
हैदराबाद। तेलंगाना के इब्राहिमपटनम से कांग्रेस विधायक मालरेड्डी रंगा रेड्डी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में वह एक टीजीएसआरटीसी बस में कॉलेज छात्रा से बातचीत के दौरान उसका हाथ और बांह बार-बार छूते दिखाई दे रहे हैं। छात्रा के पीछे हटने और हाथ छुड़ाने जैसी प्रतिक्रिया के बाद भी विधायक की हरकत जारी रहने का दावा किया जा रहा है। वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर उनके व्यवहार की तीखी आलोचना हो रही है।
यह घटना मंगलवार, 6 अक्टूबर को हुई बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार 70 वर्षीय विधायक मालरेड्डी रंगा रेड्डी राज्य सरकार की 'महालक्ष्मी' मुफ्त बस यात्रा योजना का असर समझने के लिए टीजीएसआरटीसी की बस में सफर कर रहे थे। इस दौरान वह यात्रियों से योजना के लाभ के बारे में बातचीत कर रहे थे।
The Congress needs to train its male politicians to keep their hands off girls. His banal conversation doesnt need him to repeatedly touch her. Doesn’t matter how old he is - she is NOT comfortable and this man has NO idea of consent. Keeps reaching out, feeling her upper waist when she is attempting to move away in that cramped space plus holds the hand of her friend who also helps pull her back. Women are Goddesses blah blah but wont leave a chance to feel up a child old enough to be his grand daughter.
— Chinmayi Sripaada (@Chinmayi) October 6, 2026
बस में मौजूद एक कॉलेज छात्रा से भी विधायक ने बातचीत की। छात्रा ने उन्हें बताया कि महालक्ष्मी योजना के कारण कॉलेज आने-जाने पर होने वाला उसका सालाना लगभग 45 हजार रुपये का खर्च बच रहा है। इसी बातचीत के दौरान वायरल वीडियो में विधायक को छात्रा का हाथ पकड़ते और उसकी बांह को छूते हुए देखा जा सकता है।
वीडियो के कुछ हिस्सों में छात्रा अपना हाथ पीछे खींचती और विधायक से थोड़ी दूरी बनाने की कोशिश करती दिखाई देती है। सोशल मीडिया पर इसी दृश्य को लेकर सबसे ज्यादा आपत्ति जताई जा रही है। कई लोगों का कहना है कि छात्रा की बॉडी लैंग्वेज से असहजता दिखाई दे रही थी और ऐसे में विधायक को तुरंत दूरी बना लेनी चाहिए थी।
मामला सामने आने के बाद विपक्षी भारत राष्ट्र समिति यानी BRS ने भी विधायक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। BRS नेता आरएस प्रवीण कुमार ने तेलंगाना पुलिस और महिला सुरक्षा इकाइयों से मामले का स्वत: संज्ञान लेने और जांच करने की मांग की है।
वायरल वीडियो पर गायिका चिन्मयी श्रीपदा ने भी आपत्ति जताई है। उन्होंने सोशल मीडिया पर सवाल उठाया कि छात्रा की असहजता दिखाई देने के बावजूद बार-बार शारीरिक संपर्क क्यों किया गया। इस प्रतिक्रिया के बाद मामला और अधिक चर्चा में आ गया।
घटना के समय विधायक बस में महालक्ष्मी योजना के लाभार्थियों से बातचीत कर रहे थे। यह योजना तेलंगाना में महिलाओं को सरकारी बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा देने से जुड़ी है। विधायक इसी योजना के जमीनी असर की जानकारी लेने के लिए यात्रियों से बातचीत कर रहे थे।
वीडियो सामने आने के बाद राजनीतिक विवाद भी शुरू हो गया है। विपक्षी नेताओं ने सवाल उठाया है कि महिला यात्रियों से संवाद के दौरान जनप्रतिनिधियों को मर्यादा और व्यक्तिगत सीमाओं का विशेष ध्यान रखना चाहिए।
