तेलंगाना

हैदराबाद में HCCB ने शुरू की हाई-स्पीड किनले वॉटर लाइन, उत्पादन क्षमता बढ़ी

Harrison
14 April 2026 8:10 PM IST
हैदराबाद में HCCB ने शुरू की हाई-स्पीड किनले वॉटर लाइन, उत्पादन क्षमता बढ़ी
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Telangana तेलंगाना: हैदराबाद के पास सिद्दीपेट जिले के बांदा थिम्मापुर में हिंदुस्तान कोका-कोला बेवरेजेज (HCCB) ने अपनी अविन्या मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी में हाई-स्पीड किनले वॉटर प्रोडक्शन लाइन शुरू करने की घोषणा की है। इस नई लाइन के शुरू होने से प्लांट की उत्पादन क्षमता में बड़ा इजाफा हुआ है और यह अब क्षेत्र की प्रमुख हाई-कैपेसिटी यूनिट्स में शामिल हो गया है।
करीब 49 एकड़ में फैली इस फैसिलिटी में पहले से सात एडवांस्ड प्रोडक्शन लाइनें संचालित हो रही हैं। नई हाई-स्पीड लाइन के जुड़ने के बाद यहां उत्पादन की गति और दक्षता दोनों में वृद्धि हुई है। कंपनी के अनुसार, यह प्लांट अब उत्पादन क्षमता के लिहाज से कोका-कोला इंडिया साउथवेस्ट एशिया क्षेत्र में सबसे तेज़ फैसिलिटी बन गया है।
नई लाइन की खास बात इसकी तेज उत्पादन गति है। यह लाइन 500 मिलीलीटर की PET बोतलों को प्रति मिनट 1,350 बोतलों तक और 1 लीटर की PET बोतलों को प्रति मिनट 1,000 बोतलों तक बनाने में सक्षम है। इस उच्च गति से उत्पादन के जरिए बाजार में बढ़ती मांग को तेजी से पूरा करने में मदद मिलेगी।
कंपनी का कहना है कि इस निवेश का उद्देश्य उत्पादन क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ सप्लाई चेन को और मजबूत बनाना है। बढ़ती उपभोक्ता मांग को देखते हुए तेज और कुशल उत्पादन की आवश्यकता महसूस की जा रही थी, जिसे इस नई लाइन के जरिए पूरा किया जा सकेगा।
इस फैसिलिटी में आधुनिक तकनीक और ऑटोमेशन का उपयोग किया गया है, जिससे उत्पादन प्रक्रिया अधिक सटीक और प्रभावी बनती है। साथ ही, गुणवत्ता नियंत्रण के लिए भी उन्नत सिस्टम लगाए गए हैं, ताकि उत्पादों की गुणवत्ता बनाए रखी जा सके।
स्थानीय स्तर पर इस प्रोजेक्ट से रोजगार के अवसर भी बढ़ने की संभावना है। प्लांट के विस्तार और नई तकनीक के इस्तेमाल से कुशल और अकुशल दोनों तरह के श्रमिकों को काम मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। इससे क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।
औद्योगिक विकास के नजरिए से यह पहल महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि इससे राज्य में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को मजबूती मिलेगी। साथ ही, बड़े पैमाने पर उत्पादन से वितरण नेटवर्क भी अधिक प्रभावी होगा।
कंपनी ने यह भी संकेत दिया है कि भविष्य में जरूरत के अनुसार और विस्तार की संभावनाएं तलाश की जाएंगी। तेजी से बढ़ते बाजार को देखते हुए इस तरह के निवेश को रणनीतिक कदम के रूप में देखा जा रहा है।
फिलहाल, इस हाई-स्पीड प्रोडक्शन लाइन के शुरू होने के साथ ही सिद्दीपेट की यह यूनिट उत्पादन क्षमता के मामले में एक महत्वपूर्ण केंद्र बन गई है और इससे क्षेत्रीय आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
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