तेलंगाना

तेलंगाना में भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट, कई जिलों में IMD की चेतावनी

SHIDDHANT
28 Aug 2025 8:56 PM IST
तेलंगाना में भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट, कई जिलों में IMD की चेतावनी
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HYDERABAD हैदराबाद। तेलंगाना में लगातार हो रही बारिश के बीच गुरुवार शाम भारतीय मौसम विभाग (IMD)-हैदराबाद ने बड़ा अलर्ट जारी किया है। विभाग ने संकेत दिया है कि राज्य के कई जिलों में गुरुवार देर रात से शुक्रवार सुबह तक भारी से अति भारी वर्षा (Heavy to Very Heavy Rainfall) होने की संभावना है। इसका मुख्य कारण एक लो-प्रेशर एरिया (LPA) है, जो वर्तमान में सक्रिय है।
हालांकि स्वतंत्र मौसम विशेषज्ञों और वेदर ट्रैकर्स ने दावा किया था कि तेलंगाना पर लो-प्रेशर एरिया का असर कम हो चुका है और यह सिस्टम महाराष्ट्र के मराठवाड़ा क्षेत्र की ओर बढ़ गया है। इसके बावजूद, IMD-हैदराबाद ने अपने पूर्वानुमान में स्पष्ट किया है कि नीरमल, निजामाबाद, जगित्याल और कामारेड्डी जिलों में शुक्रवार सुबह तक भारी बारिश जारी रह सकती है।
हैदराबाद और आसपास के जिलों में भी चेतावनी
मौसम विभाग ने न सिर्फ उत्तर और मध्य तेलंगाना बल्कि हैदराबाद और आसपास के जिलों के लिए भी चेतावनी जारी की है। इनमें मेदचल-मलकाजगिरी, रंगारेड्डी, यदाद्री भोंगीर, महबूबनगर और भद्राद्री कोठागुडेम शामिल हैं। इन इलाकों में रातभर तेज बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं।
ऑरेंज अलर्ट जारी
IMD-हैदराबाद ने राज्य के कई जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इसमें आदिलाबाद, कुमुराम भीम आसिफाबाद, मण्चेरियल, राजन्ना सिरिसिल्ला, करीमनगर, पेद्दापल्ली, जयशंकर भूपालपल्ली, मुलुगु, महबूबाबाद, हनमकोंडा, वारंगल, जनगांव, सिद्दिपेट, विकाराबाद, संगारेड्डी और मेडक जिले शामिल हैं। इन जिलों में भारी से अति भारी वर्षा की संभावना जताई गई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि इतनी तेज बारिश के कारण कई क्षेत्रों में जलभराव और छोटी नदियों-नालों में उफान की स्थिति बन सकती है। ग्रामीण इलाकों में सड़क संपर्क बाधित होने और शहरी इलाकों में ट्रैफिक जाम जैसी दिक्कतें भी उत्पन्न हो सकती हैं।
हल्की से मध्यम बारिश की संभावना पूरे तेलंगाना में
विभाग ने स्पष्ट किया है कि राज्य के सभी हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना बनी रहेगी। यानी, अगले 12-18 घंटों तक मौसम असामान्य रूप से सक्रिय रहेगा।
लो-प्रेशर सिस्टम का असर
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, बंगाल की खाड़ी से बने इस लो-प्रेशर सिस्टम ने पूरे दक्षिण भारत में मौसम को प्रभावित किया है। तेलंगाना में पिछले तीन दिनों से लगातार वर्षा दर्ज की जा रही है, जिसके चलते खेतों में फसलें पानी में डूब गई हैं। धान, मक्का और कपास की फसलों को भारी नुकसान की आशंका है।
वहीं, पशुपालकों ने भी अपने पशुओं के सुरक्षित रहने को लेकर चिंता जताई है। ग्रामीण इलाकों में कई जगहों पर बिजली आपूर्ति बाधित हो गई है, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ है।
सरकार और प्रशासन की तैयारियां
भारी वर्षा की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन को अलर्ट पर रखा गया है। आपदा प्रबंधन विभाग ने संबंधित जिलों में कंट्रोल रूम सक्रिय करने और निचले इलाकों में रह रहे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट करने के निर्देश दिए हैं। हैदराबाद में ग्रेटर हैदराबाद म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (GHMC) की टीमें जलभराव से निपटने और नालों की सफाई के काम में लगी हुई हैं।
नागरिकों को सावधानी बरतने की सलाह
IMD और प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे भारी बारिश के दौरान अनावश्यक रूप से बाहर न निकलें। खासकर निचले इलाकों, पुलों और नालों के पास से बचकर रहें। वाहन चालकों को भी सतर्क रहने और जरूरत पड़ने पर ही सफर करने की सलाह दी गई है।
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