तेलंगाना

गोदावरी नदी का जलस्तर घटा, भद्राचलम में दूसरी चेतावनी वापस

SHIDDHANT
31 Aug 2025 9:46 PM IST
गोदावरी नदी का जलस्तर घटा, भद्राचलम में दूसरी चेतावनी वापस
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TELANGANA तेलंगाना: भद्राचलम में गोदावरी नदी का जलस्तर धीरे-धीरे घटने से प्रशासन ने राहत की सांस ली है। जिला प्रशासन ने शनिवार रात दूसरी चेतावनी को हटा लिया। अधिकारियों के अनुसार शाम 8 बजे नदी का स्तर 47.90 फीट दर्ज किया गया, जो 48 फीट से नीचे था। इस दौरान नदी से लगभग 11.39 लाख क्यूसेक पानी का प्रवाह हो रहा था। जिला कलेक्टर जितेश वी. पाटिल ने बताया कि पहली चेतावनी अभी भी प्रभावी रहेगी, क्योंकि जलस्तर 43 फीट से ऊपर है। उन्होंने कहा कि स्थिति पर लगातार नज़र रखी जा रही है और संबंधित विभागों को चौकन्ना रहने के निर्देश दिए गए हैं।
बीते दिनों भारी बारिश और ऊपरी इलाकों से अधिक पानी छोड़े जाने के कारण गोदावरी नदी में जलस्तर तेजी से बढ़ गया था। 48 फीट से अधिक होने पर जिला प्रशासन ने दूसरी चेतावनी जारी की थी। अब जलस्तर घटने के बाद राहत महसूस हो रही है, लेकिन अभी भी खतरा पूरी तरह टला नहीं है। कलेक्टर ने बताया कि राजस्व, पुलिस, सिंचाई और आपदा प्रबंधन विभाग की टीमें चौकसी बरते हुए हैं। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क किया गया है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए राहत सामग्री और नावों की व्यवस्था की गई है।
भारी जलस्तर के कारण नदी तटवर्ती कुछ इलाकों में जलभराव की समस्या बनी हुई है। स्थानीय प्रशासन ने ऐसे गांवों पर विशेष नज़र रखने की बात कही है। प्रभावित इलाकों में पेयजल, स्वास्थ्य और बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। हालांकि जलस्तर घटा है, लेकिन लोगों में अभी भी चिंता बनी हुई है। नदी किनारे रहने वाले परिवारों को डर है कि यदि ऊपरी बांधों से और पानी छोड़ा गया तो स्थिति फिर बिगड़ सकती है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल सरकारी सूचनाओं पर भरोसा करें।
मौसम विभाग ने अनुमान जताया है कि आने वाले दिनों में कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है। इसके चलते नदी का स्तर फिर से बढ़ने की संभावना बनी हुई है। जिला प्रशासन ने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर चेतावनी स्तर को फिर से लागू किया जाएगा। आपदा प्रबंधन विभाग ने बताया कि बाढ़ की आशंका को देखते हुए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। राहत शिविरों के लिए स्थानों की पहचान कर ली गई है। जरूरत पड़ने पर निचले इलाकों के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाएगा।
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