तेलंगाना

ट्राइबल वेलफेयर स्कूल में फूड पॉइजनिंग का मामला, TGHRC ने कलेक्टर से मांगी विस्तृत रिपोर्ट

Kavita2
10 July 2026 3:52 PM IST
ट्राइबल वेलफेयर स्कूल में फूड पॉइजनिंग का मामला, TGHRC ने कलेक्टर से मांगी विस्तृत रिपोर्ट
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Telangana तेलंगाना: मानवाधिकार आयोग (TGHRC) ने नागरकुर्नूल जिले के एक सरकारी ट्राइबल वेलफेयर बॉयज रेजिडेंशियल स्कूल में कथित फूड पॉइजनिंग की घटना को गंभीरता से लेते हुए जिला कलेक्टर से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। आयोग ने शुक्रवार को जिला प्रशासन को निर्देश दिया कि वह घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर जल्द रिपोर्ट सौंपे।

यह कार्रवाई मीडिया रिपोर्टों के आधार पर की गई है। आयोग ने गुरुवार को नागरकुर्नूल जिले के अमरबाद मंडल के मन्ननूर गांव स्थित सरकारी ट्राइबल वेलफेयर बॉयज रेजिडेंशियल स्कूल में कथित तौर पर हुई फूड पॉइजनिंग की घटना पर स्वत: संज्ञान लिया था।

26 से 27 छात्रों के बीमार होने की सूचना

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, स्कूल में कथित फूड पॉइजनिंग की घटना के बाद करीब 26 से 27 छात्रों ने स्वास्थ्य संबंधी शिकायतें दर्ज कराईं। छात्रों में पेट दर्द, उल्टी, दस्त और अन्य परेशानियों की शिकायत सामने आने की बात कही गई।

घटना की जानकारी मिलने के बाद स्कूल प्रशासन और संबंधित विभागों में हड़कंप मच गया। छात्रों के स्वास्थ्य को देखते हुए आवश्यक कदम उठाए गए और मामले की जानकारी उच्च अधिकारियों को दी गई।

मानवाधिकार आयोग ने मांगी जानकारी

TGHRC ने जिला कलेक्टर को निर्देश दिया है कि घटना की पूरी जानकारी उपलब्ध कराई जाए। आयोग ने यह भी जानना चाहा है कि छात्रों की तबीयत खराब होने के पीछे क्या कारण रहे और उन्हें किस तरह की चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई गई।

रिपोर्ट में स्कूल की व्यवस्था, भोजन की गुणवत्ता, भोजन तैयार करने की प्रक्रिया और छात्रों के इलाज से संबंधित जानकारी शामिल करने को कहा गया है।

भोजन की गुणवत्ता पर उठे सवाल

रेजिडेंशियल स्कूलों में छात्रों को रहने और भोजन की सुविधा सरकार की ओर से उपलब्ध कराई जाती है। ऐसे में फूड पॉइजनिंग की घटना ने स्कूलों में भोजन की गुणवत्ता और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।

आयोग यह पता लगाना चाहता है कि भोजन तैयार करने और परोसने में किसी तरह की लापरवाही हुई या नहीं। साथ ही यह भी जांच का विषय होगा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं।

प्रशासन से जांच और कार्रवाई की उम्मीद

जिला प्रशासन से मिली रिपोर्ट के आधार पर आयोग आगे की कार्रवाई कर सकता है। यदि जांच में किसी तरह की लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार अधिकारियों या संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश की जा सकती है।

मानवाधिकार आयोग ने स्पष्ट किया है कि छात्रों के स्वास्थ्य और सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही को गंभीरता से लिया जाएगा।

छात्रों की सुरक्षा पर जोर

सरकारी आवासीय स्कूलों में बड़ी संख्या में छात्र रहते हैं, जहां भोजन, स्वास्थ्य और सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी प्रशासन की होती है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए नियमित रूप से भोजन की गुणवत्ता की जांच और स्वास्थ्य निगरानी जरूरी है।

TGHRC की पहल के बाद अब जिला प्रशासन की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। रिपोर्ट मिलने के बाद ही यह साफ हो सकेगा कि घटना के पीछे वास्तविक कारण क्या था और इसके लिए कौन जिम्मेदार है।

पहले भी सामने आते रहे हैं ऐसे मामले

देश के विभिन्न हिस्सों में समय-समय पर स्कूलों और छात्रावासों में भोजन की गुणवत्ता को लेकर शिकायतें सामने आती रही हैं। कई मामलों में खराब रखरखाव, साफ-सफाई की कमी या भोजन तैयार करने में लापरवाही को कारण माना गया है।

ऐसी घटनाओं के बाद प्रशासन अक्सर स्कूलों और छात्रावासों में भोजन व्यवस्था की समीक्षा करता है।

आगे की कार्रवाई पर नजर

फिलहाल TGHRC ने नागरकुर्नूल जिला कलेक्टर से रिपोर्ट मांगी है। रिपोर्ट के आधार पर आयोग घटना की गंभीरता और आगे की कार्रवाई तय करेगा।

इस मामले ने एक बार फिर सरकारी आवासीय स्कूलों में छात्रों को मिलने वाली सुविधाओं और उनकी सुरक्षा व्यवस्था पर ध्यान केंद्रित कर दिया है। प्रशासन की जिम्मेदारी होगी कि जांच पूरी कर आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जाएं, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

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