तेलंगाना

MSME और उद्योग प्रतिनिधियों से हर शुक्रवार मुलाकात करेंगे डिप्टी सीएम

Kavita2
26 Jun 2026 3:26 PM IST
MSME और उद्योग प्रतिनिधियों से हर शुक्रवार मुलाकात करेंगे डिप्टी सीएम
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Telangana तेलंगाना: मल्लू भट्टी विक्रमार्क ने घोषणा की है कि वह अब हर शुक्रवार को MSME एसोसिएशन और औद्योगिक क्षेत्र के प्रतिनिधियों से नियमित रूप से मुलाकात करेंगे। इन बैठकों में उद्योग जगत की समस्याओं और सुझावों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।

यह घोषणा उन्होंने HITEX में आयोजित इंडस्ट्रियल इनोवेशन एंड टेक्नोलॉजी एक्सपो 2026 के उद्घाटन के बाद की। कार्यक्रम में उन्होंने राज्य की औद्योगिक नीति और भविष्य की दिशा को लेकर सरकार की प्राथमिकताओं को भी स्पष्ट किया।

डिप्टी मुख्यमंत्री ने कहा कि औद्योगिक विकास का मतलब केवल निवेश आकर्षित करना नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य लोगों की आजीविका को बेहतर बनाना भी होना चाहिए। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार का विज़न यह सुनिश्चित करना है कि “ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस” का लाभ केवल बड़ी कंपनियों तक सीमित न रहे, बल्कि छोटे उद्योगों, महिला उद्यमियों और ग्रामीण उद्यमियों तक भी पहुंचे।

उन्होंने स्पष्ट कहा, “इसे हासिल करने के लिए हर शुक्रवार को उद्योग प्रतिनिधियों के साथ बैठक की जाएगी।” इस पहल का उद्देश्य नीति निर्माण और जमीनी समस्याओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना बताया गया है।

Telangana की औद्योगिक प्रगति पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य ने निवेशकों का भरोसा जीता है और गठन के बाद से ही मजबूत औद्योगिक विकास दर्ज किया है। विशेष रूप से हैदराबाद को आईटी, फार्मास्यूटिकल्स और लाइफ साइंसेज जैसे क्षेत्रों में वैश्विक पहचान मिली है।

हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि राज्य की विकास यात्रा केवल सेवा क्षेत्र तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि विनिर्माण क्षेत्र और MSMEs को अधिक मजबूत करना जरूरी है ताकि संतुलित विकास सुनिश्चित हो सके।

मल्लू भट्टी विक्रमार्क ने कहा कि राज्य की GDP में उद्योगों, विशेषकर MSME सेक्टर का योगदान बढ़ाना आवश्यक है। उनके अनुसार, छोटे और मध्यम उद्योग न केवल रोजगार सृजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान करते हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि सरकार का लक्ष्य एक ऐसा औद्योगिक वातावरण बनाना है जहां स्टार्टअप से लेकर बड़े उद्योग तक सभी को समान अवसर मिलें और नीति स्तर पर उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान हो।

इस नई पहल को उद्योग जगत ने एक सकारात्मक कदम माना है, जिससे नीति निर्माताओं और उद्योग प्रतिनिधियों के बीच सीधा संवाद बढ़ने की उम्मीद है।

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