तेलंगाना

हैदराबाद में चुनाव आयोग के खिलाफ INDIA गठबंधन का प्रदर्शन

Ratna Netam
6 Oct 2026 3:14 PM IST
हैदराबाद में चुनाव आयोग के खिलाफ INDIA गठबंधन का प्रदर्शन
x
हैदराबाद। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर मंगलवार को तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में कांग्रेस और INDIA गठबंधन से जुड़े दलों ने विरोध प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन हैदराबाद कलेक्टर कार्यालय के बाहर आयोजित किया गया, जिसमें कांग्रेस नेताओं के साथ अन्य विपक्षी दलों के नेता और कार्यकर्ता भी शामिल हुए। विपक्ष ने मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिविजन यानी SIR को लेकर चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।
कांग्रेस नेता मोथा रोहित बातचीत में आरोप लगाया कि देश में लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर किया जा रहा है। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर भाजपा के पक्ष में काम करने का आरोप लगाया और दावा किया कि योग्य मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाने की कोशिश हो रही है। ये विपक्ष के राजनीतिक आरोप हैं; चुनाव आयोग और भाजपा ऐसे आरोपों को खारिज करते रहे हैं और SIR को मतदाता सूची को अद्यतन और त्रुटिरहित बनाने की प्रक्रिया बताते हैं।
रोहित ने कहा कि कांग्रेस और INDIA गठबंधन के सहयोगी दल देशभर में इस मुद्दे पर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन केवल किसी एक राज्य तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे राष्ट्रीय स्तर पर लोकतंत्र और मताधिकार से जुड़े सवालों के रूप में उठाया जा रहा है।
तेलंगाना में कांग्रेस, CPI, CPM और तेलंगाना जन समिति ने पहले ही 6 अक्टूबर को सभी जिला मुख्यालयों पर संयुक्त रैलियां आयोजित करने का एलान किया था। इसके साथ ही 8 अक्टूबर को हैदराबाद में लोक भवन तक मार्च और 1 नवंबर को ‘चलो दिल्ली’ कार्यक्रम की भी घोषणा की गई है। विपक्षी दलों की मांग है कि ज्ञानेश कुमार को पद से हटाया जाए और SIR प्रक्रिया की समीक्षा की जाए।
हैदराबाद में हुए प्रदर्शन को INDIA गठबंधन के ‘सेव डेमोक्रेसी’ अभियान का हिस्सा बताया गया। प्रदर्शनकारियों ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता और मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया को लेकर नारे लगाए। मोथा रोहित ने कहा कि मतदाता सूची में किसी भी योग्य नागरिक का नाम हटना लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़ा गंभीर मामला है और इस पर जवाबदेही तय होनी चाहिए।
तेलंगाना कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष बी. महेश कुमार गौड़ पहले भी ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग उठा चुके हैं। पिछले सप्ताह हैदराबाद में कांग्रेस ने इसी मुद्दे पर एक रैली निकाली थी, जिसमें राज्य सरकार के मंत्री, सांसद, विधायक, विधान परिषद सदस्य और पार्टी कार्यकर्ता शामिल हुए थे। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि चुनाव आयोग की स्वतंत्रता, विश्वसनीयता और संस्थागत निष्पक्षता को बनाए रखने के लिए मुख्य चुनाव आयुक्त को पद छोड़ना चाहिए।
इस बीच मंगलवार को नई दिल्ली में भी INDIA ब्लॉक के सांसदों ने संसद भवन से चुनाव आयोग मुख्यालय तक मार्च करने की कोशिश की। राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे और अन्य विपक्षी नेता प्रदर्शन में शामिल हुए। पुलिस ने उन्हें चुनाव आयोग कार्यालय पहुंचने से पहले रोक दिया और कई नेताओं को हिरासत में लिया।
देशभर में चल रहे इन प्रदर्शनों का मुख्य मुद्दा मतदाता सूची का SIR है। विपक्षी दलों का आरोप है कि इस प्रक्रिया से बड़ी संख्या में पात्र मतदाताओं के नाम हट सकते हैं। विपक्ष ने इसे चुनावी पारदर्शिता से जुड़ा गंभीर मामला बताया है और मुख्य चुनाव आयुक्त की भूमिका पर सवाल उठाए हैं।
दूसरी ओर, चुनाव आयोग का पक्ष है कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण का उद्देश्य डुप्लिकेट, मृत, स्थानांतरित या अन्य अपात्र प्रविष्टियों को हटाना और पात्र मतदाताओं को सूची में बनाए रखना है। भाजपा नेताओं ने भी विपक्ष के आरोपों को राजनीतिक बताया है और कहा है कि मतदाता सूची के सत्यापन का विरोध करना उचित नहीं है।
मंगलवार का हैदराबाद प्रदर्शन ऐसे समय हुआ, जब SIR और मुख्य चुनाव आयुक्त को लेकर विपक्ष का आंदोलन राष्ट्रीय स्तर पर तेज हो गया है। कांग्रेस ने अपने प्रदेश और जिला संगठनों को सहयोगी दलों के साथ मिलकर प्रदर्शन आयोजित करने के निर्देश दिए थे। यह अभियान 2 से 8 अक्टूबर तक अलग-अलग राज्यों में आयोजित किया जा रहा है।
तेलंगाना में भी इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस लगातार प्रदर्शन कर रही है। एक दिन पहले तेलंगाना प्रदेश कांग्रेस सेवा दल ने गांधी भवन में एक दिवसीय सत्याग्रह आयोजित कर ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की थी। इसके अलावा नागरिक संगठनों की ओर से भी SIR के खिलाफ अलग-अलग विरोध कार्यक्रम आयोजित हुए हैं।
कांग्रेस नेता मोथा रोहित ने कहा कि INDIA गठबंधन के दल इस मुद्दे पर आगे भी आंदोलन जारी रखेंगे। उनका आरोप है कि यदि योग्य मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जाते हैं, तो इससे लोगों के मताधिकार पर सीधा असर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्था से निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से काम करने की अपेक्षा की जाती है।
वहीं इस पूरे विवाद का कानूनी पहलू भी अहम हो गया है। SIR और मतदाता सूची में बदलाव को लेकर कई मुद्दे सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचे हैं। विपक्ष का कहना है कि न्यायिक समीक्षा से यह साफ होना चाहिए कि चुनाव आयोग की प्रक्रिया कानून के अनुरूप है या नहीं।
फिलहाल हैदराबाद का प्रदर्शन तेलंगाना में विपक्ष के बड़े अभियान की शुरुआत माना जा रहा है। आने वाले दिनों में कांग्रेस और उसके सहयोगी दल इस मुद्दे को लेकर और प्रदर्शन करने की तैयारी में हैं। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग, SIR की समीक्षा और योग्य मतदाताओं के नाम सुरक्षित रखने की मांग विपक्ष के आंदोलन के केंद्र में बनी हुई है।
Next Story