
हैदराबाद। तेलंगाना में पिछले चार दिनों से जारी बारिश के बीच हैदराबाद के बाहरी इलाकों के पश्चिमी हिस्सों में कई स्थानों पर सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई है। तेलंगाना डेवलपमेंट प्लानिंग सोसाइटी (TGDPS) के आंकड़ों के अनुसार, पश्चिमी हैदराबाद के कम से कम छह क्षेत्रों में बारिश सामान्य स्तर से काफी अधिक रही।
TGDPS ने बताया कि राज्य के कई हिस्सों में लगातार बारिश हो रही है, लेकिन हैदराबाद के पश्चिमी बाहरी क्षेत्रों में वर्षा का प्रभाव सबसे अधिक देखने को मिला है। मोइनाबाद, शंकरपल्ली, राजेंद्रनगर, रामचंद्रपुरम, गोलकोंडा और सेरिलिंगमपल्ली जैसे इलाकों में सामान्य औसत की तुलना में अधिक बारिश दर्ज की गई है।
आंकड़ों के अनुसार, मोइनाबाद में सामान्य बारिश 244.1 मिलीमीटर दर्ज की जाती है, जबकि इस अवधि में यहां 387.3 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। इसी तरह शंकरपल्ली में सामान्य 276.9 मिलीमीटर के मुकाबले 402.5 मिलीमीटर बारिश हुई।
राजेंद्रनगर में भी बारिश का स्तर सामान्य से ऊपर रहा। यहां सामान्य बारिश 279.2 मिलीमीटर होती है, जबकि इस बार 375.2 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। रामचंद्रपुरम में सामान्य 285.7 मिलीमीटर के मुकाबले 372.8 मिलीमीटर वर्षा हुई।
इसके अलावा गोलकोंडा और सेरिलिंगमपल्ली क्षेत्रों में भी सामान्य से अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई। गोलकोंडा में जहां सामान्य बारिश 275.8 मिलीमीटर है, वहीं इस बार 340.8 मिलीमीटर बारिश हुई। सेरिलिंगमपल्ली में सामान्य 285.6 मिलीमीटर के मुकाबले 348.5 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।
TGDPS के अनुसार, राज्य के अन्य हिस्सों में बारिश का असर अलग-अलग रहा। कुल 17 स्थानों पर सामान्य बारिश दर्ज की गई, जबकि 23 स्थानों पर बारिश सामान्य से कम रही।
लगातार हो रही बारिश के कारण कई इलाकों में मौसम ठंडा हो गया है और तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि, अधिक बारिश वाले क्षेत्रों में जलभराव और यातायात प्रभावित होने जैसी समस्याएं सामने आने की संभावना बनी हुई है।
प्रशासन ने बारिश की स्थिति को देखते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। खासकर निचले इलाकों और जलभराव वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन बारिश से जुड़े हालात पर नजर बनाए हुए हैं। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए संबंधित विभागों को तैयार रखा गया है।
हैदराबाद के बाहरी इलाकों में तेजी से हो रहे शहरी विस्तार के कारण बारिश के दौरान जल निकासी व्यवस्था भी एक बड़ी चुनौती बन जाती है। भारी बारिश होने पर कई क्षेत्रों में सड़कों पर पानी भरने और यातायात धीमा होने की समस्या देखी जाती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून के दौरान कम समय में अधिक बारिश होने की स्थिति में शहरी क्षेत्रों में जल प्रबंधन की व्यवस्था की नियमित समीक्षा जरूरी है। बारिश के पानी की निकासी, नालों की सफाई और संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी से संभावित परेशानियों को कम किया जा सकता है।
फिलहाल तेलंगाना के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी है। TGDPS के आंकड़ों के बाद प्रशासन ने उन क्षेत्रों पर विशेष ध्यान देना शुरू कर दिया है, जहां सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई है।
आने वाले दिनों में मौसम की स्थिति को देखते हुए लोगों को सावधानी बरतने और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।





