
Medak मेडक: जिलाधिकारी प्रतिमा सिंह ने सोमवार को जिले के एक अल्पसंख्यक कन्या स्कूल और छात्रावास का निरीक्षण करते हुए स्कूलों में स्वच्छता और गुणवत्तापूर्ण भोजन पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया। यह निरीक्षण कल्याण सप्ताह के पहले दिन आयोजित ‘सार्वजनिक प्रशासन – प्रगति योजना’ कार्यक्रम के तहत किया गया।
जिलाधिकारी ने स्कूल के शौचालय, स्वच्छता और मिड-डे मील योजना के क्रियान्वयन की पूरी तरह से जांच की। उन्होंने कहा कि छात्रों को परोसा जाने वाला भोजन न केवल साफ और स्वच्छ होना चाहिए, बल्कि स्वादिष्ट भी होना चाहिए। इसके लिए उन्होंने खाना पकाने की विधि और तैयारी की प्रक्रिया की विस्तार से समीक्षा करने का निर्देश दिया।
प्रतिमा सिंह ने भोजन में प्रयुक्त सामग्री की गुणवत्ता पर भी विशेष ध्यान देने को कहा। उन्होंने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए निर्देशित किया कि सभी कच्चे माल उचित मानकों और गुणवत्ता के अनुरूप हों। उनका कहना था कि छात्रों की सेहत और पोषण के लिए भोजन की गुणवत्ता सर्वोपरि है।
जिलाधिकारी ने शौचालयों के निरीक्षण के दौरान उनके दरवाजों और अन्य आवश्यक मरम्मत कार्यों को जल्द पूरा करने के आदेश दिए। उन्होंने कहा कि स्कूलों में स्वच्छता के रखरखाव के लिए नियमित निरीक्षण और त्वरित सुधार कार्य आवश्यक हैं।
इस अवसर पर मेडक म्युनिसिपल चेयरमैन राधिकाभूपति राजू, म्युनिसिपल कमिश्नर श्रीनिवास रेड्डी, संबंधित शिक्षक, स्टाफ और अन्य उपस्थित थे। उन्होंने जिलाधिकारी के निरीक्षण में सहयोग करते हुए सभी निर्देशों को लागू करने का आश्वासन दिया।
जिलाधिकारी प्रतिमा सिंह ने अधिकारियों और स्कूल स्टाफ से कहा कि कल्याण सप्ताह के दौरान यह निरीक्षण केवल औपचारिकता नहीं है, बल्कि छात्रों और शिक्षकों की भलाई के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने सभी से अपील की कि वे नियमित रूप से स्वच्छता, भोजन की गुणवत्ता और अन्य सुविधाओं की निगरानी करें।
प्रतिमा सिंह ने यह भी कहा कि बच्चों के पोषण और स्वास्थ्य के लिए मिड-डे मील योजना का उचित क्रियान्वयन अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने स्कूल स्टाफ को निर्देशित किया कि भोजन तैयार करते समय सभी सुरक्षा और स्वास्थ्य मानकों का पालन किया जाए।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों से कहा कि किसी भी प्रकार की अनियमितता या अव्यवस्था को तुरंत रिपोर्ट किया जाए और सुधारात्मक कार्रवाई की जाए। उन्होंने स्कूलों में स्वच्छता और भोजन की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए नियमित प्रशिक्षण और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने की भी सिफारिश की।
इस निरीक्षण के दौरान उपस्थित अधिकारियों ने कहा कि जिलाधिकारी के निर्देशों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा और सभी सुधार कार्य समयबद्ध तरीके से किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि छात्रों के लिए सुरक्षित और स्वस्थ वातावरण प्रदान करना प्राथमिकता है।