सोशल मीडिया पर कई लोगों ने यह भी कहा कि सार्वजनिक स्थान पर किसी भी व्यक्ति के साथ बातचीत करते समय उसकी सहमति और व्यक्तिगत दूरी का सम्मान जरूरी है। खासकर जब सामने वाला व्यक्ति स्पष्ट रूप से पीछे हटने या हाथ छुड़ाने की कोशिश करता दिखाई दे।
हालांकि वायरल वीडियो के आधार पर किसी आपराधिक आरोप का अंतिम निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा। पुलिस या किसी सक्षम जांच एजेंसी की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि वीडियो में दिख रही गतिविधि कानूनी रूप से किसी अपराध की श्रेणी में आती है या नहीं।
फिलहाल उपलब्ध रिपोर्टों में विधायक की ओर से विस्तृत सार्वजनिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है। कांग्रेस की तरफ से भी इस मामले में औपचारिक कार्रवाई या जांच की घोषणा को लेकर स्पष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं है।
वीडियो में बस के भीतर अन्य यात्री और लोग भी मौजूद दिखाई देते हैं। इसलिए यदि औपचारिक जांच शुरू होती है तो प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और मूल वीडियो रिकॉर्डिंग महत्वपूर्ण हो सकती है।
सोशल मीडिया पर वायरल क्लिप की सत्यता और पूरा संदर्भ भी जांच का हिस्सा हो सकता है। कई बार छोटे वीडियो क्लिप पूरे घटनाक्रम का केवल एक हिस्सा दिखाते हैं, इसलिए अधिकारियों के लिए मूल वीडियो और घटनास्थल पर मौजूद लोगों के बयान अहम रहेंगे।
इसके बावजूद वीडियो में दिखाई दे रहे बार-बार शारीरिक संपर्क ने लोगों की नाराजगी बढ़ाई है। कई उपयोगकर्ताओं ने जनप्रतिनिधियों से सार्वजनिक जीवन में अधिक संवेदनशील और जिम्मेदार व्यवहार की अपेक्षा जताई है।
यह मामला महिला सम्मान और सहमति से जुड़ी व्यापक बहस को भी सामने ला रहा है। सामाजिक और कानूनी दोनों स्तरों पर किसी व्यक्ति की निजी सीमा का सम्मान करना जरूरी माना जाता है।
विपक्ष की मांग है कि महिला सुरक्षा से जुड़े सरकारी तंत्र इस वीडियो का संज्ञान लें। दूसरी ओर, इस मामले में किसी शिकायत, प्राथमिकी या पुलिस कार्रवाई की आधिकारिक पुष्टि फिलहाल सामने नहीं आई है।
महालक्ष्मी योजना की समीक्षा के दौरान सामने आई यह घटना अब योजना की चर्चा से ज्यादा विधायक के व्यवहार को लेकर सुर्खियों में है।
विधायक मालरेड्डी रंगा रेड्डी इब्राहिमपटनम विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं। वायरल वीडियो के बाद उनकी भूमिका और प्रतिक्रिया पर राजनीतिक दलों तथा आम लोगों की नजर बनी हुई है।
मामले में यदि छात्रा या उसके परिवार की ओर से कोई औपचारिक शिकायत दी जाती है तो पुलिस कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई कर सकती है। फिलहाल सोशल मीडिया और राजनीतिक प्रतिक्रियाओं के आधार पर विवाद बढ़ता जा रहा है।
वीडियो के सामने आने के बाद सार्वजनिक पद पर बैठे लोगों के आचरण को लेकर भी सवाल उठे हैं। लोगों का कहना है कि किसी सरकारी योजना की समीक्षा या जनसंपर्क कार्यक्रम के दौरान भी नागरिकों, विशेष रूप से महिलाओं और युवतियों की व्यक्तिगत सीमाओं का सम्मान किया जाना चाहिए।
अब यह देखना होगा कि कांग्रेस नेतृत्व, विधायक मालरेड्डी रंगा रेड्डी और तेलंगाना पुलिस की ओर से इस विवाद पर आगे क्या प्रतिक्रिया आती है।
फिलहाल इतना स्पष्ट है कि 6 अक्टूबर को टीजीएसआरटीसी बस में हुई बातचीत का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है और उसमें विधायक द्वारा छात्रा को बार-बार छूते दिखाई देने के कारण व्यापक आलोचना हो रही है। मामले में कानूनी स्थिति किसी औपचारिक शिकायत या जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।





