तेलंगाना

GCCX हैदराबाद 2026 में AI आधारित GCC के भविष्य पर चर्चा

Kavita2
31 July 2026 5:25 PM IST
GCCX हैदराबाद 2026 में AI आधारित GCC के भविष्य पर चर्चा
x

हैदराबाद: ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में देश के प्रमुख सम्मेलनों में शामिल GCCX हैदराबाद 2026 का सफल आयोजन हुआ। HYSEA और 3AI द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित इस समिट का आयोजन हैदराबाद इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर (HICC), नोवोटेल हैदराबाद में किया गया।

इस कार्यक्रम में देश-विदेश से GCC और AI क्षेत्र के विशेषज्ञों, उद्योग जगत के नेताओं और तकनीकी विशेषज्ञों ने भाग लिया। सम्मेलन में 1,200 से अधिक प्रतिनिधि और 70 से ज्यादा वक्ता शामिल हुए।

AI-नेटिव GCC पर केंद्रित रहा सम्मेलन

इस साल GCCX हैदराबाद 2026 की थीम “AI-नेटिव GCCs के लिए लीडरशिप की जरूरत” (The Leadership Imperative for AI-Native GCCs) रखी गई थी।

सम्मेलन में इस बात पर चर्चा की गई कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस किस तरह ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स के कामकाज, रणनीति और भविष्य की दिशा को बदल रहा है।

विशेषज्ञों ने कहा कि आने वाले समय में GCC केवल तकनीकी सहायता केंद्र नहीं रहेंगे, बल्कि वे नवाचार, डिजिटल परिवर्तन और वैश्विक व्यापार रणनीतियों के महत्वपूर्ण केंद्र बनेंगे।

उद्योग जगत के प्रमुख नेताओं की भागीदारी

समिट में GCC कंट्री हेड्स, मैनेजिंग डायरेक्टर्स, ग्लोबल बिजनेस सर्विसेज लीडर्स, CIOs, CTOs, CDOs, AI विशेषज्ञों और नीति निर्माताओं ने भाग लिया।

इसके अलावा निवेशकों, टेक्नोलॉजी इनोवेटर्स, शिक्षाविदों और स्टार्टअप प्रतिनिधियों ने भी सम्मेलन में हिस्सा लिया।

कार्यक्रम का उद्देश्य विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों को एक मंच पर लाना था, ताकि AI के बढ़ते प्रभाव और GCC के बदलते स्वरूप पर विचार-विमर्श किया जा सके।

AI से बदल रही है GCC की भूमिका

सम्मेलन में वक्ताओं ने बताया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते इस्तेमाल से GCC की भूमिका तेजी से बदल रही है।

पहले जहां GCC मुख्य रूप से बैक-ऑफिस संचालन और तकनीकी सहायता तक सीमित थे, वहीं अब वे उत्पाद विकास, अनुसंधान, डेटा एनालिटिक्स और डिजिटल इनोवेशन के केंद्र बन रहे हैं।

विशेषज्ञों ने कहा कि AI आधारित समाधान कंपनियों को तेजी से निर्णय लेने, बेहतर ग्राहक अनुभव देने और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा बढ़ाने में मदद कर रहे हैं।

नेतृत्व और नई रणनीतियों पर चर्चा

समिट के दौरान इस बात पर जोर दिया गया कि AI आधारित GCC को सफल बनाने के लिए मजबूत नेतृत्व और स्पष्ट रणनीति की जरूरत है।

वक्ताओं ने कहा कि केवल तकनीक अपनाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि संगठनों को अपने कर्मचारियों को नई तकनीकों के लिए तैयार करना होगा।

AI के साथ काम करने के लिए नए कौशल, प्रशिक्षण और नवाचार की संस्कृति विकसित करना जरूरी बताया गया।

हैदराबाद की बढ़ती तकनीकी पहचान

GCCX हैदराबाद 2026 का आयोजन शहर की बढ़ती तकनीकी और नवाचार क्षमता को भी दर्शाता है।

हैदराबाद देश के प्रमुख आईटी और टेक्नोलॉजी केंद्रों में शामिल है और यहां बड़ी संख्या में वैश्विक कंपनियों के GCC मौजूद हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि शहर AI, क्लाउड कंप्यूटिंग, डेटा साइंस और डिजिटल तकनीकों के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

स्टार्टअप और अकादमिक क्षेत्र को मिला मंच

कार्यक्रम में स्टार्टअप्स और अकादमिक संस्थानों की भागीदारी भी महत्वपूर्ण रही।

स्टार्टअप प्रतिनिधियों ने AI आधारित नए समाधान और तकनीकी नवाचार प्रस्तुत किए। वहीं, शिक्षाविदों ने भविष्य के कौशल विकास और उद्योग-अकादमिक सहयोग पर अपने विचार रखे।

इस तरह सम्मेलन ने उद्योग, शिक्षा और नवाचार के बीच सहयोग को बढ़ावा देने का काम किया।

भविष्य की तकनीकी दिशा पर मंथन

GCCX हैदराबाद 2026 में AI के अलावा डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन, ऑटोमेशन, डेटा रणनीति और भविष्य के कार्यस्थल जैसे विषयों पर भी चर्चा हुई।

विशेषज्ञों ने कहा कि आने वाले वर्षों में AI कंपनियों की रणनीति का मुख्य हिस्सा बनेगा और GCC इस बदलाव में अग्रणी भूमिका निभाएंगे।

सफल आयोजन के साथ हुआ समापन

HYSEA और 3AI द्वारा आयोजित यह समिट तकनीकी क्षेत्र के प्रमुख हितधारकों के लिए विचारों के आदान-प्रदान का महत्वपूर्ण मंच साबित हुआ।

1,200 से अधिक प्रतिनिधियों और 70 से अधिक वक्ताओं की भागीदारी ने इसे AI और GCC क्षेत्र के बड़े आयोजनों में शामिल कर दिया।

आयोजकों का कहना है कि ऐसे सम्मेलन उद्योग को नई दिशा देने, सहयोग बढ़ाने और भविष्य की तकनीकी चुनौतियों के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

Next Story