
Hyderabad हैदराबाद, 25 अप्रैल: हैदराबाद में ऑटो चालक बढ़ते हुए मीटर शुल्क और जिला ऑटो को शहर में प्रवेश देने के विरोध में सड़क पर उतर आए। यह प्रदर्शन शहर के एमजे मार्केट चौराहा पर केंद्रित रहा, जहां ऑटो चालकों ने जमकर नारेबाजी की और सड़कों पर अवरोध डालकर ट्रैफिक को पूरी तरह प्रभावित कर दिया।
सूत्रों के अनुसार, यह स्थिति उस समय उत्पन्न हुई जब आरटीसी कर्मचारी और स्टाफ अपनी मांगों को पूरा कराने के लिए सड़कों पर उतर आए थे और हड़ताल की घोषणा की थी। सरकार ने आरटीसी कर्मचारियों की हड़ताल के दौरान सकारात्मक माहौल में बातचीत की और अंततः हड़ताल को समाप्त कराया।
हालांकि, कांग्रेस सरकार के सत्ता में आने के बाद महिलाओं के लिए मुफ्त बस योजना ने ऑटो चालकों की आमदनी पर असर डाला है। ऑटो चालकों का कहना है कि बढ़ती मीटर दरों और जिला ऑटो की एंट्री से उनकी रोजमर्रा की आय प्रभावित हो रही है, जिससे परिवार का खर्च चलाना मुश्किल हो गया है। इसी कारण हाल ही में ऑटो चालक आंदोलन की ओर बढ़े हैं।
एमजे मार्केट चौराहा पर प्रदर्शन के दौरान, कुछ चालक नारे लगाते रहे, जैसे “सीएम डाउन डाउन” और “हक हमारा लो।” भीड़ बढ़ने और आंदोलन तेज होने के कारण मुख्य मार्गों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और ट्रैफिक पूरी तरह ठप हो गया।
सड़क पर प्रदर्शन के दौरान एक ऑटो चालक ने आत्महत्या का प्रयास किया और खुद पर डीज़ल डाल लिया। लेकिन पुलिस और अन्य ऑटो चालकों ने समय रहते उसे रोका और बड़ी घटना होने से बचाई। अधिकारियों ने बताया कि पुलिस पूरे इलाके में स्थिति को नियंत्रित करने और प्रदर्शन को शांतिपूर्ण बनाए रखने में जुटी हुई है।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि अगर उनकी मांगों को नहीं माना गया, तो वे आंदोलन को और तेज करेंगे। उन्होंने सरकार से अपील की कि ऑटो मीटर दरों में वृद्धि पर पुनर्विचार किया जाए और जिला ऑटो के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया जाए।
प्रदर्शन के कारण शहर में यातायात का सामान्य संचालन बाधित हुआ और लोगों को विभिन्न क्षेत्रों में आवाजाही में कठिनाई का सामना करना पड़ा। स्थानीय प्रशासन ने सड़क पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया और ट्रैफिक को व्यवस्थित करने की कोशिश की।
इस आंदोलन ने स्पष्ट कर दिया है कि ऑटो चालक मुफ्त बस योजना और बढ़ती मीटर दरों के कारण आर्थिक रूप से दबाव में हैं। उनका कहना है कि यदि उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो और बड़े आंदोलन की संभावना बनी हुई है।
अधिकारियों ने भी इस आंदोलन के दौरान संवाद और शांति बनाए रखने का प्रयास किया और आश्वासन दिया कि सरकार ऑटो चालकों की मांगों पर विचार करेगी।





