
हैदराबाद: भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने तेलंगाना में वोटर लिस्ट (electoral rolls) के अंतिम प्रकाशन की समय-सीमा 19 अक्टूबर से बढ़ाकर 9 नवंबर कर दी है। इससे वोटरों को चल रहे 'स्पेशल इंटेंसिव रिविजन' (SIR) के दौरान दावे और आपत्तियां दर्ज करने के लिए ज़्यादा समय मिलेगा।
यह बदला हुआ शेड्यूल मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी के उस अनुरोध के बाद आया है जिसमें उन्होंने वेरिफिकेशन प्रोसेस के दौरान असली वोटरों के नाम लिस्ट से कटने की आशंका के चलते दावे और आपत्तियां दर्ज करने की अवधि को चार हफ़्ते बढ़ाने की मांग की थी।
बदले हुए शेड्यूल के तहत, दावे और आपत्तियां दर्ज करने की समय-सीमा 16 सितंबर से बढ़ाकर 7 अक्टूबर कर दी गई है। नोटिस और उनके निपटारे का चरण, जो पहले 15 अक्टूबर को खत्म होने वाला था, अब 5 नवंबर तक बढ़ा दिया गया है। अंतिम वोटर लिस्ट अब 9 नवंबर को प्रकाशित की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से समय-सीमा बढ़ाने का आग्रह किया था। उन्होंने SIR के दौरान बड़ी संख्या में वोटरों के नाम चिह्नित (flagged) किए जाने पर चिंता जताई थी। उन्होंने कहा कि 3.38 करोड़ वोटरों की लिस्ट में से 73.39 लाख एंट्रीज़ (यानी 21.7%) को 'अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत और डुप्लिकेट' (ASDD) कैटेगरी में डाला गया था।
रेवंत ने ASDD लिस्ट के स्वरूप को "गंभीर चिंता का विषय" बताया था। उन्होंने बताया कि चिह्नित की गई 73.39 लाख एंट्रीज़ में से 45.10 लाख एंट्रीज़ (लगभग 62%) को 'स्थायी रूप से स्थानांतरित' (permanently shifted) के तौर पर वर्गीकृत किया गया था।





