तेलंगाना

फर्जी वोटर कार्ड कांड: सामंथा, तमन्ना और रकुल प्रीत के नाम पर बने नकली कार्ड

SHIDDHANT
16 Oct 2025 11:30 PM IST
फर्जी वोटर कार्ड कांड: सामंथा, तमन्ना और रकुल प्रीत के नाम पर बने नकली कार्ड
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Telangana तेलंगाना: राजनीति में जुबली हिल्स विधानसभा सीट पर उपचुनाव से पहले बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। बीते कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर तेलुगु फिल्म इंडस्ट्री की मशहूर अभिनेत्रियों सामंथा रुथ प्रभु, तमन्ना भाटिया और रकुल प्रीत सिंह के नाम पर बने फर्जी वोटर आईडी कार्ड वायरल हो रहे हैं। इन कार्डों में न केवल इन अभिनेत्रियों की तस्वीरें लगी हैं, बल्कि उन पर असली मतदाताओं के EPIC नंबर और एक ही आवासीय पता भी दर्ज है। सूत्रों के मुताबिक, यह मामला तब सामने आया जब सोशल मीडिया पर इन कार्डों की तस्वीरें तेजी से फैलने लगीं। इसके बाद चुनाव आयोग ने तत्काल जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि यह पता लगाया जा रहा है कि इन फर्जी कार्डों को किसने और कैसे तैयार किया, और क्या यह किसी सुनियोजित भ्रामक अभियान (Misinformation Campaign) का हिस्सा है।
फर्जी कार्डों की बनावट और प्रसार की जांच शुरू
अधिकारियों के अनुसार, सभी कार्डों में एक ही पते का इस्तेमाल किया गया है और नाम तथा फोटो में हेरफेर कर इन्हें असली दस्तावेजों जैसा दिखाने की कोशिश की गई है। चुनाव आयोग की तकनीकी टीम इन कार्डों की डिजिटल उत्पत्ति (digital origin) और साझा किए गए IP पते की जांच कर रही है। माना जा रहा है कि यह काम किसी संगठित साइबर गिरोह या राजनीतिक साजिश के तहत किया गया हो सकता है।
बीआरएस ने पहले ही जताई थी फर्जी वोटरों पर चिंता
इससे पहले, भारत राष्ट्र समिति (BRS) ने जुबली हिल्स सीट पर फर्जी वोटरों की मौजूदगी को लेकर चुनाव आयोग से शिकायत की थी। पार्टी ने दावा किया था कि मतदाता सूची में सैकड़ों संदिग्ध नाम शामिल किए गए हैं। अब प्रसिद्ध अभिनेत्रियों के नाम पर बने फर्जी वोटर कार्ड सामने आने के बाद यह मुद्दा और अधिक संवेदनशील हो गया है।
उपचुनाव से पहले बढ़ी हलचल
यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब जुबली हिल्स विधानसभा उपचुनाव के लिए मतदान 11 नवंबर को होना है और मतगणना 14 नवंबर को होगी। यह उपचुनाव पूर्व विधायक मगोन्ती गोपीनाथ (BRS) के निधन के बाद कराया जा रहा है। माना जा रहा है कि इस सीट पर मुकाबला काफी त्रिकोणीय और प्रतिष्ठापूर्ण होने वाला है।
राजनीतिक गलियारों में गरमाई बहस
इस घटना के बाद राज्य की राजनीति में गरमाहट बढ़ गई है। सोशल मीडिया पर जहां लोग फर्जी कार्डों को लेकर नाराजगी जता रहे हैं, वहीं विपक्षी दलों ने इसे चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठाने वाला मामला बताया है। चुनाव आयोग ने जनता से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर वायरल हो रही किसी भी असत्य जानकारी पर भरोसा न करें और संदिग्ध सामग्री तुरंत अधिकारियों को सूचित करें।
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