तेलंगाना

हैदराबाद में कांग्रेस-BRS टकराव, गन पार्क और तेलंगाना भवन पर भारी पुलिस तैनाती से तनाव बढ़ा

Kavita2
2 July 2026 1:19 PM IST
हैदराबाद में कांग्रेस-BRS टकराव, गन पार्क और तेलंगाना भवन पर भारी पुलिस तैनाती से तनाव बढ़ा
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Hyderabad हैदराबाद : गुरुवार को हैदराबाद में राजनीतिक माहौल उस समय बेहद तनावपूर्ण हो गया जब सत्तारूढ़ कांग्रेस और विपक्षी बीआरएस के बीच चल रहा वाकयुद्ध अचानक शक्ति प्रदर्शन में बदल गया। दोनों दलों के कार्यकर्ता और नेता आमने-सामने आने की स्थिति में पहुंच गए, जिसके बाद प्रशासन को प्रमुख स्थानों पर भारी पुलिस बल तैनात करना पड़ा।

स्थिति को देखते हुए तेलंगाना शहीद स्मारक (गन पार्क) और तेलंगाना भवन सहित कई महत्वपूर्ण इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त बल की तैनाती की और पूरे क्षेत्र में कड़ी निगरानी शुरू कर दी।

यह पूरा विवाद तेलंगाना के कर्ज बोझ और आवासीय स्कूलों की निविदाओं से जुड़े आरोपों के इर्द-गिर्द शुरू हुआ। कांग्रेस और बीआरएस नेताओं के बीच इन मुद्दों पर बयानबाजी तेज हो गई थी, जो बाद में सार्वजनिक बहस की चुनौती तक पहुंच गई।

कांग्रेस मंत्रियों और बीआरएस के वरिष्ठ नेताओं केटी रामाराव और टी. हरीश राव के बीच एक-दूसरे को सार्वजनिक बहस के लिए खुली चुनौती देने के बाद माहौल और अधिक गरमा गया। दोनों दलों ने अपने-अपने समर्थकों से गन पार्क और तेलंगाना भवन में जुटने का आह्वान किया, जिससे तनाव तेजी से बढ़ गया।

इसके परिणामस्वरूप सैकड़ों की संख्या में कांग्रेस और बीआरएस कार्यकर्ता दोनों स्थानों पर इकट्ठा हो गए। भीड़ बढ़ने के साथ ही दोनों पक्षों के बीच नारेबाजी और विरोध प्रदर्शन का माहौल बन गया, जिससे किसी भी समय टकराव की आशंका पैदा हो गई।

स्थिति को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने तुरंत हस्तक्षेप किया और दोनों स्थानों पर बैरिकेडिंग कर दी गई। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार की कानून-व्यवस्था बिगड़ने की स्थिति को रोकने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए गए हैं।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, भीड़ को नियंत्रित करने और किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए पर्याप्त बल तैनात किया गया है। साथ ही आसपास के इलाकों में भी सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह टकराव केवल बयानबाजी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह सीधे तौर पर राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन में बदल गया है, जिससे राज्य की राजनीति में तनाव और बढ़ गया है।

फिलहाल स्थिति पर कड़ी नजर रखी जा रही है और प्रशासन ने दोनों पक्षों से शांति बनाए रखने की अपील की है। हालांकि राजनीतिक बयानबाजी जारी रहने के कारण तनाव पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है।

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