
Telangana तेलंगाना: हैदराबाद की शी टीम्स ने चारमीनार क्षेत्र में महिलाओं को परेशान करने वाले पांच व्यक्तियों को दोषी ठहराया है। यह कार्रवाई निगरानी अभियानों और सतर्क पुलिसिंग के तहत की गई।
सूत्रों के अनुसार, टीम ने सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं के साथ कथित छेड़छाड़ और अनुचित शारीरिक संपर्क में शामिल पुरुषों को पकड़ने के लिए विशेष निगरानी अभियान चलाया। अभियान के दौरान अपराधियों को मौके पर ही पकड़ लिया गया। पकड़े गए व्यक्तियों के खिलाफ बीएनएस और सिटी पुलिस अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया था।
नामपल्ली की अदालत ने सभी पांच आरोपियों को दोषी पाया। अदालत ने फैसला सुनाते हुए उन्हें तीन दिन के साधारण कारावास और 1,000 रुपये के जुर्माने की सजा दी। अदालत के अनुसार, यह सजा स्थानीय कानून के तहत महिलाओं के खिलाफ होने वाले सार्वजनिक अपराधों के खिलाफ कड़ी चेतावनी के रूप में दी गई है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि चारमीनार जैसे व्यस्त और ऐतिहासिक क्षेत्रों में महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए शी टीम्स नियमित रूप से निगरानी अभियान चलाती रहती हैं। अधिकारियों ने कहा कि जनता को भी सहयोग करना चाहिए और किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ या अपराध की सूचना तुरंत पुलिस को देना चाहिए।
शी टीम्स की यह कार्रवाई विशेष रूप से पर्यटन और सार्वजनिक स्थलों पर महिलाओं की सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। अधिकारियों ने कहा कि चारमीनार जैसे ऐतिहासिक स्थल में ऐसे अपराध रोकने के लिए सतत निगरानी और अभियान चलाना अनिवार्य है।
पुलिस ने चेतावनी दी है कि यदि भविष्य में किसी भी व्यक्ति को महिलाओं के साथ छेड़छाड़ या अनुचित व्यवहार करते हुए पाया गया, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह कदम महिलाओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देने और सार्वजनिक स्थलों पर अपराध नियंत्रण को सुनिश्चित करने का प्रयास है।
आदालत ने कहा कि अपराधियों को पकड़ा जाना और दोषी ठहराया जाना संदेश है कि समाज में महिलाओं के खिलाफ हिंसा और अनुचित व्यवहार स्वीकार्य नहीं हैं। यह निर्णय अन्य व्यक्तियों के लिए भी एक कड़ी चेतावनी है कि कानून के तहत सभी अपराधों का उचित निवारण किया जाएगा।
शी टीम्स और स्थानीय पुलिस अधिकारियों ने जनता से अपील की है कि वे सार्वजनिक स्थानों पर सजग रहें और किसी भी आपत्तिजनक स्थिति की जानकारी तुरंत पुलिस को दें। अधिकारियों ने यह भी कहा कि सुरक्षा और निगरानी के प्रयासों को बढ़ाने के लिए इलाके में और अधिक पुलिस पेट्रोलिंग और टेक्नोलॉजी आधारित निगरानी बढ़ाई जाएगी।





