
x
Telangana तेलंगाना: Nalgonda जिले में अडांकी-नरकेटपल्ली रोड पर स्थानीय किसानों ने विरोध प्रदर्शन किया। किसानों का आरोप है कि राइस मिलर्स ने एक सिंडिकेट बना रखा है और बढ़िया किस्म के चावल के लिए सही मूल्य देने से इनकार कर रहे हैं।
किसानों ने बताया कि 1 अप्रैल के बाद चावल के दाम गिरकर 2,250–2,550 रुपये प्रति क्विंटल हो गए हैं, जबकि पहले यह 2,700 रुपये प्रति क्विंटल था। इस कमी से किसानों की आय पर गंभीर असर पड़ा है और उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
प्रदर्शन में सैकड़ों किसान शामिल हुए, जिन्होंने सड़क जाम कर अपनी मांगों को सरकार और मिलर्स तक पहुंचाया। किसानों का कहना है कि मिलर्स का यह व्यवहार लंबे समय से जारी है और इससे स्थानीय कृषि समुदाय को गंभीर नुकसान हो रहा है।
किसानों ने प्रशासन और GHMC से अपील की कि राइस मिलर्स के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए और उनके उत्पाद का सही मूल्य सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो वे और बड़े प्रदर्शन करेंगे।
स्थानीय प्रशासन ने कहा कि किसानों की शिकायतों की जांच की जाएगी। अधिकारियों ने यह भी बताया कि मिलर्स और किसानों के बीच मध्यस्थता कर समस्या का समाधान निकाला जाएगा।
विशेषज्ञों का कहना है कि चावल की कीमतों में गिरावट और मिलर्स के अवैध सिंडिकेट से किसानों की आजीविका प्रभावित हो रही है। उन्होंने कहा कि सरकार को उत्पादकों के हक को सुरक्षित करने के लिए निगरानी बढ़ानी चाहिए और किसी भी अवैध गतिविधि को रोकना चाहिए।
स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान किसानों ने सड़क पर बैठकर जोरदार आवाज़ उठाई और कहा कि बढ़िया किस्म के चावल का उचित मूल्य न मिलने से उनकी आर्थिक स्थिति खराब हो रही है। उन्होंने मिलर्स पर सिंडिकेट बनाने और मुनाफा बढ़ाने का आरोप लगाया।
स्थानीय लोग भी किसानों के समर्थन में हैं और उनका कहना है कि उचित मूल्य न मिलने से न केवल किसान प्रभावित होंगे, बल्कि ग्रामीण और शहर दोनों हिस्सों में खाद्य आपूर्ति और आर्थिक संकट बढ़ सकता है। प्रशासन ने सभी पक्षों से शांति बनाए रखने और बातचीत के माध्यम से समाधान खोजने की अपील की है।
किसानों ने कहा कि मिलर्स का यह व्यवहार उनके जीवन और रोजगार पर सीधे असर डाल रहा है। उन्होंने कहा कि उचित मूल्य सुनिश्चित करने के लिए सरकार को त्वरित कार्रवाई करनी चाहिए।
विशेषज्ञों ने सुझाव दिया कि किसानों के हितों की रक्षा और बाजार में संतुलन बनाए रखने के लिए सरकारी निगरानी और कड़े नियम लागू करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि यदि समय पर कदम नहीं उठाए गए, तो कृषि संकट और गहरा सकता है।
किसानों की मांग है कि उनके उत्पाद का मूल्य जल्द से जल्द सही स्तर पर लाया जाए और सिंडिकेट को तोड़ा जाए। इससे न केवल उनकी आजीविका सुरक्षित होगी, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था में स्थिरता भी आएगी।
Tagsनलगोंडाकिसान विरोधनरकेटपल्लीरोड जामराइस मिलर्स सिंडिकेटचावल के दाम गिरावटउचित मूल्यNalgondafarmers protestNarketpallyroad blockadeRice Millers Syndicaterice price fallfair priceजनता से रिश्ता न्यूज़जनता से रिश्ताजनता से रिश्ता.कॉमआज की ताजा न्यूज़हिंन्दी न्यूज़भारत न्यूज़खबरों का सिलसिलाआज की ब्रेंकिग न्यूज़आज की बड़ी खबरमिड डे अख़बारJanta Se Rishta NewsJanta Se RishtaToday's Latest NewsHindi NewsIndia NewsKhabron Ka SilsilaToday's Breaking NewsToday's Big NewsMid Day Newspaperजनताjantasamachar newssamacharहिंन्दी समाचार
Next Story





