तेलंगाना
तीन साल से बिना छुट्टी काम कर रहे सीएम रेवंत रेड्डी, खुद किया खुलासा
Ratna Netam
22 Oct 2026 5:44 PM IST

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हैदराबाद। तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने गुरुवार, 22 अक्टूबर को अपने कामकाज और जनता के प्रति जिम्मेदारी को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने दावा किया कि पिछले तीन वर्षों में उन्होंने एक दिन की भी छुट्टी नहीं ली है। मुख्यमंत्री ने कहा कि लगातार काम करने के कारण वह कुछ थकान महसूस कर रहे थे, लेकिन इसके बावजूद पांडुगा सयान्ना की जयंती समारोह में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि जनता का प्यार और समर्थन ही उन्हें लगातार काम करने की ताकत और ऊर्जा देता है।
जनता से मिलती है काम करने की ऊर्जा
हैदराबाद के रवींद्र भारती में आयोजित पांडुगा सयान्ना मुदिराज की जयंती समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने अपने व्यस्त कार्यक्रम का उल्लेख किया।उन्होंने कहा, "क्या मैंने पिछले तीन वर्षों में कभी एक दिन की भी छुट्टी ली है? वास्तव में आज मैं थोड़ा थका हुआ महसूस कर रहा हूं, फिर भी अपनी थकान छिपाकर यहां आया हूं। आप लोग ही मुझे ताकत और ऊर्जा देते हैं।"मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता के बीच पहुंचना और उनकी समस्याओं को समझना उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने अपने संबोधन में लोगों के समर्थन को सार्वजनिक जीवन में काम करने की सबसे बड़ी प्रेरणा बताया।मुख्यमंत्री का यह कार्यक्रम पहले से निर्धारित था। आधिकारिक कार्यक्रम के अनुसार, उन्हें गुरुवार सुबह हैदराबाद पहुंचकर पांडुगा सयान्ना की जयंती समारोह में शामिल होना था।
ऐतिहासिक महापुरुषों की विरासत पर दिया जोर
मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने अपने संबोधन में तेलंगाना के सामाजिक इतिहास और संघर्षों का भी जिक्र किया।उन्होंने कहा कि चकाली इलम्मा, डोडी कोमुरैया और पांडुगा सयान्ना जैसे महान व्यक्तित्वों के योगदान को इतिहास में उचित स्थान नहीं दिया गया।मुख्यमंत्री ने दावा किया कि इन महापुरुषों के संघर्ष और बलिदान को लंबे समय तक नजरअंदाज किया गया। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को इनके जीवन और सामाजिक योगदान के बारे में जानकारी मिलनी चाहिए।रेवंत रेड्डी के मुताबिक, समाज में समानता, सम्मान और अधिकारों के लिए संघर्ष करने वाले लोगों की स्मृतियों को संरक्षित करना सरकार की जिम्मेदारी है।
टैंक बंड पर स्थापित होंगी प्रतिमाएं
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि हैदराबाद के प्रसिद्ध टैंक बंड क्षेत्र में पांडुगा सयान्ना और डोडी कोमुरैया की प्रतिमाएं स्थापित की जाएंगी और उनका अनावरण किया जाएगा।उन्होंने कहा कि इन महापुरुषों की प्रतिमाएं आने वाली पीढ़ियों को उनके संघर्ष और विचारों से परिचित कराएंगी।टैंक बंड हैदराबाद का एक प्रमुख सार्वजनिक स्थल है, जहां अनेक ऐतिहासिक और सांस्कृतिक व्यक्तित्वों की प्रतिमाएं मौजूद हैं।मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार तेलंगाना की सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक आंदोलनों से जुड़े महान व्यक्तित्वों को सम्मान देने के लिए प्रतिबद्ध है।
पांडुगा सयान्ना की जयंती को मिला सरकारी सम्मान
पांडुगा सयान्ना तेलंगाना के इतिहास में सामाजिक प्रतिरोध और संघर्ष से जुड़े महत्वपूर्ण व्यक्तित्व माने जाते हैं। विशेष रूप से मुदिराज समुदाय में उनके प्रति गहरी श्रद्धा है।अगस्त 2026 में मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने घोषणा की थी कि पांडुगा सयान्ना की जयंती प्रत्येक वर्ष 22 अक्टूबर को आधिकारिक रूप से मनाई जाएगी।उस समय मुख्यमंत्री ने कहा था कि पांडुगा सयान्ना का संघर्ष तेलंगाना की जनता, विशेषकर वंचित समुदायों के लिए प्रेरणादायक है।
सामाजिक न्याय को बताया सरकार की प्राथमिकता
रेवंत रेड्डी ने कहा कि उनकी सरकार समाज के सभी वर्गों को समान अवसर देने के उद्देश्य से काम कर रही है।उन्होंने सामाजिक रूप से पिछड़े वर्गों के उत्थान और उनके ऐतिहासिक योगदान को पहचान दिलाने की आवश्यकता पर जोर दिया।मुख्यमंत्री ने कहा कि तेलंगाना का विकास तभी सार्थक होगा, जब समाज के सभी समुदायों को सम्मान, शिक्षा और आगे बढ़ने के अवसर मिलेंगे।उन्होंने युवाओं से भी राज्य के ऐतिहासिक व्यक्तित्वों के संघर्ष और सामाजिक विचारों से प्रेरणा लेने की अपील की।
लगातार काम करने का पहले भी कर चुके हैं दावा
मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी इससे पहले भी अपने कामकाज को लेकर इसी तरह का दावा कर चुके हैं।सितंबर 2026 में एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा था कि उन्होंने पिछले एक हजार दिनों में एक घंटे की भी छुट्टी नहीं ली। उस दौरान उन्होंने विपक्ष के नेता के. चंद्रशेखर राव की सार्वजनिक सक्रियता पर भी सवाल उठाए थे।गुरुवार के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने एक बार फिर जनता से मिलने वाली ऊर्जा का उल्लेख किया। साथ ही उन्होंने पांडुगा सयान्ना और डोडी कोमुरैया की प्रतिमाओं की घोषणा कर तेलंगाना के ऐतिहासिक व्यक्तित्वों को सम्मान देने के अपने संकल्प को दोहराया।
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