तेलंगाना

तमिलनाडु की तरह सत्ता परिवर्तन की कांग्रेस विधायक ने दी चेतावनी

Ratna Netam
14 Aug 2026 8:41 PM IST
तमिलनाडु की तरह सत्ता परिवर्तन की कांग्रेस विधायक ने दी चेतावनी
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हैदराबाद : तेलंगाना में मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार के भीतर असंतोष खुलकर सामने आ गया है। पार्टी के वरिष्ठ नेता और मुनुगोडु से विधायक कोमाटिरेड्डी राजगोपाल रेड्डी ने अपनी ही सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जनता की समस्याओं और उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया तो तेलंगाना में भी तमिलनाडु की तरह एक नई राजनीतिक शक्ति उभर सकती है।
राजगोपाल रेड्डी ने कहा कि सत्ता में बैठे लोगों को उनके धैर्य और संयम को कमजोरी नहीं समझना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि तेलंगाना के युवा जन आंदोलनों में सक्रिय हो रहे हैं। अगर सरकार ने अपने कामकाज में सुधार नहीं किया तो ईमानदार लोग और युवा विधानसभा तक पहुंचेंगे। इससे राज्य की राजनीतिक तस्वीर पूरी तरह बदल सकती है।
कांग्रेस विधायक ने मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी का नाम लिए बिना सरकार की नीतियों और फैसलों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि राज्य में जनता की उम्मीदों के अनुरूप काम नहीं हुआ तो मौजूदा राजनीतिक व्यवस्था को चुनौती मिलेगी। उन्होंने तमिलनाडु के हालिया राजनीतिक परिवर्तन और अभिनेता से नेता बने विजय के नेतृत्व वाली राजनीतिक शक्ति के उभार का उल्लेख करते हुए कहा कि तेलंगाना में भी ऐसा बदलाव संभव है।
राजगोपाल रेड्डी ने सरकार पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप भी लगाए। उन्होंने कहा कि विकास के नाम पर हजारों करोड़ रुपये की कथित लूट करने वालों के खिलाफ संघर्ष किया जाएगा। उन्होंने सत्ता में बैठे लोगों को चेतावनी देते हुए कहा कि वे चाहे नकदी से भरे बैग लेकर आएं लेकिन जनता के संसाधनों का शोषण करने वालों के खिलाफ लड़ाई जारी रहेगी। भ्रष्टाचार से संबंधित इन आरोपों पर राज्य सरकार की ओर से तत्काल विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
उन्होंने कहा कि छात्रों बेरोजगार युवाओं किसानों महिलाओं और गरीब परिवारों के हितों के लिए जरूरत पड़ने पर आंदोलन किया जाएगा। कांग्रेस विधायक के मुताबिक उनकी लड़ाई किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं बल्कि भ्रष्टाचार शोषण और सरकारी योजनाओं में आ रही बाधाओं के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि जनता से जुड़े मुद्दों पर वह पीछे नहीं हटेंगे और न ही किसी दबाव से डरेंगे।
राजगोपाल रेड्डी पिछले लंबे समय से रेवंत रेड्डी सरकार में मंत्री पद नहीं मिलने से नाराज बताए जा रहे हैं। वह मंत्रिमंडल में जगह के प्रमुख दावेदारों में शामिल रहे हैं। अप्रैल 2026 में उन्होंने विश्वास जताया था कि कांग्रेस नेतृत्व अपने पुराने आश्वासन का सम्मान करेगा और उन्हें जल्द मंत्रिमंडल में शामिल किया जाएगा। इसके बावजूद उन्हें अभी तक मंत्री पद नहीं मिला है।
मंत्री पद के अलावा राजगोपाल रेड्डी गरीबों के लिए चलाई जा रही आवास योजना की शर्तों को लेकर भी सरकार की आलोचना करते रहे हैं। उनका आरोप है कि योजना की प्रक्रिया को जटिल बना दिया गया है। इसके कारण जरूरतमंद लाभार्थियों को सरकारी सहायता प्राप्त करने में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने आवास योजना के क्रियान्वयन में कथित अनियमितताओं की भी बात कही है।
कांग्रेस विधायक ने सरकार से योजना की शर्तों को सरल बनाने और वास्तविक लाभार्थियों तक सहायता पहुंचाने की मांग की। उनका कहना है कि सरकार का काम गरीब परिवारों के रास्ते में नई बाधाएं खड़ी करना नहीं बल्कि उनकी समस्याओं का समाधान करना होना चाहिए। योजनाओं का लाभ पात्र लोगों को समय पर नहीं मिलने से सरकार के प्रति नाराजगी बढ़ सकती है।
राजगोपाल रेड्डी इससे पहले भी अपने विधानसभा क्षेत्र मुनुगोडु के विकास कार्यों के लिए धनराशि जारी नहीं होने का मुद्दा उठा चुके हैं। उन्होंने सड़क और भवन निर्माण से जुड़े लंबित भुगतान पर सवाल उठाते हुए सरकार से ठेकेदारों के बिलों का भुगतान करने की मांग की थी। उनके लगातार बयानों से कांग्रेस के भीतर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है।
राजगोपाल रेड्डी के ताजा बयान को कांग्रेस नेतृत्व के लिए खुली चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है। उन्होंने अभी पार्टी छोड़ने या नई पार्टी बनाने की कोई स्पष्ट घोषणा नहीं की है। हालांकि नई राजनीतिक शक्ति के उभार का उल्लेख करके उन्होंने संकेत दिया है कि जनता की अपेक्षाओं की अनदेखी होने पर तेलंगाना की राजनीति में बड़ा बदलाव आ सकता है।
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