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HYDERABAD हैदराबाद: तेलंगाना विधानसभा में रविवार को कालेश्वरम लिफ्ट इरीगेशन प्रोजेक्ट पर पेश हुई जस्टिस पीसी घोष आयोग की रिपोर्ट पर बहस के दौरान मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने भारतीय राष्ट्र समिति (BRS) के विधायक टी. हरीश राव पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि हरीश राव तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश कर रहे हैं और जनता को भ्रमित करने का प्रयास कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि पूर्व मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव और हरीश राव, दोनों ही इस परियोजना की लागत बढ़ने के जिम्मेदार हैं। उन्होंने कहा कि कालेश्वरम प्रोजेक्ट के लिए लिए गए कर्ज का दुरुपयोग हुआ है और निर्माण कार्य के दौरान परियोजना स्थलों को बदलने में भी गड़बड़ी की गई।
रेवंत रेड्डी ने कहा कि आयोग की रिपोर्ट स्पष्ट करती है कि परियोजना के डिजाइन और वित्तीय प्रबंधन में गंभीर खामियां रही हैं। उन्होंने हरीश राव पर निशाना साधते हुए कहा कि वह अधूरी जानकारी देकर जनता को गुमराह कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि 24 अक्टूबर 2014 को तत्कालीन केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने कहा था कि प्राणहिता-चेव्वेला में पर्याप्त पानी उपलब्ध है और हाइड्रोलॉजी परमिशन भी जारी किए जा रहे हैं। इसके बावजूद बाद में परियोजना स्थल बदलकर लागत बढ़ाई गई। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि बीआरएस सरकार ने इस परियोजना में पारदर्शिता नहीं बरती। उन्होंने दावा किया कि लागत में हजारों करोड़ रुपये की वृद्धि और कर्ज के गलत इस्तेमाल ने राज्य की वित्तीय स्थिति को नुकसान पहुँचाया है। उन्होंने कहा कि कालेश्वरम को "दुनिया की सबसे बड़ी लिफ्ट इरीगेशन परियोजना" बताया गया था, लेकिन हकीकत में इसमें भारी अनियमितताएं हुईं।
रेवंत रेड्डी ने आगे कहा कि वर्तमान सरकार किसानों और जनता को सही जानकारी देना चाहती है और इसलिए आयोग की रिपोर्ट विधानसभा में लाई गई है। उन्होंने विपक्ष से आग्रह किया कि वे रिपोर्ट को ध्यान से पढ़ें और जनता को वास्तविक स्थिति से अवगत कराएं। बीआरएस की ओर से हरीश राव ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि परियोजना का उद्देश्य किसानों को पानी उपलब्ध कराना था और इसमें कोई वित्तीय अनियमितता नहीं हुई। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार आरोप लगाकर किसानों को गुमराह कर रही है। इस बहस के दौरान विधानसभा में कई बार हंगामे की स्थिति बनी। कांग्रेस और बीआरएस विधायकों के बीच तीखे शब्दों का आदान-प्रदान हुआ। हालांकि, मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार कालेश्वरम प्रोजेक्ट की वास्तविक स्थिति सामने लाने के लिए प्रतिबद्ध है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई पर विचार करेगी।
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