तेलंगाना

तेलंगाना हाई कोर्ट में ED: जगन रेड्डी मामले की सुनवाई तेज़ करने की गुहार

Tara Tandi
10 Oct 2026 5:15 PM IST
तेलंगाना हाई कोर्ट में ED: जगन रेड्डी मामले की सुनवाई तेज़ करने की गुहार
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हैदराबाद: एक अधिकारी ने शनिवार को बताया कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत जल्द सुनवाई के अधिकार का हवाला देते हुए तेलंगाना हाई कोर्ट का रुख किया है। ED ने पूर्व मुख्यमंत्री वाई.एस. जगन मोहन रेड्डी और अन्य के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के मामलों में दायर चार्जशीट पर जल्द और रोज़ाना सुनवाई की मांग की है।
अधिकारी ने एक बयान में कहा कि 23 सितंबर को हाई कोर्ट में दायर याचिका में ED ने 'प्रिवेंशन ऑफ़ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA), 2002' के प्रावधानों के तहत दायर चार्जशीट में सभी आरोपियों - जिनमें YSR कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष जगन मोहन रेड्डी भी शामिल हैं - की व्यक्तिगत उपस्थिति की भी मांग की है।
ED ने हाई कोर्ट से आग्रह किया कि वह आपराधिक न्याय प्रणाली को निर्देश दे कि कार्यवाही उचित तेज़ी से पूरी की जाए।
ED ने कहा कि जगन मोहन रेड्डी मामले में कार्यवाही लगभग 10 वर्षों से लंबित है और कार्यवाही का घटनाक्रम ही यह दिखाता है कि मामले की सुनवाई में उचित तेज़ी नहीं बरती गई है।
उन्होंने कहा कि न्याय के हित में, चार्जशीट और उससे जुड़ी 'डिस्चार्ज याचिकाओं' (आरोप हटाने की याचिकाओं) पर जल्द और रोज़ाना सुनवाई/ट्रायल के लिए हाई कोर्ट में यह याचिका दायर की गई थी।
ED ने बताया कि यह जांच बड़ी कॉर्पोरेट कंपनियों और व्यक्तियों को कथित तौर पर सरकारी लाभ पहुंचाने और आंध्र प्रदेश सरकार द्वारा उनके मुख्यमंत्री रहते हुए दिए गए इन लाभों के बदले जगन मोहन रेड्डी और उनके परिवार के सदस्यों की कंपनियों में भारी निवेश प्राप्त करने से संबंधित थी।
ED की जांच, आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट के निर्देश पर सेंट्रल ब्यूरो ऑफ़ इन्वेस्टिगेशन (CBI) द्वारा जगन मोहन रेड्डी और अन्य के खिलाफ दर्ज FIR के आधार पर शुरू की गई थी। यह FIR IPC, 1860 की धारा 420 के साथ पढ़ी जाने वाली धारा 120-B और प्रिवेंशन ऑफ़ करप्शन एक्ट, 1988 की धारा 13(1)(c) और (d) के साथ पढ़ी जाने वाली धारा 13(2) के तहत दर्ज की गई थी। ED की जांच से पता चला कि ऑरोबिंदो फार्मा, हेटेरो ड्रग्स, इंदु प्रोजेक्ट्स, इंदु टेकज़ोन, लेपाक्षी नॉलेज हब, VANPIC प्रोजेक्ट्स, VANPIC पोर्ट्स, निम्मगड्डा प्रसाद, रामकी फार्मा सिटी (इंडिया) लिमिटेड, द इंडिया सीमेंट्स लिमिटेड जैसी कंपनियों और व्यक्तियों ने बहुत ज़्यादा कीमतों पर शेयर खरीदकर भारती सीमेंट कॉर्पोरेशन, जगती पब्लिकेशन्स और जननी इंफ्रास्ट्रक्चर जैसी कंपनियों में भारी निवेश किया। ये कंपनियाँ Y.S. जगन मोहन रेड्डी और उनके परिवार के सदस्यों से जुड़ी हुई हैं।
बयान में कहा गया है कि ED ने 2016 और 2021 के बीच हैदराबाद के नामपल्ली में स्पेशल CBI कोर्ट में Y.S. जगन मोहन रेड्डी और अन्य के खिलाफ़ नौ चार्जशीट दाखिल कीं।
ED ने कहा, "सभी नौ चार्जशीट पर संज्ञान लिया गया और डिस्चार्ज याचिकाओं (आरोप हटाने की याचिकाओं) पर सुनवाई के लिए मामले अभी भी लंबित हैं। इन डिस्चार्ज याचिकाओं के लंबित रहने के कारण चार्जशीट शुरुआती चरण में ही अटकी हुई हैं और नतीजतन आगे की कार्यवाही में देरी हुई है।"
ED ने आगे कहा कि संज्ञान लिए जाने के बाद काफी समय बीत जाने के बावजूद, स्पेशल CBI कोर्ट के सामने कार्यवाही में कोई खास प्रगति नहीं हुई है।
स्पेशल कोर्ट ने डिस्चार्ज याचिकाओं पर सुनवाई तो की, लेकिन पीठासीन अधिकारियों के तबादले और अन्य कारणों से अभी तक उन पर कोई फैसला नहीं हो पाया है।
ED ने कहा, "मामले की गंभीरता को देखते हुए, एक आपराधिक अपील संख्या 730/2013 (Y.S. जगन मोहन रेड्डी बनाम CBI) में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आर्थिक अपराध एक अलग श्रेणी में आते हैं और उनसे निपटने के लिए अलग नज़रिए की ज़रूरत है।"
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि गहरी साजिशों वाले और जनता के पैसे के भारी नुकसान से जुड़े आर्थिक अपराधों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। इन्हें ऐसे गंभीर अपराध माना जाना चाहिए जो पूरे देश की अर्थव्यवस्था को प्रभावित करते हैं और देश की वित्तीय सेहत के लिए गंभीर खतरा पैदा करते हैं।
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