए गुंटूर जिले को चुना गया है, जिसके तहत तेनाली मंडल के बुर्रिपालेम और ओबुलानाइडुपालेम में 14 करोड़ रुपये की लागत से 117 घर बनाए जाएंगे।
उम्मीद है कि 3D कंक्रीट-प्रिंटिंग टेक्नोलॉजी ग्रामीण आवासों के आधुनिकीकरण में एक नए युग की शुरुआत करेगी। इस प्रोजेक्ट की तकनीकी देखरेख की ज़िम्मेदारी सेंट्रल बिल्डिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट (CBRI) को सौंपी गई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, पायलट प्रोजेक्ट छह महीने में पूरा हो जाएगा और इस एडवांस्ड टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके हर घर के निर्माण के लिए 10 दिन का समय तय किया गया है।
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